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कोलकाता में अचानक भूकंप के झटके, लोग सड़कों पर उतरे

कोलकाता में अचानक भूकंप के झटके, लोग सड़कों पर उतरे
Kolkata Earthquake: कोलकाता में भूकंप के तेज झटके, जानें पूरी खबर

Kolkata Earthquake: कोलकाता में रात 9 बजकर 5 मिनट पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। करीब 15 सेकंड तक कंपन रहा जिससे लोग डर के मारे सड़कों पर आ गए। आसपास के कई जिलों में भी झटके महसूस हुए। अभी तक किसी नुकसान की खबर नहीं है। प्रशासन अलर्ट पर है।

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Asfi Shadab
Asfi Shadab
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कोलकाता में रात के समय अचानक भूकंप के झटके महसूस किए गए। रात 9 बजकर 5 मिनट पर शहर के बड़े इलाके में जमीन हिल गई। करीब 15 सेकंड तक कंपन महसूस किया गया। लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर सड़कों पर आ गए। यह झटके सिर्फ कोलकाता में ही नहीं बल्कि आसपास के कई जिलों में भी महसूस किए गए। हालांकि अभी तक किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं आई है। यह घटना एक बार फिर से भूकंप की आशंका को लेकर लोगों को सचेत करती है।

भूकंप के झटके से हड़कंप

रात के समय जब ज्यादातर लोग अपने घरों में आराम कर रहे थे, तभी अचानक भूकंप के झटके ने सबको चौंका दिया। कोलकाता के विभिन्न इलाकों में लोगों ने महसूस किया कि इमारतें हिल रही हैं। कुछ लोगों ने बताया कि उनके घरों के दरवाजे और खिड़कियां भी कांपने लगी थीं। डर के मारे परिवार के लोग तुरंत बाहर निकल आए। सड़कों पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सभी आपस में इस घटना के बारे में बात कर रहे थे।

करीब 15 सेकंड तक चले इस कंपन ने लोगों के दिल में दहशत पैदा कर दी। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा डर गए। कई लोगों ने तुरंत अपने रिश्तेदारों को फोन करके हालचाल पूछी। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। कुछ ही मिनटों में यह खबर पूरे शहर में फैल गई।

किन इलाकों में महसूस हुए झटके

भूकंप के झटके सिर्फ कोलकाता शहर में ही नहीं, बल्कि उसके आसपास के कई इलाकों में भी महसूस किए गए। उत्तरी कोलकाता, दक्षिणी कोलकाता, पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में रहने वाले लोगों ने कंपन महसूस किया। इसके अलावा हावड़ा, हुगली, नॉर्थ 24 परगना और साउथ 24 परगना जैसे जिलों में भी झटके महसूस हुए।

कई इलाकों में लोगों ने बताया कि उन्हें लगा जैसे कोई बड़ा ट्रक उनके घर के पास से गुजर रहा हो। कुछ लोगों ने कहा कि उनके घर की छत से आवाज आने लगी थी। ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने ज्यादा तेज कंपन महसूस किया। कई लोग लिफ्ट में फंसने के डर से सीढ़ियों से नीचे उतरे।

भूकंप की तीव्रता और केंद्र

अभी तक भूकंप की सटीक तीव्रता और उसके केंद्र के बारे में आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। भूकंप विज्ञान विभाग के विशेषज्ञ इसकी जांच कर रहे हैं। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मध्यम तीव्रता का भूकंप था। हालांकि 15 सेकंड तक चलने वाला यह कंपन लोगों के लिए डरावना था।

विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम बंगाल में समय-समय पर हल्के भूकंप के झटके आते रहते हैं। यह इलाका भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। पूर्वी भारत में नेपाल और तिब्बत की सीमा के पास टेक्टॉनिक प्लेटों की हलचल से ऐसे झटके आते हैं। कभी-कभी बंगाल की खाड़ी में भी भूकंप के केंद्र होते हैं।

प्रशासन की तैयारी

भूकंप के झटकों के बाद स्थानीय प्रशासन ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी हालात पर नजर रख रहे हैं। फायर ब्रिगेड और आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया है। अगर किसी तरह की आवश्यकता हो तो तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और सावधानी बरतें। अगर फिर से झटके आएं तो खुली जगह पर जाएं। भारी सामान से दूर रहें और लिफ्ट का इस्तेमाल न करें। सीढ़ियों का उपयोग करें। बच्चों और बुजुर्गों का खास ख्याल रखें।

लोगों की प्रतिक्रिया

भूकंप के झटकों के बाद लोगों में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखी गईं। कुछ लोग बहुत डर गए जबकि कुछ ने इसे सामान्य घटना माना। सोशल मीडिया पर लोगों ने अपने अनुभव शेयर किए। कई लोगों ने वीडियो भी बनाए जिसमें लोग सड़कों पर खड़े दिखाई दे रहे थे।

एक स्थानीय निवासी ने बताया कि वह टीवी देख रहा था तभी अचानक पूरा घर हिलने लगा। उसे लगा कि कोई बड़ी दुर्घटना हो गई है। तुरंत परिवार के साथ बाहर आ गया। एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि यह उसके जीवन में पहली बार ऐसा अनुभव था। वह बहुत डर गया था।

भूकंप से बचाव के उपाय

विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप एक प्राकृतिक आपदा है जिसकी भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। हालांकि सही तैयारी और सावधानी से नुकसान को कम किया जा सकता है। भूकंप के समय घबराना नहीं चाहिए। अगर घर के अंदर हैं तो किसी मजबूत मेज या बेड के नीचे छिप जाएं। दरवाजे की चौखट के पास खड़े हो सकते हैं।

अगर बाहर हैं तो खुली जगह पर जाएं। इमारतों, बिजली के तारों और पेड़ों से दूर रहें। गाड़ी चला रहे हैं तो सुरक्षित जगह पर रोक दें। भूकंप के बाद सावधानी से इमारत के अंदर जाएं। दरारों और नुकसान की जांच करें। गैस लीक या बिजली की खराबी हो सकती है इसलिए सतर्क रहें।

पूर्वी भारत में भूकंप की संभावना

पूर्वी भारत खासकर पश्चिम बंगाल, बिहार और पूर्वोत्तर राज्य भूकंपीय रूप से संवेदनशील क्षेत्र हैं। हिमालय क्षेत्र में टेक्टॉनिक प्लेटों की हलचल यहां भूकंप का मुख्य कारण है। समय-समय पर छोटे-बड़े झटके आते रहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस क्षेत्र में बड़े भूकंप की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

इसलिए जरूरी है कि लोग भूकंप से बचाव के तरीके जानें। घरों और इमारतों का निर्माण भूकंप प्रतिरोधी तरीके से किया जाए। स्कूलों और दफ्तरों में समय-समय पर भूकंप ड्रिल कराई जाए। आपदा प्रबंधन की तैयारी रखी जाए। इससे नुकसान को कम किया जा सकता है और जानें बचाई जा सकती हैं।

कोलकाता में आज रात आए भूकंप के झटकों ने एक बार फिर याद दिलाया है कि प्रकृति कितनी शक्तिशाली है। हालांकि कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ लेकिन यह घटना सबक देती है कि हमें हमेशा तैयार रहना चाहिए। सरकार और लोगों दोनों को मिलकर भूकंप जैसी आपदाओं से निपटने की तैयारी करनी चाहिए।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।