
SIR in Jharkhand: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की शुरुआत आज यानि 30 जून से हो गई है। इस अभियान के तहत 30 जून से 29 जुलाई तक बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्याप न करेंगे और उनकी पिछली विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची से मैपिंग सुनिश्चित करेंगे। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। बीएलओ प्रत्येक मतदाता को

SIR in Jharkhand: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की शुरुआत आज यानि 30 जून से हो गई है। इस अभियान के तहत 30 जून से 29 जुलाई तक बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्याप न करेंगे और उनकी पिछली विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची से मैपिंग सुनिश्चित करेंगे। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। बीएलओ प्रत्येक मतदाता को

Supreme Court on SIR: बिहार की राजनीति और चुनावी माहौल के बीच सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा शुरू की गई मतदाता सूची की “विशेष गहन पुनरीक्षण” यानी SIR प्रक्रिया को सही और कानूनी बताया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब बिहार में वोटर लिस्ट की जांच और अपडेट का काम जारी रहेगा। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने साफ कहा कि सिर्फ इसलिए इस प्रक्रिया को अवैध नहीं कहा जा सकता क्योंकि यह सामान्य वोटर लिस्ट अपडेट प्रक्रिया से अलग है। अदालत ने माना कि चुनाव

Supreme Court on SIR: बिहार की राजनीति और चुनावी माहौल के बीच सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा शुरू की गई मतदाता सूची की “विशेष गहन पुनरीक्षण” यानी SIR प्रक्रिया को सही और कानूनी बताया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब बिहार में वोटर लिस्ट की जांच और अपडेट का काम जारी रहेगा। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने साफ कहा कि सिर्फ इसलिए इस प्रक्रिया को अवैध नहीं कहा जा सकता क्योंकि यह सामान्य वोटर लिस्ट अपडेट प्रक्रिया से अलग है। अदालत ने माना कि चुनाव

West Bengal SIR: पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच वोटर लिस्ट को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है, जिसने लाखों लोगों की चिंता बढ़ा दी है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की प्रक्रिया के तहत चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद अब तक करीब 91 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने की स्थिति बन चुकी है। हालांकि अंतिम आंकड़े अभी जारी नहीं हुए हैं, लेकिन उपलब्ध जानकारी ने सियासी और सामाजिक दोनों स्तरों पर हलचल तेज कर दी है। करीब 27 लाख मतदाताओं के नाम कटे मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, न्यायिक निर्णय

West Bengal SIR: पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच वोटर लिस्ट को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है, जिसने लाखों लोगों की चिंता बढ़ा दी है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की प्रक्रिया के तहत चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद अब तक करीब 91 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने की स्थिति बन चुकी है। हालांकि अंतिम आंकड़े अभी जारी नहीं हुए हैं, लेकिन उपलब्ध जानकारी ने सियासी और सामाजिक दोनों स्तरों पर हलचल तेज कर दी है। करीब 27 लाख मतदाताओं के नाम कटे मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, न्यायिक निर्णय

Mamata Banerjee Supreme Court: भारत की राजनीति में कुछ पल ऐसे होते हैं, जो केवल कानूनी लड़ाई नहीं रहते, बल्कि लोकतंत्र के बड़े सवाल बन जाते हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचना भी कुछ ऐसा ही क्षण है। यह सिर्फ एक रिट याचिका नहीं, बल्कि मतदाता अधिकार, संघीय ढांचे और लोकतांत्रिक भरोसे से जुड़ा मामला बन चुका है। ममता बनर्जी ने भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ सीधे सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। खास बात यह रही कि वह सिर्फ याचिकाकर्ता नहीं रहीं, बल्कि सुनवाई के दौरान

Mamata Banerjee Supreme Court: भारत की राजनीति में कुछ पल ऐसे होते हैं, जो केवल कानूनी लड़ाई नहीं रहते, बल्कि लोकतंत्र के बड़े सवाल बन जाते हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचना भी कुछ ऐसा ही क्षण है। यह सिर्फ एक रिट याचिका नहीं, बल्कि मतदाता अधिकार, संघीय ढांचे और लोकतांत्रिक भरोसे से जुड़ा मामला बन चुका है। ममता बनर्जी ने भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ सीधे सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। खास बात यह रही कि वह सिर्फ याचिकाकर्ता नहीं रहीं, बल्कि सुनवाई के दौरान

Mamta Banerjee: देश की सर्वोच्च अदालत में आज एक असाधारण दृश्य देखने को मिला, जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट में वकील बनकर पहुंचीं. यह पहली बार हो रहा है जब कोई मौजूदा मुख्यमंत्री शीर्ष अदालत में खुद कानूनी दलीलें देने आई हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट में वकील की हैसियत से वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर अपनी आपत्तियां रखने पहुंचीं हैं। सुप्रीम कोर्ट में इस समय पश्चिम बंगाल में चल रहे एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर सुनवाई चल रही है। ममता बनर्जी इस प्रक्रिया को असंवैधानिक और अपारदर्शी बताते

Mamta Banerjee: देश की सर्वोच्च अदालत में आज एक असाधारण दृश्य देखने को मिला, जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट में वकील बनकर पहुंचीं. यह पहली बार हो रहा है जब कोई मौजूदा मुख्यमंत्री शीर्ष अदालत में खुद कानूनी दलीलें देने आई हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट में वकील की हैसियत से वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर अपनी आपत्तियां रखने पहुंचीं हैं। सुप्रीम कोर्ट में इस समय पश्चिम बंगाल में चल रहे एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर सुनवाई चल रही है। ममता बनर्जी इस प्रक्रिया को असंवैधानिक और अपारदर्शी बताते

SIR in UP: गोंडा जिले में विधानसभा निर्वाचक नामावली के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रशासन ने नो मैपिंग वाले 1.48 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी की है। यह कदम मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जिले के 2978 बूथों पर चलाए गए इस विशेष अभियान में 79 हजार से अधिक दावा और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। गोंडा के जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने स्वयं सदर तहसील के विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण करते हुए इस अभियान की प्रगति का जायजा लिया है। उन्होंने सभी संबंधित

SIR in UP: गोंडा जिले में विधानसभा निर्वाचक नामावली के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रशासन ने नो मैपिंग वाले 1.48 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी की है। यह कदम मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जिले के 2978 बूथों पर चलाए गए इस विशेष अभियान में 79 हजार से अधिक दावा और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। गोंडा के जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने स्वयं सदर तहसील के विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण करते हुए इस अभियान की प्रगति का जायजा लिया है। उन्होंने सभी संबंधित

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर से चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। SIR यानी Summary of Inclusion and Revision प्रक्रिया को लेकर आम लोगों को हो रही परेशानियों का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को चिट्ठी लिखी है। इतना ही नहीं, ममता बनर्जी ने कहा है कि वह इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगी और जरूरत पड़ी तो खुद ही लोगों की तरफ से पैरवी करेंगी। रविवार को गंगासागर में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर से चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। SIR यानी Summary of Inclusion and Revision प्रक्रिया को लेकर आम लोगों को हो रही परेशानियों का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को चिट्ठी लिखी है। इतना ही नहीं, ममता बनर्जी ने कहा है कि वह इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगी और जरूरत पड़ी तो खुद ही लोगों की तरफ से पैरवी करेंगी। रविवार को गंगासागर में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि

पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में सोमवार को एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला जब तृणमूल कांग्रेस के विधायक असित मजूमदार ने चिनसुरा-मोगरा ब्लॉक कार्यालय में चल रही विशेष गहन संशोधन सुनवाई को रोक दिया। यह घटना उस वक्त हुई जब चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची की जांच प्रक्रिया चल रही थी। विधायक ने बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं को सुनवाई प्रक्रिया में शामिल करने की जोरदार मांग की। विधायक का विरोध और मांगें चिनसुरा के विधायक असित मजूमदार ब्लॉक कार्यालय में घुस गए जब सुनवाई की प्रक्रिया चल रही थी। उन्होंने कहा कि बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं को इस प्रक्रिया में

पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में सोमवार को एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला जब तृणमूल कांग्रेस के विधायक असित मजूमदार ने चिनसुरा-मोगरा ब्लॉक कार्यालय में चल रही विशेष गहन संशोधन सुनवाई को रोक दिया। यह घटना उस वक्त हुई जब चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची की जांच प्रक्रिया चल रही थी। विधायक ने बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं को सुनवाई प्रक्रिया में शामिल करने की जोरदार मांग की। विधायक का विरोध और मांगें चिनसुरा के विधायक असित मजूमदार ब्लॉक कार्यालय में घुस गए जब सुनवाई की प्रक्रिया चल रही थी। उन्होंने कहा कि बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं को इस प्रक्रिया में

कोलकाता दक्षिण जिले के रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र संख्या 160 में हाल ही में जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से एक खास मतदाता सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी राय तथा अनुभव साझा किए। यह पहल लोकतंत्र को और मजबूत बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है। मतदाता सुनवाई का उद्देश्य जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा आयोजित इस विशेष सुनवाई कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की आवाज सुनना और चुनावी प्रक्रिया में आने वाली दिक्कतों को समझना था। पश्चिम बंगाल के कोलकाता दक्षिण जिले में यह पहल

कोलकाता दक्षिण जिले के रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र संख्या 160 में हाल ही में जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से एक खास मतदाता सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी राय तथा अनुभव साझा किए। यह पहल लोकतंत्र को और मजबूत बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है। मतदाता सुनवाई का उद्देश्य जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा आयोजित इस विशेष सुनवाई कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की आवाज सुनना और चुनावी प्रक्रिया में आने वाली दिक्कतों को समझना था। पश्चिम बंगाल के कोलकाता दक्षिण जिले में यह पहल

कोलकाता दक्षिण जिले के 160 राशबिहारी विधानसभा क्षेत्र में आज देशबंधु कॉलेज फॉर गर्ल्स में एक महत्वपूर्ण चुनावी प्रक्रिया देखने को मिली। यहां जिला चुनाव अधिकारी कोलकाता दक्षिण के निर्देशन में चुनाव रिटर्निंग और मॉनिटरिंग अधिकारियों की मौजूदगी में एसआईआर सुनवाई प्रक्रिया का आयोजन किया गया। यह प्रक्रिया चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही को सुनिश्चित करने के लिए एक जरूरी कदम है। एसआईआर सुनवाई प्रक्रिया का महत्व एसआईआर यानी स्टेटमेंट ऑफ इनसिडेंट रिपोर्ट एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें चुनाव के दौरान हुई किसी भी घटना या शिकायत की सुनवाई की जाती है। इस प्रक्रिया के जरिए मतदाताओं, उम्मीदवारों और

कोलकाता दक्षिण जिले के 160 राशबिहारी विधानसभा क्षेत्र में आज देशबंधु कॉलेज फॉर गर्ल्स में एक महत्वपूर्ण चुनावी प्रक्रिया देखने को मिली। यहां जिला चुनाव अधिकारी कोलकाता दक्षिण के निर्देशन में चुनाव रिटर्निंग और मॉनिटरिंग अधिकारियों की मौजूदगी में एसआईआर सुनवाई प्रक्रिया का आयोजन किया गया। यह प्रक्रिया चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही को सुनिश्चित करने के लिए एक जरूरी कदम है। एसआईआर सुनवाई प्रक्रिया का महत्व एसआईआर यानी स्टेटमेंट ऑफ इनसिडेंट रिपोर्ट एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें चुनाव के दौरान हुई किसी भी घटना या शिकायत की सुनवाई की जाती है। इस प्रक्रिया के जरिए मतदाताओं, उम्मीदवारों और

SIR in West Bengal: पश्चिम बंगाल में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग का एक बड़ा और असरदार कदम सामने आया है। मंगलवार सुबह आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उन मतदाताओं की सूची सार्वजनिक कर दी, जिनके नाम 2026 की ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल से हटा दिए गए हैं। ये वे नाम हैं, जो 2025 की मतदाता सूची में दर्ज थे, लेकिन अब सत्यापन प्रक्रिया के बाद बाहर कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर 2026 के तहत की गई है। चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, इस प्रक्रिया में करीब 58

SIR in West Bengal: पश्चिम बंगाल में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग का एक बड़ा और असरदार कदम सामने आया है। मंगलवार सुबह आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उन मतदाताओं की सूची सार्वजनिक कर दी, जिनके नाम 2026 की ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल से हटा दिए गए हैं। ये वे नाम हैं, जो 2025 की मतदाता सूची में दर्ज थे, लेकिन अब सत्यापन प्रक्रिया के बाद बाहर कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर 2026 के तहत की गई है। चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, इस प्रक्रिया में करीब 58

भारत-बांग्लादेश सीमा पर इन दिनों एक अनोखा दृश्य देखने को मिल रहा है। पश्चिम बंगाल के स्वरूपनगर थाना क्षेत्र में स्थित हाकिमपुर चेकपोस्ट पर सैकड़ों बांग्लादेशी नागरिकों की भीड़ लगी हुई है। दिलचस्प बात यह है कि SIR (स्टे इन रिपब्लिक) की समय सीमा समाप्त हुए तीन दिन हो चुके हैं, फिर भी ये लोग अपने देश वापस जाने के लिए यहां इकट्ठा हैं। सभी बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। जब मैं इस खबर को पढ़ता हूं, तो मन में कई सवाल उठते हैं। क्या ये लोग कानूनी रूप से यहां थे? SIR योजना

भारत-बांग्लादेश सीमा पर इन दिनों एक अनोखा दृश्य देखने को मिल रहा है। पश्चिम बंगाल के स्वरूपनगर थाना क्षेत्र में स्थित हाकिमपुर चेकपोस्ट पर सैकड़ों बांग्लादेशी नागरिकों की भीड़ लगी हुई है। दिलचस्प बात यह है कि SIR (स्टे इन रिपब्लिक) की समय सीमा समाप्त हुए तीन दिन हो चुके हैं, फिर भी ये लोग अपने देश वापस जाने के लिए यहां इकट्ठा हैं। सभी बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। जब मैं इस खबर को पढ़ता हूं, तो मन में कई सवाल उठते हैं। क्या ये लोग कानूनी रूप से यहां थे? SIR योजना

यूपी समेत छह राज्यों में चुनाव आयोग की दया: SIR की समयसीमा में मिला नया जीवन देश भर के लाखों मतदाताओं के लिए गुरुवार को एक खुशखबरी आई है। चुनाव आयोग (Election Commission) ने उन सभी लोगों की सुनी है जो मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाना चाहते हैं लेकिन अब तक समय की कमी के कारण परेशान थे। आयोग ने यूपी, तमिलनाडु, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की अवधि को बढ़ाने का फैसला किया है। यह निर्णय उन राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की सीधी मांग के बाद

यूपी समेत छह राज्यों में चुनाव आयोग की दया: SIR की समयसीमा में मिला नया जीवन देश भर के लाखों मतदाताओं के लिए गुरुवार को एक खुशखबरी आई है। चुनाव आयोग (Election Commission) ने उन सभी लोगों की सुनी है जो मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाना चाहते हैं लेकिन अब तक समय की कमी के कारण परेशान थे। आयोग ने यूपी, तमिलनाडु, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की अवधि को बढ़ाने का फैसला किया है। यह निर्णय उन राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की सीधी मांग के बाद

रायपुर, 26 नवंबर 2025। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने मतदाता सूची के शुद्धिकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए स्वयं विशेष गहन पुनरीक्षण का फॉर्म भरा। कवर्धा प्रवास के दौरान उपमुख्यमंत्री ने मतदान केंद्र पहुंचकर इस प्रक्रिया को पूरा किया और नागरिकों से भी इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की। यह कदम लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है। उपमुख्यमंत्री ने कवर्धा के वार्ड नंबर 23 में स्थित मतदान केंद्र संख्या 238 में जाकर बूथ स्तरीय अधिकारी के साथ विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने

रायपुर, 26 नवंबर 2025। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने मतदाता सूची के शुद्धिकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए स्वयं विशेष गहन पुनरीक्षण का फॉर्म भरा। कवर्धा प्रवास के दौरान उपमुख्यमंत्री ने मतदान केंद्र पहुंचकर इस प्रक्रिया को पूरा किया और नागरिकों से भी इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की। यह कदम लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है। उपमुख्यमंत्री ने कवर्धा के वार्ड नंबर 23 में स्थित मतदान केंद्र संख्या 238 में जाकर बूथ स्तरीय अधिकारी के साथ विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने

पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर बढ़ा तनाव बंगाल में क्यों भड़का विवाद कोलकाता में सोमवार देर रात एसआईआर यानी विशेष मतदाता सूची जांच प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। बीएलओ, जिन्हें मतदाता सूची अपडेट करने की जिम्मेदारी दी जाती है, आरोप लगा रहे थे कि उन्हें अनावश्यक दबाव में रखकर काम कराया जा रहा है। दूसरी ओर भाजपा कार्यकर्ता इस पूरी प्रक्रिया में चुनाव आयोग और राज्य सरकार के बीच मिलीभगत का आरोप लगा रहे थे। यह विवाद उस समय और गर्म हो गया जब लगभग 50 भाजपा कार्यकर्ता रात करीब 11 बजे पश्चिम बंगाल के

पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर बढ़ा तनाव बंगाल में क्यों भड़का विवाद कोलकाता में सोमवार देर रात एसआईआर यानी विशेष मतदाता सूची जांच प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। बीएलओ, जिन्हें मतदाता सूची अपडेट करने की जिम्मेदारी दी जाती है, आरोप लगा रहे थे कि उन्हें अनावश्यक दबाव में रखकर काम कराया जा रहा है। दूसरी ओर भाजपा कार्यकर्ता इस पूरी प्रक्रिया में चुनाव आयोग और राज्य सरकार के बीच मिलीभगत का आरोप लगा रहे थे। यह विवाद उस समय और गर्म हो गया जब लगभग 50 भाजपा कार्यकर्ता रात करीब 11 बजे पश्चिम बंगाल के

ममता बनर्जी ने एसआईआर प्रक्रिया पर सीधे मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लिखा पत्र पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में चल रही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। गुरुवार को उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक विस्तृत पत्र लिखते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा प्रक्रिया न केवल अव्यवस्थित और अनियोजित है, बल्कि नागरिकों और अधिकारियों दोनों को अत्यधिक जोखिम में डाल रही है। बनर्जी का कहना है कि हालात इतने बिगड़ गए हैं कि इस प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोका जाना आवश्यक हो गया है।

ममता बनर्जी ने एसआईआर प्रक्रिया पर सीधे मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लिखा पत्र पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में चल रही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। गुरुवार को उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक विस्तृत पत्र लिखते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा प्रक्रिया न केवल अव्यवस्थित और अनियोजित है, बल्कि नागरिकों और अधिकारियों दोनों को अत्यधिक जोखिम में डाल रही है। बनर्जी का कहना है कि हालात इतने बिगड़ गए हैं कि इस प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोका जाना आवश्यक हो गया है।

SIR Phase II: डिजिटल भारत में एक विरोधाभासी चित्र नई दिल्ली – भारत के लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए मतदान सूची को अद्यतन रखना एक महत्वपूर्ण कार्य है। इसी महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करने के लिए भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने विशेष गहन संशोधन (SIR) के दूसरे चरण की शुरुआत की है। 19 नवंबर को दोपहर 3 बजे तक की स्थिति के अनुसार, चुनाव आयोग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि मतदान सूची संशोधन फॉर्म (EF) का वितरण तो 98.79% तक पहुंच गया है। लेकिन एक चिंताजनक पहलू यह है कि इन फॉर्मों का डिजिटलीकरण केवल 15.98%

SIR Phase II: डिजिटल भारत में एक विरोधाभासी चित्र नई दिल्ली – भारत के लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए मतदान सूची को अद्यतन रखना एक महत्वपूर्ण कार्य है। इसी महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करने के लिए भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने विशेष गहन संशोधन (SIR) के दूसरे चरण की शुरुआत की है। 19 नवंबर को दोपहर 3 बजे तक की स्थिति के अनुसार, चुनाव आयोग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि मतदान सूची संशोधन फॉर्म (EF) का वितरण तो 98.79% तक पहुंच गया है। लेकिन एक चिंताजनक पहलू यह है कि इन फॉर्मों का डिजिटलीकरण केवल 15.98%

लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर संकट के बीच कांग्रेस का तीखा प्रहार नई दिल्ली, 18 नवंबर – कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खार्गे ने मंगलवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक व्यापक रणनीतिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इस महत्वपूर्ण मीटिंग में खार्गे ने चुनाव आयोग की विशेष गहन समीक्षा (एसआईआर) प्रक्रिया के बारे में गंभीर आशंका व्यक्त की और यह आरोप लगाया कि यह पूरी प्रक्रिया राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग की जा रही है। खार्गे के नेतृत्व में कांग्रेस के इस कदम को लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को लेकर चिंताओं के एक व्यापक पैटर्न के

लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर संकट के बीच कांग्रेस का तीखा प्रहार नई दिल्ली, 18 नवंबर – कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खार्गे ने मंगलवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक व्यापक रणनीतिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इस महत्वपूर्ण मीटिंग में खार्गे ने चुनाव आयोग की विशेष गहन समीक्षा (एसआईआर) प्रक्रिया के बारे में गंभीर आशंका व्यक्त की और यह आरोप लगाया कि यह पूरी प्रक्रिया राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग की जा रही है। खार्गे के नेतृत्व में कांग्रेस के इस कदम को लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को लेकर चिंताओं के एक व्यापक पैटर्न के

अभिषेक बनर्जी का संदेश: SIR प्रक्रिया में ‘Silent Invisible Rigging’ का खतरा, TMC ने दी सख्त हिदायतें पश्चिम बंगाल में चल रही Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के बीच सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने शुक्रवार को अपने कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने साफ कहा — “एक भी बूथ लेवल अफ़सर (BLO) को एक मिनट के लिए भी अकेला न छोड़ा जाए।” उन्होंने कहा कि बीजेपी इस प्रक्रिया का इस्तेमाल आगामी 2026 विधानसभा चुनावों में मतदाता सूची में “चुपचाप गड़बड़ी करने” के लिए कर रही है। ‘Silent Invisible Rigging’ पर वार,

अभिषेक बनर्जी का संदेश: SIR प्रक्रिया में ‘Silent Invisible Rigging’ का खतरा, TMC ने दी सख्त हिदायतें पश्चिम बंगाल में चल रही Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के बीच सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने शुक्रवार को अपने कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने साफ कहा — “एक भी बूथ लेवल अफ़सर (BLO) को एक मिनट के लिए भी अकेला न छोड़ा जाए।” उन्होंने कहा कि बीजेपी इस प्रक्रिया का इस्तेमाल आगामी 2026 विधानसभा चुनावों में मतदाता सूची में “चुपचाप गड़बड़ी करने” के लिए कर रही है। ‘Silent Invisible Rigging’ पर वार,

Special Intensive Revision (SIR) News: छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच रही है। इस बार की प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा को केंद्र में रखकर कई नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अनुसार, अब केवल 5 से 6 प्रतिशत मतदाताओं को ही दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी, जबकि बाकी सभी मतदाताओं का सत्यापन स्वतः ही पूरा हो जाएगा। मतदाता सूची पुनरीक्षण का नया स्वरूप वर्ष 2003 के आधार पर छत्तीसगढ़ की मतदाता सूची को पुनः सत्यापित किया जा रहा है। इस बार

Special Intensive Revision (SIR) News: छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच रही है। इस बार की प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा को केंद्र में रखकर कई नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अनुसार, अब केवल 5 से 6 प्रतिशत मतदाताओं को ही दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी, जबकि बाकी सभी मतदाताओं का सत्यापन स्वतः ही पूरा हो जाएगा। मतदाता सूची पुनरीक्षण का नया स्वरूप वर्ष 2003 के आधार पर छत्तीसगढ़ की मतदाता सूची को पुनः सत्यापित किया जा रहा है। इस बार

SIR के दूसरे चरण की शुरुआत, मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू चुनाव आयोग ने SIR के दूसरे चरण का ऐलान कर दिया है। अब बिहार के बाद 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के पास जरूरी दस्तावेज नहीं होंगे, उनका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है। कौन से राज्य शामिल हैं इस चरण में दूसरे चरण में जिन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया चलेगी, उनमें शामिल हैं —अंडमान निकोबार द्वीपसमूह, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुड्डचेरी, राजस्थान,

SIR के दूसरे चरण की शुरुआत, मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू चुनाव आयोग ने SIR के दूसरे चरण का ऐलान कर दिया है। अब बिहार के बाद 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के पास जरूरी दस्तावेज नहीं होंगे, उनका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है। कौन से राज्य शामिल हैं इस चरण में दूसरे चरण में जिन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया चलेगी, उनमें शामिल हैं —अंडमान निकोबार द्वीपसमूह, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुड्डचेरी, राजस्थान,

4 नवंबर से शुरू होगा मतदाता सूची पुनरीक्षण का दूसरा चरण नई दिल्ली, 27 अक्टूबर 2025 —भारत निर्वाचन आयोग ने सोमवार को घोषणा की कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का दूसरा चरण 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 4 नवंबर से फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ग्यानेश कुमार ने कहा कि यह चरण देश के 51 करोड़ मतदाताओं को कवर करेगा और इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि “कोई पात्र मतदाता सूची से छूटे नहीं और कोई अपात्र नाम सूची में शामिल न रहे।” किन राज्यों और

4 नवंबर से शुरू होगा मतदाता सूची पुनरीक्षण का दूसरा चरण नई दिल्ली, 27 अक्टूबर 2025 —भारत निर्वाचन आयोग ने सोमवार को घोषणा की कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का दूसरा चरण 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 4 नवंबर से फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ग्यानेश कुमार ने कहा कि यह चरण देश के 51 करोड़ मतदाताओं को कवर करेगा और इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि “कोई पात्र मतदाता सूची से छूटे नहीं और कोई अपात्र नाम सूची में शामिल न रहे।” किन राज्यों और

चुनाव आयोग की स्पष्टता: पश्चिम बंगाल में SIR पर कोई टकराव नहीं नई दिल्ली, 27 अक्टूबर 2025 —मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ग्यानेश कुमार ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर किसी प्रकार के टकराव या मतभेद की स्थिति नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग अपना संवैधानिक दायित्व पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ निभा रहा है, वहीं राज्य सरकार की भी यह जिम्मेदारी है कि वह प्रशासनिक प्रक्रिया में सहयोग सुनिश्चित करे। SIR प्रक्रिया का दूसरा चरण शुरू मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि SIR का दूसरा चरण

चुनाव आयोग की स्पष्टता: पश्चिम बंगाल में SIR पर कोई टकराव नहीं नई दिल्ली, 27 अक्टूबर 2025 —मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ग्यानेश कुमार ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर किसी प्रकार के टकराव या मतभेद की स्थिति नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग अपना संवैधानिक दायित्व पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ निभा रहा है, वहीं राज्य सरकार की भी यह जिम्मेदारी है कि वह प्रशासनिक प्रक्रिया में सहयोग सुनिश्चित करे। SIR प्रक्रिया का दूसरा चरण शुरू मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि SIR का दूसरा चरण

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर।भारत निर्वाचन आयोग ने सोमवार को घोषणा की कि देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का दूसरा चरण जल्द शुरू किया जाएगा। यह जानकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि आज़ादी के बाद यह नवां विशेष पुनरीक्षण अभियान है। इससे पहले आखिरी बार वर्ष 2002 से 2004 के बीच यह प्रक्रिया आयोजित की गई थी। इस बार का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह से अद्यतन और त्रुटि-मुक्त बनाना है, ताकि लोकतंत्र की बुनियाद और भी

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर।भारत निर्वाचन आयोग ने सोमवार को घोषणा की कि देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का दूसरा चरण जल्द शुरू किया जाएगा। यह जानकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि आज़ादी के बाद यह नवां विशेष पुनरीक्षण अभियान है। इससे पहले आखिरी बार वर्ष 2002 से 2004 के बीच यह प्रक्रिया आयोजित की गई थी। इस बार का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह से अद्यतन और त्रुटि-मुक्त बनाना है, ताकि लोकतंत्र की बुनियाद और भी

पश्चिम बंगाल में विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने SIR लागू होने पर बंगाल में “दंगे और हिंसा” भड़काने की धमकी दी है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, “ममता बनर्जी ने कहा कि अगर SIR लागू हुआ तो बंगाल में भयानक दंगे और अन्य गंभीर परिणाम होंगे। यह स्पष्ट रूप से संविधानिक प्रक्रिया को बाधित करने और हिंसा भड़काने की धमकी है।” उन्होंने ममता पर संविधान और न्यायिक प्रणाली से ऊपर होने का दावा

पश्चिम बंगाल में विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने SIR लागू होने पर बंगाल में “दंगे और हिंसा” भड़काने की धमकी दी है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, “ममता बनर्जी ने कहा कि अगर SIR लागू हुआ तो बंगाल में भयानक दंगे और अन्य गंभीर परिणाम होंगे। यह स्पष्ट रूप से संविधानिक प्रक्रिया को बाधित करने और हिंसा भड़काने की धमकी है।” उन्होंने ममता पर संविधान और न्यायिक प्रणाली से ऊपर होने का दावा