
अब पूरी सच्चाई सामने आ गई है Mamata Banerjee North Bengal election campaign: कोलकाता, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शनिवार को कोलकाता एयरपोर्ट से उत्तर बंगाल के चुनावी दौरे पर रवाना हुईं। रवाना होने से पहले उन्होंने चुनाव आयोग पर कड़े शब्दों में हमला बोला और उसकी निष्पक्षता पर सीधा सवाल उठाया। ममता ने पत्रकारों को बताया, “मैं प्रचार पर जा रही हूँ। चालसा पहुँचते-पहुँचते शाम हो जाएगी।” उन्होंने अपने आगामी दौरे का कार्यक्रम बताते हुए कहा कि वे कल मयनागुड़ी से डाबग्राम जाएंगी, फिर माटीगाड़ा होते हुए सिलीगुड़ी में रुकेंगी। परसों अंडाल होते हुए पांडवेश्वर पहुँचने का कार्यक्रम है। चुनाव आयोग पर

अब पूरी सच्चाई सामने आ गई है Mamata Banerjee North Bengal election campaign: कोलकाता, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शनिवार को कोलकाता एयरपोर्ट से उत्तर बंगाल के चुनावी दौरे पर रवाना हुईं। रवाना होने से पहले उन्होंने चुनाव आयोग पर कड़े शब्दों में हमला बोला और उसकी निष्पक्षता पर सीधा सवाल उठाया। ममता ने पत्रकारों को बताया, “मैं प्रचार पर जा रही हूँ। चालसा पहुँचते-पहुँचते शाम हो जाएगी।” उन्होंने अपने आगामी दौरे का कार्यक्रम बताते हुए कहा कि वे कल मयनागुड़ी से डाबग्राम जाएंगी, फिर माटीगाड़ा होते हुए सिलीगुड़ी में रुकेंगी। परसों अंडाल होते हुए पांडवेश्वर पहुँचने का कार्यक्रम है। चुनाव आयोग पर

Election Date 2026: देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर आज बड़ा ऐलान हो सकता है। चुनाव आयोग ने आज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है, जिसके बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जा सकता है। चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही इन राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। इसके बाद कोई भी राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने के लिए नई घोषणाएं नहीं कर सकेगा। पश्चिम बंगाल में विभिन्न चरणों में मतदान होने की

Election Date 2026: देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर आज बड़ा ऐलान हो सकता है। चुनाव आयोग ने आज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है, जिसके बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जा सकता है। चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही इन राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। इसके बाद कोई भी राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने के लिए नई घोषणाएं नहीं कर सकेगा। पश्चिम बंगाल में विभिन्न चरणों में मतदान होने की

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारी पश्चिम बंगाल में 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी जोर-शोर से शुरू हो गई है। इसी क्रम में आज राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पुलिस महानिदेशक, कानून एवं व्यवस्था के महानिदेशक, पुलिस आयुक्त, विशेष पुलिस पर्यवेक्षक अधिकारी और सीआरपीएफ के महानिरीक्षक सहित कई अन्य अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर तैयारियों की समीक्षा करना था। चुनाव की तैयारियों को लेकर

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारी पश्चिम बंगाल में 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी जोर-शोर से शुरू हो गई है। इसी क्रम में आज राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पुलिस महानिदेशक, कानून एवं व्यवस्था के महानिदेशक, पुलिस आयुक्त, विशेष पुलिस पर्यवेक्षक अधिकारी और सीआरपीएफ के महानिरीक्षक सहित कई अन्य अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर तैयारियों की समीक्षा करना था। चुनाव की तैयारियों को लेकर

Rajya Sabha Election 2026: भारत चुनाव आयोग ने राज्यसभा की 37 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। ये सीटें 10 राज्यों से संबंधित हैं और इन पर चुने गए मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल 2026 में खत्म हो रहा है। इसलिए समय से पहले चुनाव की प्रक्रिया शुरू की गई है, ताकि उच्च सदन की कार्यवाही बिना किसी रुकावट के चलती रहे। जिन राज्यों में चुनाव होंगे उनमें महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना शामिल हैं। इन सभी राज्यों की कुल 37 सीटों पर मतदान 16 मार्च को

Rajya Sabha Election 2026: भारत चुनाव आयोग ने राज्यसभा की 37 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। ये सीटें 10 राज्यों से संबंधित हैं और इन पर चुने गए मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल 2026 में खत्म हो रहा है। इसलिए समय से पहले चुनाव की प्रक्रिया शुरू की गई है, ताकि उच्च सदन की कार्यवाही बिना किसी रुकावट के चलती रहे। जिन राज्यों में चुनाव होंगे उनमें महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना शामिल हैं। इन सभी राज्यों की कुल 37 सीटों पर मतदान 16 मार्च को

चुनाव आयोग की सख्ती: पश्चिम बंगाल में बड़ी कार्रवाई West Bengal Election Commission suspends 7 AEROs over SIR guideline violations: पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य में चुनावी प्रक्रिया को लेकर सख्त रुख अपनाया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आज एक महत्वपूर्ण ब्रीफिंग में कई अहम जानकारियां साझा कीं। इस ब्रीफिंग में 7 AERO (सहायक निर्वाचन रिटर्निंग ऑफिसर) के निलंबन से लेकर 2 लाख से अधिक अपात्र मतदाताओं की पहचान तक कई मुद्दों पर चर्चा की गई। यह कदम पूरे देश में पहली बार उठाया गया है जहां चुनाव आयोग ने सीधे तौर

चुनाव आयोग की सख्ती: पश्चिम बंगाल में बड़ी कार्रवाई West Bengal Election Commission suspends 7 AEROs over SIR guideline violations: पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य में चुनावी प्रक्रिया को लेकर सख्त रुख अपनाया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आज एक महत्वपूर्ण ब्रीफिंग में कई अहम जानकारियां साझा कीं। इस ब्रीफिंग में 7 AERO (सहायक निर्वाचन रिटर्निंग ऑफिसर) के निलंबन से लेकर 2 लाख से अधिक अपात्र मतदाताओं की पहचान तक कई मुद्दों पर चर्चा की गई। यह कदम पूरे देश में पहली बार उठाया गया है जहां चुनाव आयोग ने सीधे तौर

EC Suspends 7 AEROs Over Irregularities in SIR Process: पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। चुनाव आयोग ने रविवार रात को राज्य में सात सहायक चुनाव पंजीकरण अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई मतदाता सूची में संशोधन प्रक्रिया के दौरान गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के बाद की गई है। इस फैसले से राज्य की चुनावी तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं। चुनाव आयोग का सख्त रुख चुनाव आयोग ने इस मामले में कोई ढील नहीं दी है। आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को लिखे पत्र में

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पश्चिम बंगाल में चुनाव की तैयारी तेज, ममता से लेकर आयोग तक सब मैदान में पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव की आहट अब साफ सुनाई देने लगी है। चुनाव आयोग से लेकर राज्य सरकार तक, विपक्ष से लेकर सत्ता पक्ष तक, हर कोई अपनी-अपनी जगह मैदान में आ गया है। चुनाव की तारीख का ऐलान होने से पहले ही राज्य की सियासत इतनी गरम हो गई है कि हर दिन कोई न कोई नया विवाद सामने आ रहा है। अफसरों की सूची पर झगड़ा हो, ममता की बैठकें हों, DA का मसला हो या फिर नदिया में आंख दान

पश्चिम बंगाल में चुनाव की तैयारी तेज, ममता से लेकर आयोग तक सब मैदान में पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव की आहट अब साफ सुनाई देने लगी है। चुनाव आयोग से लेकर राज्य सरकार तक, विपक्ष से लेकर सत्ता पक्ष तक, हर कोई अपनी-अपनी जगह मैदान में आ गया है। चुनाव की तारीख का ऐलान होने से पहले ही राज्य की सियासत इतनी गरम हो गई है कि हर दिन कोई न कोई नया विवाद सामने आ रहा है। अफसरों की सूची पर झगड़ा हो, ममता की बैठकें हों, DA का मसला हो या फिर नदिया में आंख दान

Mamata Banerjee in Supreme Court Over SIR: राजधानी नई दिल्ली में आज सुप्रीम कोर्ट एक बार फिर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई करने जा रहा है। यह मामला राज्य में चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे विशेष गहन संशोधन यानी SIR से जुड़ा है। पिछले हफ्ते मुख्यमंत्री खुद अदालत में पेश हुई थीं और चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी शिकायतें रखी थीं। आज चुनाव आयोग अपना जवाब पेश करेगा और इस पर सुप्रीम कोर्ट अहम फैसला ले सकता है। पिछली सुनवाई में क्या हुआ था पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में एक ऐतिहासिक घटना देखने को

Mamata Banerjee in Supreme Court Over SIR: राजधानी नई दिल्ली में आज सुप्रीम कोर्ट एक बार फिर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई करने जा रहा है। यह मामला राज्य में चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे विशेष गहन संशोधन यानी SIR से जुड़ा है। पिछले हफ्ते मुख्यमंत्री खुद अदालत में पेश हुई थीं और चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी शिकायतें रखी थीं। आज चुनाव आयोग अपना जवाब पेश करेगा और इस पर सुप्रीम कोर्ट अहम फैसला ले सकता है। पिछली सुनवाई में क्या हुआ था पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में एक ऐतिहासिक घटना देखने को

चुनाव आयोग की विशेष निगरानी Mamata Banerjee vs EC: पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में संशोधन को लेकर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और चुनाव आयोग के बीच गंभीर टकराव शुरू हो गया है। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में खुद उपस्थित होकर ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपना पक्ष रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बंगाल को निशाना बना रहा है और वहां की जनता के साथ अन्याय कर रहा है। यह विवाद मुख्य रूप से 8,100 माइक्रो ऑब्जर्वर की नियुक्ति को लेकर है, जिन्हें चुनाव आयोग ने विशेष गहन संशोधन

चुनाव आयोग की विशेष निगरानी Mamata Banerjee vs EC: पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में संशोधन को लेकर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और चुनाव आयोग के बीच गंभीर टकराव शुरू हो गया है। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में खुद उपस्थित होकर ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपना पक्ष रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बंगाल को निशाना बना रहा है और वहां की जनता के साथ अन्याय कर रहा है। यह विवाद मुख्य रूप से 8,100 माइक्रो ऑब्जर्वर की नियुक्ति को लेकर है, जिन्हें चुनाव आयोग ने विशेष गहन संशोधन

Election Commission vs Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में चुनावी तैयारियों के बीच एक बार फिर से सियासी घमासान शुरू हो गया है। चुनाव आयोग और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच तनातनी चरम पर पहुंच गई है। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में एक काउंटर एफिडेविट दायर करके ममता बनर्जी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों में भड़काऊ भाषण देना, डर फैलाना और चुनावी अधिकारियों के काम में रुकावट डालना शामिल है। यह मामला स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है, जिसको लेकर पश्चिम बंगाल में लगातार विवाद बना हुआ है। स्पेशल इंटेंसिव रिविजन

Election Commission vs Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में चुनावी तैयारियों के बीच एक बार फिर से सियासी घमासान शुरू हो गया है। चुनाव आयोग और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच तनातनी चरम पर पहुंच गई है। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में एक काउंटर एफिडेविट दायर करके ममता बनर्जी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों में भड़काऊ भाषण देना, डर फैलाना और चुनावी अधिकारियों के काम में रुकावट डालना शामिल है। यह मामला स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है, जिसको लेकर पश्चिम बंगाल में लगातार विवाद बना हुआ है। स्पेशल इंटेंसिव रिविजन

पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग और TMC में टकराव Mamata Banerjee EC Allegations: पश्चिम बंगाल में आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म होता जा रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और चुनाव आयोग के बीच तनातनी अब खुलकर सामने आ गई है। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मतदाता सूची से नाम हटाने का काम पक्षपातपूर्ण तरीके से किया जा रहा है। यह विवाद अब इतना बढ़ गया है कि TMC मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी कर रही है। दिल्ली में

पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग और TMC में टकराव Mamata Banerjee EC Allegations: पश्चिम बंगाल में आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म होता जा रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और चुनाव आयोग के बीच तनातनी अब खुलकर सामने आ गई है। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मतदाता सूची से नाम हटाने का काम पक्षपातपूर्ण तरीके से किया जा रहा है। यह विवाद अब इतना बढ़ गया है कि TMC मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी कर रही है। दिल्ली में

Mamata Banerjee Election Commission Visit: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचीं। इस दौरान उनके साथ 13 ऐसे परिवारों के सदस्य भी मौजूद रहे जो SIR यानी Summary Revision प्रक्रिया से प्रभावित बताए जा रहे हैं। ममता बनर्जी का यह दौरा केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि यह उन लोगों की आवाज बुलंद करने का प्रयास था जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं या जिन्हें इस प्रक्रिया के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ा है। ममता बनर्जी ने उठाई प्रभावित परिवारों की आवाज चुनाव आयोग के

Mamata Banerjee Election Commission Visit: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचीं। इस दौरान उनके साथ 13 ऐसे परिवारों के सदस्य भी मौजूद रहे जो SIR यानी Summary Revision प्रक्रिया से प्रभावित बताए जा रहे हैं। ममता बनर्जी का यह दौरा केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि यह उन लोगों की आवाज बुलंद करने का प्रयास था जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं या जिन्हें इस प्रक्रिया के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ा है। ममता बनर्जी ने उठाई प्रभावित परिवारों की आवाज चुनाव आयोग के

SIR in UP: गोंडा जिले में विधानसभा निर्वाचक नामावली के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रशासन ने नो मैपिंग वाले 1.48 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी की है। यह कदम मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जिले के 2978 बूथों पर चलाए गए इस विशेष अभियान में 79 हजार से अधिक दावा और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। गोंडा के जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने स्वयं सदर तहसील के विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण करते हुए इस अभियान की प्रगति का जायजा लिया है। उन्होंने सभी संबंधित

SIR in UP: गोंडा जिले में विधानसभा निर्वाचक नामावली के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रशासन ने नो मैपिंग वाले 1.48 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी की है। यह कदम मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जिले के 2978 बूथों पर चलाए गए इस विशेष अभियान में 79 हजार से अधिक दावा और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। गोंडा के जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने स्वयं सदर तहसील के विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण करते हुए इस अभियान की प्रगति का जायजा लिया है। उन्होंने सभी संबंधित

नागपुर जिले में 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस बड़े जोश और उत्साह के साथ मनाया गया। इस खास मौके पर पूरे जिले में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका मुख्य उद्देश्य लोगों को लोकतंत्र के प्रति जागरूक करना और मतदान के महत्व को समझाना था। राष्ट्रीय मतदाता दिवस हर साल 25 जनवरी को मनाया जाता है, लेकिन इस बार यह दिन रविवार को पड़ा और शासकीय अवकाश होने की वजह से भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार यह कार्यक्रम 23 जनवरी 2026 को आयोजित किया गया। इस दिन का मुख्य उद्देश्य हर मतदाता को लोकतंत्र के प्रति निष्ठा की शपथ

नागपुर जिले में 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस बड़े जोश और उत्साह के साथ मनाया गया। इस खास मौके पर पूरे जिले में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका मुख्य उद्देश्य लोगों को लोकतंत्र के प्रति जागरूक करना और मतदान के महत्व को समझाना था। राष्ट्रीय मतदाता दिवस हर साल 25 जनवरी को मनाया जाता है, लेकिन इस बार यह दिन रविवार को पड़ा और शासकीय अवकाश होने की वजह से भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार यह कार्यक्रम 23 जनवरी 2026 को आयोजित किया गया। इस दिन का मुख्य उद्देश्य हर मतदाता को लोकतंत्र के प्रति निष्ठा की शपथ

देश में हर साल 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारतीय लोकतंत्र के लिए बेहद खास है क्योंकि इसी दिन भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी। इस साल भी नागपुर में इस महत्वपूर्ण दिवस को लेकर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों ने मतदान के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए शपथ ली। नागपुर के जिलाधिकारी कार्यालय में 23 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी प्रवीण महीरे ने मुख्य भूमिका

देश में हर साल 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारतीय लोकतंत्र के लिए बेहद खास है क्योंकि इसी दिन भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी। इस साल भी नागपुर में इस महत्वपूर्ण दिवस को लेकर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों ने मतदान के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए शपथ ली। नागपुर के जिलाधिकारी कार्यालय में 23 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी प्रवीण महीरे ने मुख्य भूमिका

चुनाव प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मतदाता सूची की विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सीईओ स्पेशल रोल ऑब्जर्वर, रोल ऑब्जर्वर और सीईओ कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ स्पेशल रोल ऑब्जर्वर और मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वर्चुअल माध्यम से विस्तृत चर्चा हुई। यह बैठक मतदाता सूची में संशोधन और सुधार के लिए चल रही विशेष प्रक्रिया का एक हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज

चुनाव प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मतदाता सूची की विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सीईओ स्पेशल रोल ऑब्जर्वर, रोल ऑब्जर्वर और सीईओ कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ स्पेशल रोल ऑब्जर्वर और मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वर्चुअल माध्यम से विस्तृत चर्चा हुई। यह बैठक मतदाता सूची में संशोधन और सुधार के लिए चल रही विशेष प्रक्रिया का एक हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज

हावड़ा जिला परिषद के उप-सभापति अजय भट्टाचार्य को चुनाव आयोग ने सुनवाई के लिए तलब किया था। आज उन्होंने साकराइल बीडीओ कार्यालय में सुनवाई केंद्र में हाजिर होकर अपना पक्ष रखा। इस पूरे मामले को लेकर अजय भट्टाचार्य ने गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि यह सब एक साजिश के तहत किया जा रहा है। चुनाव आयोग ने क्यों भेजा तलब चुनाव आयोग ने अजय भट्टाचार्य को तलब करते हुए कहा था कि उनके 2002 के एसआईआर (मतदाता सूचना रिपोर्ट) में दर्ज जानकारी और वर्तमान जानकारी में मेल नहीं खा रहा है। इसी आधार पर उन्हें साकराइल बीडीओ

हावड़ा जिला परिषद के उप-सभापति अजय भट्टाचार्य को चुनाव आयोग ने सुनवाई के लिए तलब किया था। आज उन्होंने साकराइल बीडीओ कार्यालय में सुनवाई केंद्र में हाजिर होकर अपना पक्ष रखा। इस पूरे मामले को लेकर अजय भट्टाचार्य ने गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि यह सब एक साजिश के तहत किया जा रहा है। चुनाव आयोग ने क्यों भेजा तलब चुनाव आयोग ने अजय भट्टाचार्य को तलब करते हुए कहा था कि उनके 2002 के एसआईआर (मतदाता सूचना रिपोर्ट) में दर्ज जानकारी और वर्तमान जानकारी में मेल नहीं खा रहा है। इसी आधार पर उन्हें साकराइल बीडीओ

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर मतदाता सूची को लेकर बवाल मच गया है। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और भारतीय जनता पार्टी के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। चुनाव आयोग से हुई बैठक के बाद अभिषेक बनर्जी के बयानों पर केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने जोरदार पलटवार किया है। यह विवाद आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है। मतदाता सूची में बदलाव का मुद्दा पश्चिम बंगाल में जारी मतदाता सूची के संशोधित संस्करण को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने गंभीर आपत्तियां जताई हैं। अभिषेक बनर्जी का कहना

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर मतदाता सूची को लेकर बवाल मच गया है। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और भारतीय जनता पार्टी के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। चुनाव आयोग से हुई बैठक के बाद अभिषेक बनर्जी के बयानों पर केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने जोरदार पलटवार किया है। यह विवाद आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है। मतदाता सूची में बदलाव का मुद्दा पश्चिम बंगाल में जारी मतदाता सूची के संशोधित संस्करण को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने गंभीर आपत्तियां जताई हैं। अभिषेक बनर्जी का कहना

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर निर्वाचन आयोग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य में 58 लाख मतदाताओं के नाम जानबूझकर मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने आयोग के सामने अपनी शिकायत दर्ज करवाई है और इस पूरे मामले को बीजेपी की साजिश बताया है। तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल में मलय घटक, अरूप बिश्वास, चंद्रिमा भट्टाचार्य, शशि पांजा और मानुष भुईया शामिल रहे। इन नेताओं ने निर्वाचन आयोग के समक्ष एक विस्तृत शिकायत पत्र सौंपा

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर निर्वाचन आयोग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य में 58 लाख मतदाताओं के नाम जानबूझकर मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने आयोग के सामने अपनी शिकायत दर्ज करवाई है और इस पूरे मामले को बीजेपी की साजिश बताया है। तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल में मलय घटक, अरूप बिश्वास, चंद्रिमा भट्टाचार्य, शशि पांजा और मानुष भुईया शामिल रहे। इन नेताओं ने निर्वाचन आयोग के समक्ष एक विस्तृत शिकायत पत्र सौंपा

पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग द्वारा शुरू की गई विशेष गहन समीक्षा प्रक्रिया में 32 लाख मतदाताओं को सुनवाई के लिए बुलाया गया है। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बारासात से तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकोली घोष दस्तीदार के परिवार के सदस्यों के नाम भी मसौदा मतदाता सूची से गायब हो गए हैं। इस घटना के बाद काकोली ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह जानबूझकर उन्हें और उनके परिवार को परेशान करने की कोशिश है। काकोली घोष दस्तीदार की 90 वर्षीय मां, दोनों बेटे और एक बहन का

पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग द्वारा शुरू की गई विशेष गहन समीक्षा प्रक्रिया में 32 लाख मतदाताओं को सुनवाई के लिए बुलाया गया है। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बारासात से तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकोली घोष दस्तीदार के परिवार के सदस्यों के नाम भी मसौदा मतदाता सूची से गायब हो गए हैं। इस घटना के बाद काकोली ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह जानबूझकर उन्हें और उनके परिवार को परेशान करने की कोशिश है। काकोली घोष दस्तीदार की 90 वर्षीय मां, दोनों बेटे और एक बहन का

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। राज्य के विभिन्न जिलों में तैनात होने वाले माइक्रो पर्यवेक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण नजरुल मंच पर आयोजित होगा, जहां हजारों अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया की बारीकियों से अवगत कराया जाएगा। प्रशिक्षण की व्यवस्था और समय चुनाव आयोग ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो अलग-अलग चरणों में बांटा है। पहला चरण सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक चलेगा। इसके बाद दूसरा चरण दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित होगा। इस

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। राज्य के विभिन्न जिलों में तैनात होने वाले माइक्रो पर्यवेक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण नजरुल मंच पर आयोजित होगा, जहां हजारों अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया की बारीकियों से अवगत कराया जाएगा। प्रशिक्षण की व्यवस्था और समय चुनाव आयोग ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो अलग-अलग चरणों में बांटा है। पहला चरण सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक चलेगा। इसके बाद दूसरा चरण दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित होगा। इस

निर्वाचन आयोग की लापरवाही का एक और मामला सामने आया है जिसमें एक निर्दोष कार्यकर्ता की जान चली गई। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक इलाके में तृणमूल कांग्रेस के बूथ स्तर के एजेंट बरकत शेख की मौत हो गई। यह मौत सामान्य नहीं थी, बल्कि चुनाव आयोग की वेबसाइट पर हुई एक छोटी सी गलती ने उन्हें इतना डरा दिया कि उनका दिल ही रुक गया। चकसेहेरदी गाँव के रहने वाले बरकत शेख के साथ जो हुआ, वह चुनावी व्यवस्था में हो रही लापरवाही की एक दर्दनाक कहानी है। बरकत शेख अपने पिता रशुल शेख के नाम से

निर्वाचन आयोग की लापरवाही का एक और मामला सामने आया है जिसमें एक निर्दोष कार्यकर्ता की जान चली गई। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक इलाके में तृणमूल कांग्रेस के बूथ स्तर के एजेंट बरकत शेख की मौत हो गई। यह मौत सामान्य नहीं थी, बल्कि चुनाव आयोग की वेबसाइट पर हुई एक छोटी सी गलती ने उन्हें इतना डरा दिया कि उनका दिल ही रुक गया। चकसेहेरदी गाँव के रहने वाले बरकत शेख के साथ जो हुआ, वह चुनावी व्यवस्था में हो रही लापरवाही की एक दर्दनाक कहानी है। बरकत शेख अपने पिता रशुल शेख के नाम से

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को एसआईआर की गणना का फार्म भरा और सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीर साझा करते हुए सभी नागरिकों से भी ऐसा करने का आग्रह किया। इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी उन बीएलओ कर्मचारियों के परिवारों को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी, जिनकी मौत एसआईआर की गणना के दौरान काम के दबाव में हुई है। अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर कर्मचारियों के साथ अमानवीय व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस प्रक्रिया को मतदाताओं और कर्मचारियों दोनों के लिए

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को एसआईआर की गणना का फार्म भरा और सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीर साझा करते हुए सभी नागरिकों से भी ऐसा करने का आग्रह किया। इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी उन बीएलओ कर्मचारियों के परिवारों को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी, जिनकी मौत एसआईआर की गणना के दौरान काम के दबाव में हुई है। अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर कर्मचारियों के साथ अमानवीय व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस प्रक्रिया को मतदाताओं और कर्मचारियों दोनों के लिए

भारत के धर्मनिरपेक्ष चरित्र को सर्वोच्च मानने की सोच नयी दिल्ली, 18 नवम्बर। कारोबार जगत से जुड़े रॉबर्ट वाड्रा ने मंगलवार को भारतीय राजनीति के एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील पहलू को सार्वजनिक रूप से रेखांकित करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के लिए चुनावी जीत या हार कभी भी प्राथमिकता नहीं रही। उनके अनुसार, गांधी परिवार के इन दोनों सदस्यों की राजनीति का केन्द्रबिंदु सदैव देश का धर्मनिरपेक्ष चरित्र, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और जनता के हितों को सर्वोपरि रखना रहा है। रॉबर्ट वाड्रा ने एक साक्षात्कार में यह स्पष्ट किया कि राहुल गांधी “राष्ट्र

भारत के धर्मनिरपेक्ष चरित्र को सर्वोच्च मानने की सोच नयी दिल्ली, 18 नवम्बर। कारोबार जगत से जुड़े रॉबर्ट वाड्रा ने मंगलवार को भारतीय राजनीति के एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील पहलू को सार्वजनिक रूप से रेखांकित करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के लिए चुनावी जीत या हार कभी भी प्राथमिकता नहीं रही। उनके अनुसार, गांधी परिवार के इन दोनों सदस्यों की राजनीति का केन्द्रबिंदु सदैव देश का धर्मनिरपेक्ष चरित्र, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और जनता के हितों को सर्वोपरि रखना रहा है। रॉबर्ट वाड्रा ने एक साक्षात्कार में यह स्पष्ट किया कि राहुल गांधी “राष्ट्र

कांग्रेस के आरोप कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर एक प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही। उनका कहना रहा कि मतदाता सूची में बड़ी संख्या में गलत प्रविष्टियां शामिल की गईं। कांग्रेस ने इस खुलासे को H-Files नाम दिया। राहुल गांधी का कहना है कि भाजपा के पक्ष में लाभ पहुंचाने के लिए मतों का गलत इस्तेमाल किया गया। कांग्रेस का आरोप है कि हरियाणा में मतदाता सूची में कई स्तरों पर त्रुटि दिखाई देती है। कांग्रेस का दावा है कि नकली मतदाताओं, अवैध नामों और थोक मतदाताओं के जरिए कुल

कांग्रेस के आरोप कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर एक प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही। उनका कहना रहा कि मतदाता सूची में बड़ी संख्या में गलत प्रविष्टियां शामिल की गईं। कांग्रेस ने इस खुलासे को H-Files नाम दिया। राहुल गांधी का कहना है कि भाजपा के पक्ष में लाभ पहुंचाने के लिए मतों का गलत इस्तेमाल किया गया। कांग्रेस का आरोप है कि हरियाणा में मतदाता सूची में कई स्तरों पर त्रुटि दिखाई देती है। कांग्रेस का दावा है कि नकली मतदाताओं, अवैध नामों और थोक मतदाताओं के जरिए कुल

Bihar Assembly Elections 2025: राज्यपाल का चुनाव आयोग पर भरोसा रखने और लोकतंत्र की मर्यादा बनाए रखने का आह्वान बिहार के आगामी विधानसभा चुनाव यानी Bihar Assembly Elections को लेकर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में दो चरणों में चुनाव कराने के निर्णय पर जनता को चुनाव आयोग पर भरोसा रखना चाहिए। राज्यपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग ने यह निर्णय अपने पास उपलब्ध जानकारी और परिस्थितियों के आधार पर लिया है। राज्यपाल ने कहा कि बिहार दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्रों में से एक है। इस ऐतिहासिक

Bihar Assembly Elections 2025: राज्यपाल का चुनाव आयोग पर भरोसा रखने और लोकतंत्र की मर्यादा बनाए रखने का आह्वान बिहार के आगामी विधानसभा चुनाव यानी Bihar Assembly Elections को लेकर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में दो चरणों में चुनाव कराने के निर्णय पर जनता को चुनाव आयोग पर भरोसा रखना चाहिए। राज्यपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग ने यह निर्णय अपने पास उपलब्ध जानकारी और परिस्थितियों के आधार पर लिया है। राज्यपाल ने कहा कि बिहार दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्रों में से एक है। इस ऐतिहासिक

KrishnaNand Paswan Statement: बुर्का और घूंघट पर चुनाव आयोग से विशेष छूट की मांग बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में चुनावी सरगर्मी के बीच भाजपा विधायक और बिहार सरकार के गन्ना उद्योग मंत्री KrishnaNand Paswan Statement के चलते सुर्खियों में हैं। पूर्वी चंपारण के हरसिद्धि विधानसभा क्षेत्र से विधायक पासवान ने हाल ही में चुनाव आयोग से एक अहम मांग रखी। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान बुर्का पहनने वाली महिलाओं को मतदान केंद्र पर रियायत दी जाती है, उसी तर्ज पर घूंघट पहनने वाली महिलाओं को भी छूट मिलनी चाहिए। मंत्री पासवान ने स्पष्ट कहा, “अगर बुर्का चलेगा, तो घूंघट

KrishnaNand Paswan Statement: बुर्का और घूंघट पर चुनाव आयोग से विशेष छूट की मांग बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में चुनावी सरगर्मी के बीच भाजपा विधायक और बिहार सरकार के गन्ना उद्योग मंत्री KrishnaNand Paswan Statement के चलते सुर्खियों में हैं। पूर्वी चंपारण के हरसिद्धि विधानसभा क्षेत्र से विधायक पासवान ने हाल ही में चुनाव आयोग से एक अहम मांग रखी। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान बुर्का पहनने वाली महिलाओं को मतदान केंद्र पर रियायत दी जाती है, उसी तर्ज पर घूंघट पहनने वाली महिलाओं को भी छूट मिलनी चाहिए। मंत्री पासवान ने स्पष्ट कहा, “अगर बुर्का चलेगा, तो घूंघट