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Bihar Exit Poll 2025: एनडीए को स्पष्ट बहुमत की संभावना, महागठबंधन पिछड़ा, नीतीश कुमार की फिर से वापसी तय!

Bihar Exit Poll 2025: एनडीए को स्पष्ट बहुमत की संभावना, महागठबंधन पिछड़ा, नीतीश कुमार की फिर से वापसी तय!
Bihar Exit Poll 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को बहुमत की आहट, महागठबंधन पिछड़ा (FIle Photo)

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के एग्जिट पोल्स में एनडीए गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए को 130 से 167 सीटों तक मिलने का अनुमान है, जबकि महागठबंधन पिछड़ता दिख रहा है। जन सुराज और अन्य दलों का प्रदर्शन कमजोर रहा है।

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Asfi Shadab
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Bihar Exit Poll 2025: एग्जिट पोल में एनडीए की बढ़त, महागठबंधन के लिए मुश्किलें बढ़ीं

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मतदान के बाद आए एग्जिट पोल्स ने राज्य की राजनीतिक हवा का रुख साफ कर दिया है। लगभग सभी प्रमुख एग्जिट पोल्स में एनडीए गठबंधन को बहुमत की ओर बढ़ता हुआ दिखाया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए को जहां जनता का समर्थन मिलता दिख रहा है, वहीं महागठबंधन को नुकसान झेलना पड़ सकता है।
वहीं, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (JSP) का प्रदर्शन उम्मीद से कमजोर रहा है।


आईएएनएस के एग्जिट पोल के आंकड़े

MATRIZE–आईएएनएस ने सबसे पहले अपने सर्वे के नतीजे जारी किए। इस एग्जिट पोल के अनुसार, एनडीए को 48 प्रतिशत वोट शेयर मिलने की संभावना जताई गई है, जबकि महागठबंधन को 37 प्रतिशत और अन्य दलों को 15 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं।
सीटों के अनुमान के अनुसार, एनडीए को 147 से 167 सीटें, महागठबंधन को 70 से 90 सीटें, और अन्य को कुछ सीमित सीटें मिलने का अनुमान है।
इन नतीजों से साफ है कि नीतीश कुमार और भाजपा की जोड़ी फिर से सत्ता में लौट सकती है।


प्रमुख एजेंसियों के अनुसार संभावित सीटें

सर्वे एजेंसीएनडीएमहागठबंधनजेडीयूपी (JSP)अन्य
चाणक्य130–138100–10803–5
पीपुल्स पल्स133–15975–10100
पोलस्ट्रेट133–14887–10203–5
पीपुल्स इनसाइट133–14887–1020–23–6
मेट्रिक्स (आईएएनएस)147–16770–9000
जेवीसी135–15088–10303–6

लगभग सभी एजेंसियों में एनडीए को 130 से 167 सीटों तक मिलने का अनुमान है, जबकि महागठबंधन को 70 से 108 सीटों के बीच सीमित बताया गया है।


जेवीसी पोल, एनडीए के पक्ष में बंपर बहुमत का संकेत

Bihar Exit Poll 2025: जेवीसी एग्जिट पोल ने भी एनडीए को भारी बहुमत मिलता दिखाया है। सर्वे के अनुसार, एनडीए को 135-150 सीटें, महागठबंधन को 88-103 सीटें, और अन्य को 3-6 सीटें मिलने की संभावना है।
यह परिणाम भी इस बात को पुष्ट करता है कि मतदाता इस बार भी स्थिर शासन की दिशा में वोट कर रहे हैं।


पीपल्स इंसाइट सर्वे, नीतीश की सरकार बनती दिखी

पीपल्स इंसाइट द्वारा जारी सर्वे रिपोर्ट में भी एनडीए की सरकार बनती दिख रही है। आंकड़ों के मुताबिक, एनडीए को 133-148 सीटें, महागठबंधन को 87-102 सीटें, जबकि जन सुराज को 0-2 सीटें और अन्य दलों को 3-6 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है।
इस पोल के अनुसार, भाजपा और जदयू का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा है।


POLSTRAT के एग्जिट पोल में भी NDA को बढ़त

POLSTRAT के ताजा एग्जिट पोल के अनुसार, एनडीए को 133-148 सीटें, महागठबंधन को 87-102 सीटें, और अन्य दलों को 3-5 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।
सीटों के ब्योरे में भाजपा को 68-72 सीटें, जदयू को 55-60 सीटें, लोजपा (रामविलास) को 9-12 सीटें, हम को 1-2 सीटें, और आरएलएम को 0-2 सीटें मिलने की संभावना है।


चाणक्य STRATEGIES पोल ने भी एनडीए सरकार का संकेत दिया

चाणक्य STRATEGIES पोल के अनुसार, एनडीए को 130-138 सीटें, महागठबंधन को 100-108 सीटें, और अन्य दलों को 3-5 सीटें मिलने की संभावना है।
यह सर्वे दर्शाता है कि विपक्ष का वोट बैंक विभाजित हुआ है, जिससे एनडीए को सीधा लाभ मिला है।


पीपल्स पल्स के अनुसार एनडीए की वापसी तय

पीपल्स पल्स के एग्जिट पोल ने भी एनडीए को पूर्ण बहुमत की ओर अग्रसर बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, एनडीए को 133-159 सीटें, महागठबंधन को 75-101 सीटें, जन सुराज को 0-5 सीटें, और अन्य को 2-8 सीटें मिल सकती हैं।
इस सर्वे से स्पष्ट है कि बिहार की जनता ने एक बार फिर विकास और स्थिरता के पक्ष में मतदान किया है।


राजनीतिक समीकरण और जनमत का रुझान

बिहार के इस चुनाव में युवाओं और महिला मतदाताओं का रुझान एनडीए की ओर ज्यादा दिखाई दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और नीतीश कुमार के प्रशासनिक अनुभव का असर मतदाताओं पर स्पष्ट रूप से देखा गया।
वहीं, महागठबंधन में नेतृत्व की अस्पष्टता और सीट बंटवारे को लेकर असंतोष ने उनके प्रदर्शन को कमजोर किया।


नीतीश कुमार की सत्ता में वापसी लगभग तय | Bihar Exit Poll 2025

सभी प्रमुख एग्जिट पोल्स के अनुसार, बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनने की संभावना प्रबल है। यदि ये नतीजे वास्तविक परिणामों के करीब रहते हैं, तो नीतीश कुमार एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
हालांकि, अंतिम फैसला 2025 के चुनाव परिणामों की घोषणा के दिन ही होगा, लेकिन वर्तमान परिदृश्य में बिहार की जनता का झुकाव स्थिर शासन और विकास के एजेंडे की ओर साफ दिखाई देता है।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।