Gangasagar Mela Preparations: कपिल मुनि मंदिर के पास समुद्र तट संवारने की योजना, बनेगा तीसरा जलमार्ग

Gangasagar Mela Preparations: गंगासागर मेले की तैयारियां तेज। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनेगा तीसरा जलमार्ग और लॉट नंबर 8 पर होगी नियमित आरती। कपिल मुनि मंदिर के पास तट संवारने की योजना।
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श्रद्धालुओं के लिए होगी नियमित गंगा आरती
Gangasagar Mela Preparations: आगामी गंगासागर मेले को सुचारू और भव्य बनाने के लिए जिला प्रशासन और राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मेले को ‘राष्ट्रीय मेला’ का दर्जा दिलाने श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने और समुद्र तट के कटाव को रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
ज्वार-भाटे की समस्या से निपटने के लिए बनेगा तीसरा जलमार्ग
मुरिगंगा नदी में भाटे के दौरान नौकाओं और वेसल्स की आवाजाही ठप हो जाती है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए वर्तमान दो चैनलों के बजाय तीसरे चैनल के संrचालन पर मंथन किया जा रहा है। सुंदरबन विकास मंत्री ने बताया कि सिंचाई विभाग इस प्रस्ताव की व्यावहारिकता का अध्ययन कर रहा है। आवश्यकता पड़ने पर तीसरे जलमार्ग की खुदाई और रखरखाव के लिए बाहरी तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी।
कपिल मुनि मंदिर के पास समुद्र तट को संवारने की योजना
मानसून के दस्तक देते ही गंगासागर तट विशेषकर कपिल मुनि मंदिर के सामने समुद्री कटाव की समस्या गहराने लगी है। प्रशासन ने इस पर चिंता जताते हुए सिंचाई विभाग को दैनिक आधार पर निगरानी रखने और तुरंत रोधी कदम उठाने के कड़े निर्देश दिए हैं ताकि ऐतिहासिक मंदिर और तट पूरी तरह सुरक्षित रहें।
राष्ट्रीय मेला घोषित कराने की पहल तेज
राज्य सरकार ने गंगासागर मेले को राष्ट्रीय मेले का दर्जा दिलाने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए हैं। इसके लिए केंद्र सरकार को पुनः पत्र भेजा गया है। सुंदरबन विकास विभाग के मंत्री ने सभी विभागों को राष्ट्रीय स्तर के मानकों को ध्यान में रखते हुए विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार करने का निर्देश दिया है।
लॉट नंबर 8 पर बनेगा स्थायी घाट होगी नियमित आरती
श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए लॉट नंबर 8 पर एक स्थायी घाट का निर्माण किया जाएगा। जहा नियमित गंगा आरती आयोजित करने की योजना है। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस बार मेले में आने वाले तीर्थयात्रियों को यातायात या ठहरने में किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

