
घिर गया ईरान, 400 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं India trapped in war: पिछले कुछ दिनों से पश्चिम एशिया में तनाव ने खुली जंग का रूप ले लिया है। अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बड़े सैन्य अभियान शुरू किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इसे ‘एपिक फ्यूरी’ ऑपरेशन कहा, जबकि इजराइल ने अपने हमले का नाम ‘शील्ड ऑफ जूडा’ रखा। इसके जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने लगभग 400 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिससे क्षेत्रीय अमेरिकी ठिकानों और शहरों में भय और अनिश्चितता फैल गई है। वहीं दूसरी ओर ईरान सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को लेकर अब विरोधाभासी

घिर गया ईरान, 400 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं India trapped in war: पिछले कुछ दिनों से पश्चिम एशिया में तनाव ने खुली जंग का रूप ले लिया है। अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बड़े सैन्य अभियान शुरू किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इसे ‘एपिक फ्यूरी’ ऑपरेशन कहा, जबकि इजराइल ने अपने हमले का नाम ‘शील्ड ऑफ जूडा’ रखा। इसके जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने लगभग 400 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिससे क्षेत्रीय अमेरिकी ठिकानों और शहरों में भय और अनिश्चितता फैल गई है। वहीं दूसरी ओर ईरान सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को लेकर अब विरोधाभासी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर खुद को वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित कर दिया। यह दावा एक ऐसी तस्वीर के साथ आया जो विकिपीडिया पेज की तरह दिखती थी। इस तस्वीर में ट्रंप की आधिकारिक फोटो के साथ लिखा था कि वह अमेरिका के 45वें और 47वें राष्ट्रपति होने के साथ-साथ जनवरी 2026 से वेनेजुएला के कार्यवाहक राष्ट्रपति भी हैं। हालांकि असली विकिपीडिया पेज पर ऐसी कोई जानकारी नहीं है। किसी भी अंतरराष्ट्रीय संस्था ने इस दावे को मान्यता नहीं दी है। लेकिन ट्रंप की इस घोषणा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर खुद को वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित कर दिया। यह दावा एक ऐसी तस्वीर के साथ आया जो विकिपीडिया पेज की तरह दिखती थी। इस तस्वीर में ट्रंप की आधिकारिक फोटो के साथ लिखा था कि वह अमेरिका के 45वें और 47वें राष्ट्रपति होने के साथ-साथ जनवरी 2026 से वेनेजुएला के कार्यवाहक राष्ट्रपति भी हैं। हालांकि असली विकिपीडिया पेज पर ऐसी कोई जानकारी नहीं है। किसी भी अंतरराष्ट्रीय संस्था ने इस दावे को मान्यता नहीं दी है। लेकिन ट्रंप की इस घोषणा

US ISIS Airstrike: शनिवार की रात पश्चिम एशिया में एक बार फिर गोलियों और लड़ाकू विमानों की गूंज सुनाई दी। अमेरिका ने ईरान और सीरिया के सीमावर्ती इलाकों में इस्लामिक स्टेट के ठिकानों पर ऐसा प्रहार किया, जिसे केवल सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि एक स्पष्ट राजनीतिक और रणनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। यह हमला अचानक नहीं था, बल्कि उस दर्द और आक्रोश का नतीजा था, जो पिछले महीने अमेरिकी सैनिकों और नागरिकों की मौत के बाद वाशिंगटन में गहराता जा रहा था। अमेरिकी विदेश विभाग और सेंट्रल कमांड द्वारा जारी किए गए वीडियो में लड़ाकू विमानों

US ISIS Airstrike: शनिवार की रात पश्चिम एशिया में एक बार फिर गोलियों और लड़ाकू विमानों की गूंज सुनाई दी। अमेरिका ने ईरान और सीरिया के सीमावर्ती इलाकों में इस्लामिक स्टेट के ठिकानों पर ऐसा प्रहार किया, जिसे केवल सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि एक स्पष्ट राजनीतिक और रणनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। यह हमला अचानक नहीं था, बल्कि उस दर्द और आक्रोश का नतीजा था, जो पिछले महीने अमेरिकी सैनिकों और नागरिकों की मौत के बाद वाशिंगटन में गहराता जा रहा था। अमेरिकी विदेश विभाग और सेंट्रल कमांड द्वारा जारी किए गए वीडियो में लड़ाकू विमानों

500 Tariff on India: अमेरिका की राजनीति और वैश्विक व्यापार संतुलन एक बार फिर आमने-सामने खड़े नजर आ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जिस नए कानून को मंजूरी दी है, उसने भारत समेत कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं की चिंता बढ़ा दी है। ‘रूस प्रतिबंध अधिनियम 2025’ नामक इस प्रस्तावित कानून के तहत अमेरिका को उन देशों पर अत्यधिक ऊंचे टैरिफ लगाने का अधिकार मिल जाएगा, जो रूस से पेट्रोलियम और यूरेनियम उत्पादों की खरीद जारी रखते हैं। भारत, जिसने यूक्रेन युद्ध के बाद ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से रूस से रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीदा, अब सीधे अमेरिकी

500 Tariff on India: अमेरिका की राजनीति और वैश्विक व्यापार संतुलन एक बार फिर आमने-सामने खड़े नजर आ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जिस नए कानून को मंजूरी दी है, उसने भारत समेत कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं की चिंता बढ़ा दी है। ‘रूस प्रतिबंध अधिनियम 2025’ नामक इस प्रस्तावित कानून के तहत अमेरिका को उन देशों पर अत्यधिक ऊंचे टैरिफ लगाने का अधिकार मिल जाएगा, जो रूस से पेट्रोलियम और यूरेनियम उत्पादों की खरीद जारी रखते हैं। भारत, जिसने यूक्रेन युद्ध के बाद ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से रूस से रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीदा, अब सीधे अमेरिकी

Venezuela: वेनेजुएला की राजनीति ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अमेरिका द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिए जाने के कुछ ही घंटों के भीतर सत्ता की बागडोर डेल्सी रोड्रिगेज के हाथों में सौंप दी गई। यह सिर्फ एक संवैधानिक प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश भी था कि वेनेजुएला की सत्ता संरचना अचानक आए झटकों के बावजूद टूटने वाली नहीं है। सोमवार दोपहर जब नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने अपनी बहन डेल्सी रोड्रिगेज को शपथ दिलाई, तो माहौल भावनात्मक भी था और राजनीतिक रूप से बेहद सधा हुआ

Venezuela: वेनेजुएला की राजनीति ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अमेरिका द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिए जाने के कुछ ही घंटों के भीतर सत्ता की बागडोर डेल्सी रोड्रिगेज के हाथों में सौंप दी गई। यह सिर्फ एक संवैधानिक प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश भी था कि वेनेजुएला की सत्ता संरचना अचानक आए झटकों के बावजूद टूटने वाली नहीं है। सोमवार दोपहर जब नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने अपनी बहन डेल्सी रोड्रिगेज को शपथ दिलाई, तो माहौल भावनात्मक भी था और राजनीतिक रूप से बेहद सधा हुआ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के तेल उद्योग को अपने नियंत्रण में लेने और उसे फिर से जीवंत करने की एक बड़ी योजना बनाई है। यह योजना राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को एक सैन्य कार्रवाई में पकड़े जाने के बाद सामने आई है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना का तेल की कीमतों पर तुरंत कोई बड़ा असर होने की संभावना नहीं है। वेनेजुएला का तेल उद्योग कई सालों से उपेक्षा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। इस वजह से उत्पादन को फिर से बढ़ाने में कई साल लग सकते हैं और

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के तेल उद्योग को अपने नियंत्रण में लेने और उसे फिर से जीवंत करने की एक बड़ी योजना बनाई है। यह योजना राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को एक सैन्य कार्रवाई में पकड़े जाने के बाद सामने आई है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना का तेल की कीमतों पर तुरंत कोई बड़ा असर होने की संभावना नहीं है। वेनेजुएला का तेल उद्योग कई सालों से उपेक्षा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। इस वजह से उत्पादन को फिर से बढ़ाने में कई साल लग सकते हैं और

US strikes on Venezuela: वेनेजुएला में हुई ताज़ा घटनाओं ने केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की राजनीति को झकझोर कर रख दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने वेनेजुएला में एक बड़े सैन्य अभियान को अंजाम दिया, जिसे रातभर चलने वाला नाटकीय ऑपरेशन बताया जा रहा है। वेनेजुएला के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से दावा किया गया है कि इस कार्रवाई में कम से कम 40 लोगों की मौत हुई, जिनमें नागरिक और सैनिक दोनों शामिल हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन घटनाक्रम की गंभीरता ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। इस

US strikes on Venezuela: वेनेजुएला में हुई ताज़ा घटनाओं ने केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की राजनीति को झकझोर कर रख दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने वेनेजुएला में एक बड़े सैन्य अभियान को अंजाम दिया, जिसे रातभर चलने वाला नाटकीय ऑपरेशन बताया जा रहा है। वेनेजुएला के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से दावा किया गया है कि इस कार्रवाई में कम से कम 40 लोगों की मौत हुई, जिनमें नागरिक और सैनिक दोनों शामिल हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन घटनाक्रम की गंभीरता ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। इस

Attack on Venezuela: दुनिया के कई हिस्से पहले ही युद्ध और तनाव की आग में झुलस रहे हैं, ऐसे में वेनेजुएला की राजधानी काराकास से आई खबरों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता और बढ़ा दी है। आज तड़के स्थानीय समयानुसार करीब रात दो बजे काराकास में एक के बाद एक कम से कम सात जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। इन धमाकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पूरे शहर में दहशत का माहौल बन गया। कई इलाकों में लोगों ने अपने घरों से बाहर निकलकर आसमान में धुएं के गुबार उठते देखे और कम ऊंचाई पर उड़ते विमानों की

Attack on Venezuela: दुनिया के कई हिस्से पहले ही युद्ध और तनाव की आग में झुलस रहे हैं, ऐसे में वेनेजुएला की राजधानी काराकास से आई खबरों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता और बढ़ा दी है। आज तड़के स्थानीय समयानुसार करीब रात दो बजे काराकास में एक के बाद एक कम से कम सात जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। इन धमाकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पूरे शहर में दहशत का माहौल बन गया। कई इलाकों में लोगों ने अपने घरों से बाहर निकलकर आसमान में धुएं के गुबार उठते देखे और कम ऊंचाई पर उड़ते विमानों की

अमेरिका के न्याय विभाग ने हाल ही में जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों का एक बड़ा संग्रह जारी किया था। लेकिन अब खबर आ रही है कि इन दस्तावेजों में से कम से कम 16 फाइलें विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से हटा दी गई हैं। यह मामला अब एक नया विवाद बनता जा रहा है क्योंकि इन हटाई गई फाइलों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक तस्वीर भी शामिल बताई जा रही है। एक निजी समाचार चैनल ने इस बात की पुष्टि की है कि हटाई गई फाइलों में से एक में राष्ट्रपति ट्रंप की तस्वीर थी। हालांकि इस

अमेरिका के न्याय विभाग ने हाल ही में जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों का एक बड़ा संग्रह जारी किया था। लेकिन अब खबर आ रही है कि इन दस्तावेजों में से कम से कम 16 फाइलें विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से हटा दी गई हैं। यह मामला अब एक नया विवाद बनता जा रहा है क्योंकि इन हटाई गई फाइलों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक तस्वीर भी शामिल बताई जा रही है। एक निजी समाचार चैनल ने इस बात की पुष्टि की है कि हटाई गई फाइलों में से एक में राष्ट्रपति ट्रंप की तस्वीर थी। हालांकि इस

Trump Russia Sanctions: नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नया मोड़ देखने को मिल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने रूस को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के लिए एक आक्रामक रणनीति तैयार की है। इस रणनीति के तहत रूस और ईरान के साथ व्यापारिक संबंध बनाए रखने वाले देशों पर अत्यधिक कड़े प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी गई है। ट्रंप प्रशासन का यह कदम यूक्रेन युद्ध को वित्तीय रूप से कमजोर करने और रूस की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाने की दिशा में उठाया गया है। रविवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में

Trump Russia Sanctions: नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नया मोड़ देखने को मिल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने रूस को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के लिए एक आक्रामक रणनीति तैयार की है। इस रणनीति के तहत रूस और ईरान के साथ व्यापारिक संबंध बनाए रखने वाले देशों पर अत्यधिक कड़े प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी गई है। ट्रंप प्रशासन का यह कदम यूक्रेन युद्ध को वित्तीय रूप से कमजोर करने और रूस की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाने की दिशा में उठाया गया है। रविवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में

अमेरिका में ‘समोसा कॉकस’ की गूंज, भारतीय मूल के नेताओं ने रचा इतिहास नई दिल्ली:अमेरिका में भारतीय मूल के दो मुस्लिम नेताओं ने इस वर्ष इतिहास रच दिया है। गुजरात मूल के जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क सिटी के मेयर चुनाव में शानदार जीत दर्ज की है, जबकि हैदराबाद मूल की गजाला हाशमी वर्जीनिया की लेफ्टिनेंट गवर्नर चुनी गई हैं। दोनों नेताओं की यह जीत न केवल भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि अमेरिकी राजनीति में उनकी बढ़ती भूमिका का भी प्रमाण है। सबसे कम उम्र के बने न्यूयॉर्क सिटी के मेयर 34 वर्षीय जोहरान ममदानी अब तक

अमेरिका में ‘समोसा कॉकस’ की गूंज, भारतीय मूल के नेताओं ने रचा इतिहास नई दिल्ली:अमेरिका में भारतीय मूल के दो मुस्लिम नेताओं ने इस वर्ष इतिहास रच दिया है। गुजरात मूल के जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क सिटी के मेयर चुनाव में शानदार जीत दर्ज की है, जबकि हैदराबाद मूल की गजाला हाशमी वर्जीनिया की लेफ्टिनेंट गवर्नर चुनी गई हैं। दोनों नेताओं की यह जीत न केवल भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि अमेरिकी राजनीति में उनकी बढ़ती भूमिका का भी प्रमाण है। सबसे कम उम्र के बने न्यूयॉर्क सिटी के मेयर 34 वर्षीय जोहरान ममदानी अब तक

न्यूयॉर्क में भारतीय मूल के जोहरान ममदानी की ऐतिहासिक जीत डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में भारतीय मूल के जोहरान ममदानी ने मेयर चुनाव जीतकर एक नया इतिहास रच दिया है। ममदानी न केवल न्यूयॉर्क के सबसे कम उम्र के मेयर बने हैं, बल्कि वे पहले मुस्लिम और दक्षिण एशियाई प्रवासी भी हैं जिन्होंने इस प्रतिष्ठित पद को हासिल किया। मंगलवार रात घोषित हुए परिणामों में उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एंड्रयू कुओमो और रिपब्लिकन उम्मीदवार कर्टिस सिल्वा को हराते हुए 50.4 प्रतिशत वोटों के साथ निर्णायक जीत दर्ज की। विजय भाषण में नेहरू का स्मरण ममदानी ने

न्यूयॉर्क में भारतीय मूल के जोहरान ममदानी की ऐतिहासिक जीत डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में भारतीय मूल के जोहरान ममदानी ने मेयर चुनाव जीतकर एक नया इतिहास रच दिया है। ममदानी न केवल न्यूयॉर्क के सबसे कम उम्र के मेयर बने हैं, बल्कि वे पहले मुस्लिम और दक्षिण एशियाई प्रवासी भी हैं जिन्होंने इस प्रतिष्ठित पद को हासिल किया। मंगलवार रात घोषित हुए परिणामों में उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एंड्रयू कुओमो और रिपब्लिकन उम्मीदवार कर्टिस सिल्वा को हराते हुए 50.4 प्रतिशत वोटों के साथ निर्णायक जीत दर्ज की। विजय भाषण में नेहरू का स्मरण ममदानी ने

अमेरिका में H-1B वीजा धारकों के लिए राहत की घड़ी अमेरिका में H-1B वीजा पर काम कर रहे भारतीय पेशेवरों और अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। हाल ही में ट्रंप प्रशासन द्वारा H-1B वीजा के लिए 1 लाख डॉलर (लगभग 88 लाख रुपये) की भारी फीस लागू की गई थी। इस फैसले ने हजारों भारतीय पेशेवरों और छात्रों की चिंता बढ़ा दी थी। लेकिन अब अमेरिकी इमिग्रेशन विभाग (USCIS) ने नई गाइडलाइन जारी कर इस फीस में छूट देने की घोषणा की है। मौजूदा वीजा धारक, F-1 स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका में रहने वाले छात्र, L-1 इंट्रा-कंपनी

अमेरिका में H-1B वीजा धारकों के लिए राहत की घड़ी अमेरिका में H-1B वीजा पर काम कर रहे भारतीय पेशेवरों और अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। हाल ही में ट्रंप प्रशासन द्वारा H-1B वीजा के लिए 1 लाख डॉलर (लगभग 88 लाख रुपये) की भारी फीस लागू की गई थी। इस फैसले ने हजारों भारतीय पेशेवरों और छात्रों की चिंता बढ़ा दी थी। लेकिन अब अमेरिकी इमिग्रेशन विभाग (USCIS) ने नई गाइडलाइन जारी कर इस फीस में छूट देने की घोषणा की है। मौजूदा वीजा धारक, F-1 स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका में रहने वाले छात्र, L-1 इंट्रा-कंपनी

ट्रंप टैरिफ ने बिगाड़ा भारत-अमेरिका व्यापार का संतुलन नई दिल्ली, बिज़नेस डेस्क।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ का सीधा असर अब भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों पर दिखाई दे रहा है। भारत से अमेरिका को होने वाला निर्यात लगातार चौथे महीने घटा है। ताज़ा रिपोर्ट में बताया गया है कि सितंबर 2025 में भारतीय निर्यात 5.5 अरब डॉलर पर सिमट गया, जो अगस्त की तुलना में 20.3% कम है। यह गिरावट सिर्फ एक महीने की नहीं, बल्कि पिछले चार महीनों से लगातार जारी है। मई में जहाँ भारत का निर्यात 8.8 अरब डॉलर था, वहीं

ट्रंप टैरिफ ने बिगाड़ा भारत-अमेरिका व्यापार का संतुलन नई दिल्ली, बिज़नेस डेस्क।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ का सीधा असर अब भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों पर दिखाई दे रहा है। भारत से अमेरिका को होने वाला निर्यात लगातार चौथे महीने घटा है। ताज़ा रिपोर्ट में बताया गया है कि सितंबर 2025 में भारतीय निर्यात 5.5 अरब डॉलर पर सिमट गया, जो अगस्त की तुलना में 20.3% कम है। यह गिरावट सिर्फ एक महीने की नहीं, बल्कि पिछले चार महीनों से लगातार जारी है। मई में जहाँ भारत का निर्यात 8.8 अरब डॉलर था, वहीं

अमेरिका में सरकारी कामकाज ठप डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका में सरकारी कामकाज एक बार फिर ठप हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कांग्रेस के बीच वार्षिक बजट पर सहमति न बन पाने के कारण सरकारी विभाग और सेवाएँ प्रभावित हो रही हैं। यह स्थिति लाखों कर्मचारियों के लिए अनिश्चितता और आर्थिक दबाव का कारण बन सकती है। शटडाउन कोई नई घटना नहीं अमेरिका में इस तरह का शटडाउन कोई नई घटना नहीं है। ट्रंप के पहले कार्यकाल में 35 दिनों का लंबा शटडाउन हुआ था, जिसका कारण अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने के लिए फंड की मांग थी।

अमेरिका में सरकारी कामकाज ठप डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका में सरकारी कामकाज एक बार फिर ठप हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कांग्रेस के बीच वार्षिक बजट पर सहमति न बन पाने के कारण सरकारी विभाग और सेवाएँ प्रभावित हो रही हैं। यह स्थिति लाखों कर्मचारियों के लिए अनिश्चितता और आर्थिक दबाव का कारण बन सकती है। शटडाउन कोई नई घटना नहीं अमेरिका में इस तरह का शटडाउन कोई नई घटना नहीं है। ट्रंप के पहले कार्यकाल में 35 दिनों का लंबा शटडाउन हुआ था, जिसका कारण अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने के लिए फंड की मांग थी।

नई दिल्ली | अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 100% tariff लगाने का ऐलान किया है, जो अब branded और patented pharmaceutical drugs imports पर लागू होगा। यह फैसला अमेरिका की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और विदेशी निर्भरता कम करने की दिशा में उठाया गया है। Trump ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा, “मैं pharmaceutical drugs पर 100% import tax लगा रहा हूं, जब तक कंपनियां अमेरिका में प्लांट्स नहीं बनातीं। जमीन तैयार होनी चाहिए, निर्माण कार्य होना चाहिए — यही डील है, कोई अपवाद नहीं।” वेब स्टोरी: भारत के लिए इसका

नई दिल्ली | अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 100% tariff लगाने का ऐलान किया है, जो अब branded और patented pharmaceutical drugs imports पर लागू होगा। यह फैसला अमेरिका की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और विदेशी निर्भरता कम करने की दिशा में उठाया गया है। Trump ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा, “मैं pharmaceutical drugs पर 100% import tax लगा रहा हूं, जब तक कंपनियां अमेरिका में प्लांट्स नहीं बनातीं। जमीन तैयार होनी चाहिए, निर्माण कार्य होना चाहिए — यही डील है, कोई अपवाद नहीं।” वेब स्टोरी: भारत के लिए इसका

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अचानक गरमाहट दिखाई दे रही है। US President Donald Trump ने शनिवार को Bagram Airbase को लेकर तालिबान को सख्त चेतावनी दी — “If Afghanistan doesn’t give Bagram Airbase back… BAD THINGS ARE GOING TO HAPPEN!” — यह संदेश उन्होंने अपने Truth Social प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करके और बाद में रिपोर्टर्स से कहते हुए दोहराया। यह बयान उस समय आया है जब Mr. Trump हाल ही में UK state visit पर थे और वहीं एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया था कि वे Bagram की वापसी के लिए कार्य कर रहे हैं और इसकी रणनीति पर बातचीत

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अचानक गरमाहट दिखाई दे रही है। US President Donald Trump ने शनिवार को Bagram Airbase को लेकर तालिबान को सख्त चेतावनी दी — “If Afghanistan doesn’t give Bagram Airbase back… BAD THINGS ARE GOING TO HAPPEN!” — यह संदेश उन्होंने अपने Truth Social प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करके और बाद में रिपोर्टर्स से कहते हुए दोहराया। यह बयान उस समय आया है जब Mr. Trump हाल ही में UK state visit पर थे और वहीं एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया था कि वे Bagram की वापसी के लिए कार्य कर रहे हैं और इसकी रणनीति पर बातचीत

नई दिल्ली: What is H-1B Visa? हाल ही में Donald Trump द्वारा H-1B Visa की fees बढ़ाने के फैसले ने Indian IT companies को हिला दिया है। लेकिन आम पाठक के मन में सवाल है – आखिर ये H-1B Visa है क्या? आइए विस्तार से समझते हैं। H-1B Visa क्या है (What is H-1B Visa)? H-1B एक non-immigrant work visa है जिसे United States Citizenship and Immigration Services (USCIS) द्वारा जारी किया जाता है। यह visa विदेशी skilled professionals को अमेरिका में काम करने की अनुमति देता है। इसका मकसद है कि जब किसी job role के लिए अमेरिकी workers

नई दिल्ली: What is H-1B Visa? हाल ही में Donald Trump द्वारा H-1B Visa की fees बढ़ाने के फैसले ने Indian IT companies को हिला दिया है। लेकिन आम पाठक के मन में सवाल है – आखिर ये H-1B Visa है क्या? आइए विस्तार से समझते हैं। H-1B Visa क्या है (What is H-1B Visa)? H-1B एक non-immigrant work visa है जिसे United States Citizenship and Immigration Services (USCIS) द्वारा जारी किया जाता है। यह visa विदेशी skilled professionals को अमेरिका में काम करने की अनुमति देता है। इसका मकसद है कि जब किसी job role के लिए अमेरिकी workers

नई दिल्ली, Trump’s H-1B Visa News: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने शुक्रवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए H-1B Visa Fees को $1,000 से बढ़ाकर $100,000 कर दिया है। यह बदलाव 9,900% की वृद्धि दर्शाता है और इसका सीधा असर भारत की शीर्ष IT कंपनियों पर पड़ने वाला है। अनुमान है कि इस नए शुल्क से भारत की पाँच बड़ी IT कंपनियों – TCS, Infosys, HCLTech, Cognizant और LTIMindtree – के FY25 में हुए कुल profits का लगभग 10% हिस्सा केवल visa fees में खर्च हो जाएगा। वेब स्टोरी: Trump’s H-1B Visa: Indian IT Industry पर सीधा असर अमेरिका

नई दिल्ली, Trump’s H-1B Visa News: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने शुक्रवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए H-1B Visa Fees को $1,000 से बढ़ाकर $100,000 कर दिया है। यह बदलाव 9,900% की वृद्धि दर्शाता है और इसका सीधा असर भारत की शीर्ष IT कंपनियों पर पड़ने वाला है। अनुमान है कि इस नए शुल्क से भारत की पाँच बड़ी IT कंपनियों – TCS, Infosys, HCLTech, Cognizant और LTIMindtree – के FY25 में हुए कुल profits का लगभग 10% हिस्सा केवल visa fees में खर्च हो जाएगा। वेब स्टोरी: Trump’s H-1B Visa: Indian IT Industry पर सीधा असर अमेरिका