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राज्यसभा में पीएम मोदी का भाषण: विपक्षी हंगामे के बीच युवा भारत की ताकत पर जोर

राज्यसभा में पीएम मोदी का भाषण: विपक्षी हंगामे के बीच युवा भारत की ताकत पर जोर
PM Modi Rajya Sabha Speech: विपक्षी हंगामे के बीच पीएम मोदी ने गिनाई देश की उपलब्धियां (File Photo)

PM Modi Rajya Sabha Speech: बजट सत्र में राज्यसभा में पीएम मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दिया। विपक्षी सांसदों के हंगामे और वॉकआउट के बीच प्रधानमंत्री ने युवा भारत की ताकत, देश के विकास और 21वीं सदी के दूसरे क्वार्टर के महत्व पर जोर दिया। खरगे पर तंज कसते हुए बैठकर नारेबाजी की सलाह दी।

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Asfi Shadab
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संसद में गूंजी पीएम मोदी की आवाज

बजट सत्र के दौरान संसद भवन में लगातार हंगामे का माहौल बना हुआ है। बुधवार को लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया था, जिसकी वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन रद्द करना पड़ा था। लेकिन गुरुवार को राज्यसभा में पीएम मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के जवाब में अपना भाषण दिया। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने लगातार नारेबाजी की और बाद में सदन से वॉकआउट भी कर दिया।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में देश की प्रगति, युवा शक्ति और विकसित भारत के सपने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश तेज गति से आगे बढ़ रहा है और दुनिया भारत की ओर आकर्षित हो रही है। प्रधानमंत्री ने विपक्षी सांसदों के शोर के बीच भी अपनी बात रखी और देश के हर वर्ग की प्रगति की बात की।

खरगे पर प्रधानमंत्री का तंज

अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लेकर एक दिलचस्प टिप्पणी की। जब विपक्षी सांसद लगातार नारेबाजी कर रहे थे, तो प्रधानमंत्री ने खरगे से कहा कि वे बैठकर भी नारे लगा सकते हैं ताकि उन्हें कोई कष्ट न हो। यह टिप्पणी खरगे की उम्र को लेकर की गई थी, जिससे सदन में कुछ पल के लिए माहौल हल्का हो गया।

प्रधानमंत्री ने कहा, “मेरी एक प्रार्थना है खरगे जी के लिए कि वो बैठकर भी नारे लगा सकते हैं ताकि उनको कष्ट नहीं हो।” इस बयान के बाद सदन में सत्ता पक्ष के सांसदों ने तालियां बजाईं, जबकि विपक्षी सांसदों ने नाराजगी जताई।

विपक्षी सांसदों का वॉकआउट

पीएम मोदी के भाषण के दौरान विपक्षी सांसद लगातार नारेबाजी करते रहे। प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं की तारीफ की और कहा कि आज के नौजवान देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें हर लक्ष्य को हासिल करना है और किसी भी चुनौती से पीछे नहीं हटना है।

लेकिन विपक्षी सांसदों ने इस दौरान भी शोर मचाना जारी रखा। आखिरकार कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। उनका आरोप था कि सरकार उनकी बात नहीं सुन रही है और लोकतंत्र को दबाया जा रहा है।

युवा भारत की ताकत

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने युवा भारत की ताकत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जहां दुनिया के अमीर देश बूढ़े होते जा रहे हैं, वहीं भारत दिन-ब-दिन युवा होता जा रहा है। देश की बड़ी आबादी युवा है, जिनके पास सपने हैं, संकल्प है और सामर्थ्य भी है।

पीएम मोदी ने कहा, “सबसे बड़ी बात यह है कि विश्व के समृद्ध देश भी बुजुर्ग होते जा रहे हैं। वहां की आबादी उम्र के उस पड़ाव पर पहुंच गई है जिसे हम बुजुर्ग के रूप में जानते हैं। लेकिन हमारा देश विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है और साथ ही युवा होता जा रहा है।”

उन्होंने कहा कि विश्व में भारत के प्रति आकर्षण बढ़ा है क्योंकि दुनिया भारत के टैलेंट को समझ रही है। आज हमारे पास दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण युवा टैलेंट पूल है।

राष्ट्रपति के अभिभाषण की सराहना

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण की भरपूर सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने बहुत ही संवेदनशीलता के साथ देश की स्थिति को सदन के सामने रखा है। राष्ट्रपति ने मध्यम वर्ग, निम्न मध्यम वर्ग, गरीब, गांव, किसान, महिलाएं, विज्ञान, तकनीक और कृषि जैसे सभी विषयों पर विस्तार से बात की।

पीएम मोदी ने कहा, “राष्ट्रपति जी ने इस देश के हर वर्ग के सामर्थ्य को शब्दांकित किया है। उन्होंने भारत के उज्ज्वल भविष्य के प्रति विश्वास व्यक्त किया है, जो हम सभी के लिए प्रेरक है।”

विकसित भारत की यात्रा

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत की यात्रा पर जोर देते हुए कहा कि बीते कुछ वर्ष देश के तेज विकास के वर्ष रहे हैं। जीवन के हर क्षेत्र में और समाज के हर वर्ग के जीवन में बदलाव आया है। देश सही दिशा में तेज गति से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि पिछले साल देश ने हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल की हैं। अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है, बुनियादी ढांचे में सुधार हुआ है और गरीबों की जिंदगी में बदलाव आया है।

21वीं सदी का दूसरा क्वार्टर निर्णायक

पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का पहला क्वार्टर पूरा हो चुका है, लेकिन दूसरा क्वार्टर उतना ही निर्णायक है। उन्होंने इसकी तुलना पिछली शताब्दी में भारत की आजादी की लड़ाई के दूसरे क्वार्टर से की, जो बेहद निर्णायक रहा था।

प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं साफ-साफ देख रहा हूं कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में यह दूसरा क्वार्टर भी उतना ही सामर्थ्यवान होने वाला है। हम तेज गति से आगे बढ़ने वाले हैं।”

देश की चुनौतियों का समाधान

पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत विश्व में पैदा हो रही चुनौतियों का समाधान देने वाला देश बन गया है। देश में शक्ति का आशीर्वाद है और हमारे पास सामर्थ्य भी है। उन्होंने कहा कि आज राष्ट्र का हर व्यक्ति महसूस कर रहा है कि हम एक अहम मोड़ पर खड़े हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, “अब हमें न रुकना है, न पीछे मुड़कर देखना है। हमें तेज गति से चलना है और लक्ष्य प्राप्त करके ही आगे बढ़ना है।” उन्होंने कहा कि भारत हर क्षेत्र में विश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।

बजट सत्र में लगातार हंगामा

बजट सत्र शुरू होने के बाद से ही दोनों सदनों में लगातार हंगामा हो रहा है। विपक्षी दल कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। बुधवार को लोकसभा में इतना हंगामा हुआ कि पीएम मोदी का संबोधन रद्द करना पड़ा था। गुरुवार को राज्यसभा में भी यही स्थिति रही, लेकिन इस बार प्रधानमंत्री ने अपनी बात पूरी की।

विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार उनकी बात नहीं सुन रही है। उनका आरोप है कि कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो रही है। वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष सिर्फ हंगामा करना चाहता है और सदन को नहीं चलने देना चाहता।

पीएम मोदी के इस भाषण को देश भर में सुना गया। उनके समर्थकों ने इसे देश के विकास का रोडमैप बताया, जबकि विपक्ष ने इसे केवल भाषणबाजी करार दिया। लेकिन एक बात साफ है कि संसद में बहस और चर्चा का सिलसिला जारी रहेगा।

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।