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सिगरेट की कालाबाजारी: कोलकाता में बजट के बाद भी जारी है अवैध व्यापार, ओडिशा ने लगाई पाबंदी

सिगरेट की कालाबाजारी: कोलकाता में बजट के बाद भी जारी है अवैध व्यापार, ओडिशा ने लगाई पाबंदी
Cigarette Black Marketing: कोलकाता में सिगरेट की कालाबाजारी जारी, ओडिशा ने लगाई पाबंदी (File Photo)

Cigarette Black Marketing: कोलकाता में बजट में GST बढ़ने के बाद सिगरेट की कालाबाजारी जारी है। दुकानदार और वितरक कंपनी द्वारा कीमत बढ़ाने से पहले ही अतिरिक्त पैसे वसूल रहे हैं। ओडिशा ने तंबाकू उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया है। टोबाको इंस्टीट्यूट ने चिंता जताई है और बीजेपी सांसद ने सरकार को चेतावनी दी है।

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Asfi Shadab
Asfi Shadab
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तंबाकू उद्योग में अस्थिरता का दौर जारी है। बजट में सिगरेट पर GST बढ़ाने के बाद से ही बाजार में अफरातफरी मची हुई है। कंपनियों के दाम बढ़ाने से पहले ही दुकानदार और वितरक मनमाने दाम वसूल रहे हैं। कोलकाता समेत पूरे पश्चिम बंगाल में सिगरेट की कालाबाजारी चरम पर है। इसी बीच पड़ोसी राज्य ओडिशा ने तंबाकू उत्पादों और सिगरेट पर पाबंदी लगा दी है। यह स्थिति न सिर्फ ग्राहकों के लिए परेशानी का सबब बन रही है, बल्कि पूरे तंबाकू उद्योग में संकट की घंटी बजा रही है।

बजट से पहले ही शुरू हुई कालाबाजारी

फरवरी से नया GST लागू होना था, लेकिन जनवरी महीने से ही तंबाकू उद्योग में हलचल शुरू हो गई। सिगरेट और पान मसाला के बाजार में अस्थिरता का माहौल बन गया। बजट में सिगरेट की कीमतें बढ़ाई गईं, लेकिन कंपनियों द्वारा आधिकारिक तौर पर दाम बढ़ाने से पहले ही दुकानदारों ने अतिरिक्त पैसे वसूलना शुरू कर दिया। यह कालाबाजारी अब भी जारी है और ग्राहकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

ओडिशा का सख्त फैसला

इसी बीच ओडिशा सरकार ने तंबाकू उत्पादों और सिगरेट पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। ओडिशा के इस फैसले से पड़ोसी राज्यों में भी इसका असर देखने को मिल सकता है। हालांकि, पश्चिम बंगाल में अभी तक ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया है और यहां कालाबाजारी बेरोकटोक जारी है।

टोबाको इंस्टीट्यूट की चिंता

टोबाको इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने खुले बाजार में सिगरेट के अतिरिक्त दाम वसूलने को लेकर गंभीर चिंता जताई है। संस्था के अनुसार, बड़ी संख्या में शिकायतें मिली हैं कि दुकानदार प्रिंटेड कीमत से ज्यादा पैसे ले रहे हैं। सिर्फ छोटे दुकानदार ही नहीं, बल्कि बड़े वितरक भी इस कालाबाजारी में शामिल हैं। यह स्थिति उद्योग के लिए चिंताजनक है और सरकार को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

मोदी सरकार के खिलाफ आलोचना

GST में बढ़ोतरी को लेकर मोदी सरकार को घर और बाहर दोनों जगह आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। टोबाको बोर्ड के चेयरमैन यशवंतकुमार चिडीपथु, जो खुद बीजेपी सांसद हैं, ने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखकर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि इस कदम से सिगरेट और तंबाकू उद्योग कालाबाजारी की ओर बढ़ेगा। साथ ही म्यांमार और नेपाल से अवैध रूप से सिगरेट आने का खतरा बढ़ेगा, जिससे भारतीय बाजार को नुकसान होगा।

विदेशी सिगरेट का खतरा

पूर्वोत्तर राज्यों में नेपाल और म्यांमार की सिगरेट पहले से ही बाजार में उपलब्ध हैं। शिलीगुड़ी में भी नेपाली सिगरेट मिलना आम बात है। इन सिगरेटों में तेज तंबाकू होता है और कई लोग इनके आदी हो चुके हैं। अब GST बढ़ने से भारतीय सिगरेट महंगी हो जाएंगी तो इन विदेशी सिगरेटों की मांग और बढ़ सकती है। यह भारतीय उद्योग के लिए बड़ा खतरा है।

नए GST का असर

1 फरवरी से तंबाकू उत्पादों पर GST 28 प्रतिशत हो गया है। इसके साथ ही अतिरिक्त कंपनसेशन सेस और केंद्रीय उत्पाद शुल्क भी जुड़ेगा। दूसरी ओर, बीड़ी पर GST घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इसका मतलब है कि एक पैकेट सिगरेट (10 सिगरेट) बनाने और बाजार में उतारने में कंपनियों को 20 से 40 रुपये तक अतिरिक्त खर्च करना होगा। उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि सबसे सस्ती 5 रुपये वाली सिगरेट अब कम से कम 6 रुपये की हो जाएगी। महंगी सिगरेट तो और भी ज्यादा महंगी होंगी।

ग्राहकों की परेशानी

कई ग्राहक डर से पहले ही ज्यादा सिगरेट खरीदने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे दुकानदारों के चक्कर में फंस रहे हैं। दुकानदार अभी से ही मनमाना दाम वसूल रहे हैं। कोलकाता के सिगरेट वितरक गौरधनदास एंड कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ दुकानदार कालाबाजारी कर रहे हैं, यह सच है। लेकिन GST लागू होने के डर से कई लोग ज्यादा सिगरेट खरीद रहे हैं, जो समस्या बढ़ा रहा है।

स्वास्थ्य या राजस्व

केंद्र सरकार का दावा है कि तंबाकू से होने वाली बीमारियों, खासकर कैंसर की संभावना को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है। लेकिन इससे तंबाकू उद्योग का शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है। ITC के शेयर की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई है। अन्य तंबाकू उत्पाद बनाने वाली कंपनियों के शेयर भी गिरे हैं। सोमवार को बाजार और नीचे गया, हालांकि शाम को कुछ सुधार हुआ।

बाजार में नई कीमतें कब

फरवरी की दो तारीख बीत जाने के बाद भी बाजार में नई कीमतों वाली सिगरेट या पान मसाला के पैकेट नहीं आए हैं। पुरानी सिगरेट ही ऊंचे दाम पर बिक रही हैं। हर पैकेट पर 5 से 10 रुपये अतिरिक्त लिए जा रहे हैं। कोलकाता में कई वितरक पुरानी कीमतों पर बड़ी मात्रा में सिगरेट और पान मसाला स्टॉक करके कालाबाजारी कर रहे हैं। शेयर बाजार में जो गिरावट आई है, उसके जल्द सुधरने के कोई संकेत नहीं हैं। बीड़ी का GST कम करने के बावजूद उसकी कीमतों में कमी आने के संकेत नहीं हैं।

इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा नुकसान आम उपभोक्ताओं का हो रहा है। एक ओर सरकार स्वास्थ्य के नाम पर कर बढ़ा रही है, दूसरी ओर व्यापारी इसका फायदा उठाकर कालाबाजारी कर रहे हैं। जब तक सरकार सख्त कार्रवाई नहीं करेगी, यह स्थिति जारी रहेगी और भारतीय तंबाकू उद्योग को नुकसान होता रहेगा।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।