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Silver Price Today: चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट, लेकिन कीमत अब भी 2.90 लाख से ऊपर

Silver Price Today: चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट, लेकिन कीमत अब भी 2.90 लाख से ऊपर
Silver Price Today: चांदी हुई महंगी! एक ही दिन में कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी

भारत में आज चांदी की कीमत में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। चांदी ₹291.90 प्रति ग्राम और ₹2,91,900 प्रति किलो पर पहुंच गई। कल के मुकाबले कीमत थोड़ी कम हुई है, जिससे आम खरीदारों और निवेशकों को राहत मिली है। आने वाले दिनों में कीमतें स्थिर रह सकती हैं।

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Dipali Kumari
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Silver Price Today: भारत में चांदी की कीमतों में आज हल्की गिरावट देखने को मिली है। आज चांदी का भाव ₹291.90 प्रति ग्राम और ₹2,91,900 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया है। बीते दिन के मुकाबले इसमें करीब ₹100 प्रति किलो की कमी आई है। कल चांदी ₹2,92,000 प्रति किलो के स्तर पर थी, जिससे आज आम खरीदारों को थोड़ी राहत जरूर मिली है।

चांदी न केवल एक कीमती धातु है, बल्कि भारतीय जीवनशैली, परंपरा और निवेश का अहम हिस्सा भी मानी जाती है। ऐसे में इसके दामों में होने वाला हर बदलाव सीधे आम लोगों की जेब और फैसलों को प्रभावित करता है।

चांदी क्यों मानी जाती है आम आदमी की धातु

भारत में चांदी को सोने के मुकाबले ज्यादा सुलभ धातु माना जाता है। इसकी चमक और उपयोगिता इसे हर वर्ग में लोकप्रिय बनाती है। कहा जाता है कि 1 किलोग्राम चांदी की कीमत लगभग 15 ग्राम सोने के बराबर होती है। यही कारण है कि जिन लोगों के लिए सोना खरीदना मुश्किल होता है, वे चांदी को बेहतर विकल्प मानते हैं।

ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी परिवारों तक, चांदी का इस्तेमाल आभूषण, पूजा-पाठ और निवेश के रूप में किया जाता है।

भारत के मुख्य शहरों में चांदी के ताजा भाव

शहर10 ग्राम (₹)100 ग्राम (₹)1 किलोग्राम (₹)
लखनऊ2,91929,1902,91,900
जयपुर2,91929,1902,91,900
दिल्ली2,91929,1902,91,900
पटना2,91929,1902,91,900
मुंबई2,91929,1902,91,900
अहमदाबाद2,91929,1902,91,900
पुणे2,91929,1902,91,900
कोलकाता2,91929,1902,91,900
मेरठ2,91929,1902,91,900
लुधियाना2,91929,1902,91,900
गुवाहाटी2,91929,1902,91,900
जलगांव2,91929,1902,91,900
इंदौर2,91929,1902,91,900
कानपुर2,91929,1902,91,900
सूरत2,91929,1902,91,900
नागपुर2,91929,1902,91,900
चंडीगढ़2,91929,1902,91,900
नासिक2,91929,1902,91,900
बैंगलोर2,91929,1902,91,900
अयोध्या2,91929,1902,91,900

भारतीय परंपराओं में चांदी का खास स्थान

भारत में चांदी केवल गहनों तक सीमित नहीं है। पायल, बिछिया, अंगूठी और बच्चों के आभूषणों में चांदी का खूब उपयोग होता है। धार्मिक दृष्टि से भी चांदी को शुद्ध धातु माना जाता है, इसलिए पूजा के बर्तन और मूर्तियां चांदी की बनाई जाती हैं।

इसके अलावा, भारतीय मिठाइयों पर लगने वाली चांदी की वर्क भी हमारी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है। त्योहारों और शादियों में चांदी की वर्क लगी मिठाइयां आज भी विशेष मानी जाती हैं।

चांदी की कीमतों में गिरावट की वजह

आज चांदी के दाम में आई इस हल्की गिरावट के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग में थोड़ी नरमी, औद्योगिक उपयोग में स्थिरता और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति जैसे कारक इसमें भूमिका निभा रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार संतुलन की स्थिति में है, इसलिए कीमतों में बहुत बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिल रहा।

निवेशकों के लिए क्या संकेत दे रही है चांदी

निवेश के नजरिए से देखें तो चांदी को लंबे समय का सुरक्षित विकल्प माना जाता है। सोने के मुकाबले इसकी कीमत में उतार-चढ़ाव ज्यादा होता है, लेकिन यही उतार-चढ़ाव निवेशकों को मौके भी देता है।

आज की हल्की गिरावट उन निवेशकों के लिए अवसर बन सकती है, जो चांदी में चरणबद्ध तरीके से निवेश करना चाहते हैं। हालांकि, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि एक साथ बड़ी रकम लगाने से बचें।

आम खरीदारों को क्या करना चाहिए

जो लोग चांदी के आभूषण या घरेलू उपयोग के लिए खरीदारी की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह समय थोड़ा अनुकूल माना जा सकता है। कीमतों में आई मामूली राहत से खरीदारी का दबाव कम हुआ है।

हालांकि, बाजार पर नजर बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर तेजी से बदलती हैं।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।