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कोलकाता में पीएम मोदी की रैली से पहले भड़की हिंसा, BJP-TMC समर्थक आमने-सामने

कोलकाता में पीएम मोदी की रैली से पहले भड़की हिंसा, BJP-TMC समर्थक आमने-सामने
कोलकाता के गिरीश पार्क हिंसा पर सियासी घमासान, भाजपा से जुड़े 4 लोग गिरफ्तार

PM Modi Rally Violence: पीएम मोदी की ब्रिगेड रैली से पहले कोलकाता के गिरीश पार्क इलाके में हिंसा भड़क गई। भाजपा समर्थकों की गाड़ियों पर पत्थरबाजी हुई और कई लोग घायल हो गए।

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Dipali Kumari
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PM Modi Rally Violence: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रिगेड रैली से पहले माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। रैली से पहले शहर के गिरीश पार्क इलाके में जमकर हंगामा और झड़प की खबर सामने आई है, जिसके बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया।

गाड़ियों पर बरसाएं पत्थर

बताया जा रहा है कि भाजपा समर्थकों की कई गाड़ियां ब्रिगेड मैदान में होने वाली रैली के लिए जा रही थीं। इसी दौरान गिरीश पार्क इलाके में कुछ लोगों ने उन वाहनों पर कथित तौर पर ईंट-पत्थर फेंक दिए। आरोप है कि यह हमला सत्तारूढ़ TMC के समर्थकों द्वारा किया गया। इस घटना में कई भाजपा समर्थक घायल हो गए और कई लोग लहूलुहान हालत में दिखाई दिए।

कोलकाता में पीएम मोदी की रैली से पहले भड़की हिंसा, BJP-TMC समर्थक आमने-सामने
कोलकाता में पीएम मोदी की रैली से पहले भड़की हिंसा, BJP-TMC समर्थक आमने-सामने (Image: RB / Ekbal)

कई पुलिसकर्मी घायल

पत्थरबाजी और हंगामे के दौरान कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। कुछ बसों और गाड़ियों के शीशे टूट गए और सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया। झड़प के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।

मामले को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को त्वरित कार्रवाई करते हुए Rapid Action Force (आरएएफ) को भी तैनात करना पड़ा। इसके बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।

कोलकाता में पीएम मोदी की रैली से पहले भड़की हिंसा, BJP-TMC समर्थक आमने-सामने
कोलकाता में पीएम मोदी की रैली से पहले भड़की हिंसा, BJP-TMC समर्थक आमने-सामने (Image: RB / Ekbal)

फाड़े गए प्रधानमंत्री मोदी के पोस्टर

इधर, रैली से पहले शहर के कई हिस्सों में लगे प्रधानमंत्री मोदी के पोस्टर और कटआउट को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। ब्रिगेड मैदान के आसपास की सड़कों पर लगाए गए कई कटआउट तोड़ दिए गए। वहीं एक्साइड मोड़ के पास एक कटआउट का सिर टूटा हुआ पाया गया, जिसका हिस्सा नीचे जमीन पर पड़ा मिला।

इसके अलावा शहर के कुछ इलाकों, खासकर वीआईपी रोड पर ‘मोदी गो बैक’ लिखे पोस्टर और होर्डिंग भी लगाए गए हैं। भाजपा ने इन घटनाओं के लिए तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है। फिलहाल पूरे मामले को लेकर राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो गया है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


अस्फी द्वारा पुनः संपादित

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।