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अखिलेश यादव ने भाजपा पर साधा निशाना, कोडीन मामले में तस्वीरों को लेकर दिया करारा जवाब

अखिलेश यादव ने भाजपा पर साधा निशाना, कोडीन मामले में तस्वीरों को लेकर दिया करारा जवाब
Akhilesh Yadav attacks BJP: कोडीन मामले में तस्वीरों पर सपा प्रमुख का पलटवार और अहीर रेजिमेंट की मांग (File Photo)

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कोडीन मामले में BJP पर पलटवार किया। तस्वीरों को लेकर कहा कि अगर उनके साथ खड़ा व्यक्ति माफिया है तो उनकी फोटो मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों के साथ भी है। शायरी से भाजपा पर तंज कसा। साथ ही भारतीय सेना में अहीर रेजिमेंट बनाने की पुरानी मांग दोहराई और अधिक मिलिट्री स्कूल स्थापित करने का आग्रह किया।

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Asfi Shadab
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। कोडीन सिरप मामले में तस्वीरों को लेकर विवाद के बीच अखिलेश यादव ने भाजपा की नीतियों और दोहरे मानदंडों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर तस्वीर में दिखने वाला व्यक्ति माफिया है तो उनकी तस्वीर मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के साथ भी मौजूद है। अखिलेश ने शेरो-शायरी के माध्यम से भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि यह सरकार सिर्फ दूसरों पर आरोप लगाने में विश्वास रखती है।

तस्वीरों के विवाद पर अखिलेश का पलटवार

समाजवादी पार्टी के प्रमुख के साथ एक ऐसे व्यक्ति की तस्वीर सामने आई थी जिसे कफ सिरप मामले में वांछित बताया गया था। इस मुद्दे पर भाजपा ने सपा पर निशाना साधा था। जवाब में अखिलेश यादव ने कहा कि कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर दिखाई जा रही हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर तस्वीर में दिखने वाले लोग समाजवादी पार्टी के सदस्य हैं तो उन सभी के घरों पर बुलडोजर चलवाया जाए।

अखिलेश ने कहा, “कालीन भैया, कोडीन भैया सभी के यहां बुलडोजर चले। मेरे साथ खड़ा होने वाला अगर माफिया है तो मेरी तस्वीर मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री के साथ भी है।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा हमेशा दूसरों पर आरोप लगाती रहती है और झूठ बोलती है।

शायरी के जरिए भाजपा पर तंज

अखिलेश यादव ने अपनी बात को और प्रभावी बनाने के लिए शेरो-शायरी का सहारा लिया। उन्होंने कहा, “अपना चेहरा न पोछा गया आपसे, आइना बेवजह तोड़ कर रख दिया। यही कसूर है कि अपनों को बचाते रहे और दूसरों पर लगाते हैं।” इस शायरी के माध्यम से उन्होंने भाजपा की दोहरी नीति पर करारा प्रहार किया।

कोडीन मामले में 136 जिलों में एफआईआर

पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कोडीन मामले की पूरी कहानी खोलने की बात कही। उन्होंने कहा कि अगर इस मामले की पूरी स्टोरी को फॉलो किया जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने बताया कि 136 जिलों में एक से अधिक एफआईआर दर्ज हैं। यह आंकड़ा बताता है कि यह मामला कितना बड़ा और व्यापक है।

पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर का मामला

अखिलेश यादव ने पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब अमिताभ ठाकुर पुलिस के सामने पत्रकारों से कुछ कहना चाहते थे तो सारी पुलिस सीटी बजाने लगी। यह घटना दिखाती है कि सरकार किस तरह से असहमति की आवाज को दबाने की कोशिश करती है।

आजम खान पर लगाए गए मुकदमों का जिक्र

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान का उदाहरण देते हुए अखिलेश ने कहा कि उनके ऊपर कितने मुकदमे लगा दिए गए। उन्होंने कहा कि ऐसे न जाने कितने मुकदमे लगा दिए गए जो राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा थे।

सरकार की नीतियों पर सवाल

अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार की विभिन्न नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह सरकार पर्यावरण को लेकर बिल्कुल भी चिंतित नहीं है। सरकार उद्योगपतियों के लिए कुछ भी कर सकती है, इसीलिए पर्यावरण को खतरा है।

फसल बीमा योजना पर निशाना

किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि फसल बीमा योजना में किसानों से ज्यादा बीमा कंपनियों को फायदा हो रहा है। यह योजना किसानों के हित में नहीं बल्कि कंपनियों के हित में बनाई गई है।

स्वजातीय लोगों पर कार्रवाई नहीं

अखिलेश ने आरोप लगाया कि यह सरकार स्वजातीय लोगों पर कार्रवाई नहीं करती। सिर्फ विरोधियों को निशाना बनाया जाता है और अपने लोगों को बचाया जाता है।

अहीर रेजिमेंट की मांग दोहराई

शनिवार को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय सेना में अहीर रेजिमेंट बनाने की अपनी पुरानी मांग को एक बार फिर दोहराया। उन्होंने कहा कि यह समुदाय के सैनिकों की बहादुरी और बलिदान के लिए एक सही श्रद्धांजलि होगी।

पूर्व सैनिकों का सम्मान

पूर्व सैनिकों और 1962 के भारत-चीन युद्ध के दिग्गजों को सम्मानित करने के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि अहीर रेजिमेंट की मांग नई नहीं है। इसे पहले भी समाजवादी पार्टी के घोषणापत्र में शामिल किया गया था।

मिलिट्री स्कूल स्थापित करने की मांग

अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार से देश में, खासकर उत्तर प्रदेश में और मिलिट्री स्कूल स्थापित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं को सेना में जाने के लिए बेहतर प्रशिक्षण मिल सकेगा।

बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि

सैनिकों के सम्मान समारोह में बोलते हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “आज जब हम इन बहादुर सैनिकों का सम्मान करते हैं जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना लड़ाई लड़ी, तो हम उनके सम्मान और रेजिमेंट के सम्मान के लिए सेना में अहीर रेजिमेंट की मांग को भी दोहराते हैं।”

अन्य रेजिमेंट की मांग का समर्थन

अखिलेश यादव ने कहा कि अगर अन्य समुदायों की ओर से भी रेजिमेंट बनाने की मांगें हैं, तो उन्हें भी आगे लाया जाना चाहिए। हर समुदाय के बहादुर सैनिकों को उचित सम्मान मिलना चाहिए।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ जहां वे भाजपा की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सैनिकों के सम्मान और अधिकारों की बात भी कर रहे हैं। उनका यह दोहरा रुख उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकता है।

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।