Vastu Tips: घर में भूलकर भी गलत दिशा में न लगाएं शादी की तस्वीर, वरना बढ़ सकती है जीवन में कलह और दूरियां

वास्तु के अनुसार घर में शादी की तस्वीर किस दिशा में लगानी चाहिए। जानें सही जगह, दिशा और जरूरी नियम, ताकि पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम और सकारात्मकता बनी रहे।
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शादी की फोटो लगाने से पहले जान लें ये जरूरी वास्तु नियम
पति-पत्नी के बीच प्यार और विश्वास को बनाए रखने के लिए घर की सजावट और वास्तु का खास महत्व होता है। कई लोग शौक या यादों के तौर पर अपनी शादी की तस्वीरें घर या बेडरूम में लगा लेते हैं लेकिन यदि इन्हें सही दिशा या सही जगह पर न लगाया जाए तो वास्तु दोष के कारण रिश्तों में खटास आने लगती है। इसलिए घर में शादी की तस्वीर लगाने से पहले वास्तु के कुछ बेहद जरूरी नियमों को जान लेना बेहद आवश्यक है।
किस दिशा में लगाना है सबसे बेहतर
विशेषज्ञों के अनुसार घर का दक्षिण-पश्चिमकोना दंपती की शादी की तस्वीर के लिए सबसे उपयुक्त माना गया है। विशेष रूप से शयनकक्ष की दक्षिण-पश्चिम दीवार पर इस तस्वीर को लगाने से दांपत्य जीवन में स्थिरता, मानसिक सुरक्षा और आपसी समझ का माहौल मजबूत होता है। यदि बेडरूम में दक्षिण-पश्चिम दिशा में जगह उपलब्ध न हो तो इसे पश्चिम दिशा की दीवार पर भी लगाया जा सकता है।
किन जगहों पर तस्वीर लगाने से बचें
दिशा सही होने के साथ-साथ यह भी बहुत जरूरी है कि तस्वीर के आस-पास का माहौल पूरी तरह साफ-सुथरा हो। वास्तु के नियमों के अनुसार:
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कभी भी बाथरूम की दीवार के ठीक पास या उससे सटी दीवार पर शादी की तस्वीर नहीं रखनी चाहिए।
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वॉशबेसिन, सीलन वाली दीवारों, गंदे कपड़ों की टोकरी (लौंड्री बास्केट) या कबाड़ से भरी जगहों के पास भी तस्वीर लगाने से बचना चाहिए। ऐसी जगहों पर तस्वीर होने से रिश्ते में नकारात्मकता आ सकती है।
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इसी प्रकार डस्टबिन, जूतों के रैक, पुराने बक्से या अस्त-व्यस्त स्टोरेज के नजदीक भी शादी की तस्वीर भूलकर भी नहीं लगानी चाहिए। यदि मुख्य प्रवेश द्वार के पास तस्वीर लगाने की सोच रहे हैं तो यह सुनिश्चित करें कि वह क्षेत्र हमेशा साफ, चमकदार और व्यवस्थित रहे।
कैसी तस्वीर और फ्रेम का करें चुनाव
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तस्वीर हमेशा ऐसी होनी चाहिए जिसमें पति-पत्नी दोनों के चेहरे पर खुशी और सहजता झलकती हो।
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यदि किसी तस्वीर में चेहरे पर गुस्सा, थकान, उदासी या दूरी का भाव दिखाई दे, तो उसे घर में सजाने से बचना चाहिए।
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तस्वीर का फ्रेम साफ, सुंदर और मजबूत होना चाहिए। टूटे हुए कांच, धुंधली या पुरानी तस्वीरों और ढीले फ्रेम का इस्तेमाल करने से परहेज करना चाहिए।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

