
लोक आस्था के महापर्व छठ का समापन श्रद्धा और उल्लास के साथ सिवान। बिहार की धरती पर लोक आस्था के प्रतीक महापर्व छठ पूजा का समापन मंगलवार की प्रातःकालीन बेला में श्रद्धा, आस्था और उल्लास के बीच हुआ। नगर क्षेत्र के पंच मंदिर वार्ड संख्या 26 स्थित पंच मंदिरा घाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों की संख्या में उपस्थित छठव्रती महिलाएं और उनके परिजन उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर व्रत का समापन किया। छठ घाट का वातावरण पूरी तरह भक्ति, अनुशासन और सेवा भाव से ओत-प्रोत था। घाट पर उपस्थित हर व्यक्ति के चेहरे

लोक आस्था के महापर्व छठ का समापन श्रद्धा और उल्लास के साथ सिवान। बिहार की धरती पर लोक आस्था के प्रतीक महापर्व छठ पूजा का समापन मंगलवार की प्रातःकालीन बेला में श्रद्धा, आस्था और उल्लास के बीच हुआ। नगर क्षेत्र के पंच मंदिर वार्ड संख्या 26 स्थित पंच मंदिरा घाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों की संख्या में उपस्थित छठव्रती महिलाएं और उनके परिजन उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर व्रत का समापन किया। छठ घाट का वातावरण पूरी तरह भक्ति, अनुशासन और सेवा भाव से ओत-प्रोत था। घाट पर उपस्थित हर व्यक्ति के चेहरे

छठ पर्व पर हादसे की छाया: बलिया में तीन श्रद्धालुओं की डूबकर मौत, परिवारों में कोहराम बलिया (उत्तर प्रदेश), 28 अक्टूबर: छठ महापर्व की पवित्रता और श्रद्धा के बीच उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से दुखद खबर आई है। जिले के तीन अलग-अलग इलाकों — नगरा, बांसडीह और मनियर थाना क्षेत्रों — में तीन श्रद्धालुओं की डूबने से मौत हो गई।हादसे छठ पूजा के दूसरे दिन सोमवार को हुए, जब श्रद्धालु स्नान और अर्घ्य की तैयारी में जुटे थे। इन घटनाओं ने जिले भर में मातम का माहौल पैदा कर दिया है। जहां एक ओर घाटों पर छठी मइया के

छठ पर्व पर हादसे की छाया: बलिया में तीन श्रद्धालुओं की डूबकर मौत, परिवारों में कोहराम बलिया (उत्तर प्रदेश), 28 अक्टूबर: छठ महापर्व की पवित्रता और श्रद्धा के बीच उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से दुखद खबर आई है। जिले के तीन अलग-अलग इलाकों — नगरा, बांसडीह और मनियर थाना क्षेत्रों — में तीन श्रद्धालुओं की डूबने से मौत हो गई।हादसे छठ पूजा के दूसरे दिन सोमवार को हुए, जब श्रद्धालु स्नान और अर्घ्य की तैयारी में जुटे थे। इन घटनाओं ने जिले भर में मातम का माहौल पैदा कर दिया है। जहां एक ओर घाटों पर छठी मइया के

फतेहपुर में छठ महापर्व पर आस्था का सागर उमड़ा फतेहपुर में इस वर्ष का छठ महापर्व 2025 श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। सोमवार की शाम डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के लिए हजारों श्रद्धालु नदियों और तालाबों के किनारे एकत्र हुए। गंगा और यमुना तटों पर आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जहां महिलाएं सिर पर पूजा की टोकरी लिए सूर्य देव की उपासना में लीन थीं। व्रती महिलाओं ने परंपरागत गीत गाते हुए “पहिले पहिल हम कईनी छठी मइया व्रत तोहार” और “कांच ही बांस के बहंगिया” जैसे लोकगीतों से पूरे वातावरण को भक्तिमय

फतेहपुर में छठ महापर्व पर आस्था का सागर उमड़ा फतेहपुर में इस वर्ष का छठ महापर्व 2025 श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। सोमवार की शाम डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के लिए हजारों श्रद्धालु नदियों और तालाबों के किनारे एकत्र हुए। गंगा और यमुना तटों पर आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जहां महिलाएं सिर पर पूजा की टोकरी लिए सूर्य देव की उपासना में लीन थीं। व्रती महिलाओं ने परंपरागत गीत गाते हुए “पहिले पहिल हम कईनी छठी मइया व्रत तोहार” और “कांच ही बांस के बहंगिया” जैसे लोकगीतों से पूरे वातावरण को भक्तिमय

आस्था और पर्यावरण का संगम: कोलकाता में छठ पूजा का भव्य आयोजन कोलकाता की धरती पर सोमवार की शाम श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला, जब हजारों श्रद्धालुओं ने नदियों और जलाशयों के किनारे ‘संध्या अर्घ्य’ देकर सूर्य देव की उपासना की। चार दिवसीय छठ पर्व के इस तीसरे दिन का यह दृश्य पूरे शहर में आस्था और आध्यात्मिकता का प्रतीक बन गया। मंगलवार की सुबह श्रद्धालु पुनः घाटों पर ‘उषा अर्घ्य’ देंगे, जिससे इस वर्ष का छठ महापर्व विधिवत संपन्न होगा। यह पर्व भारतीय संस्कृति में भक्ति, कृतज्ञता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। कोलकाता

आस्था और पर्यावरण का संगम: कोलकाता में छठ पूजा का भव्य आयोजन कोलकाता की धरती पर सोमवार की शाम श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला, जब हजारों श्रद्धालुओं ने नदियों और जलाशयों के किनारे ‘संध्या अर्घ्य’ देकर सूर्य देव की उपासना की। चार दिवसीय छठ पर्व के इस तीसरे दिन का यह दृश्य पूरे शहर में आस्था और आध्यात्मिकता का प्रतीक बन गया। मंगलवार की सुबह श्रद्धालु पुनः घाटों पर ‘उषा अर्घ्य’ देंगे, जिससे इस वर्ष का छठ महापर्व विधिवत संपन्न होगा। यह पर्व भारतीय संस्कृति में भक्ति, कृतज्ञता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। कोलकाता

नई दिल्ली। छठ पूजा (Chhath Puja 2025) सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह भारतीय संस्कृति में आस्था, सादगी और पवित्रता का प्रतीक है। चार दिनों तक चलने वाला यह महापर्व सूर्य देव और छठी मैया की आराधना के लिए समर्पित होता है। इसमें व्रती महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं और विशेष पारंपरिक व सात्विक भोग चढ़ाकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करती हैं।इस बार छठ पूजा 2025 के अवसर पर जानिए वे सभी दिव्य भोग और प्रसाद जो छठी मैया को अर्पित करने से घर में खुशियां बनी रहती हैं। छठ पूजा का महत्व और परंपरा

नई दिल्ली। छठ पूजा (Chhath Puja 2025) सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह भारतीय संस्कृति में आस्था, सादगी और पवित्रता का प्रतीक है। चार दिनों तक चलने वाला यह महापर्व सूर्य देव और छठी मैया की आराधना के लिए समर्पित होता है। इसमें व्रती महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं और विशेष पारंपरिक व सात्विक भोग चढ़ाकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करती हैं।इस बार छठ पूजा 2025 के अवसर पर जानिए वे सभी दिव्य भोग और प्रसाद जो छठी मैया को अर्पित करने से घर में खुशियां बनी रहती हैं। छठ पूजा का महत्व और परंपरा

छठ 2025 : अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पण की तैयारी चरम पर लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा का आज तीसरा दिन है। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ घाटों पर उमड़ने लगी है। नगर प्रशासन ने सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था के विशेष प्रबंध किए हैं, ताकि श्रद्धालु निर्बाध रूप से सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित कर सकें। छठ का पावन अर्थ और महत्व छठ पर्व सूर्य देव और छठी मैया की उपासना का प्रतीक है। यह पर्व केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि लोक संस्कृति, अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण का जीवंत उदाहरण है। महिलाएं कठोर

छठ 2025 : अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पण की तैयारी चरम पर लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा का आज तीसरा दिन है। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ घाटों पर उमड़ने लगी है। नगर प्रशासन ने सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था के विशेष प्रबंध किए हैं, ताकि श्रद्धालु निर्बाध रूप से सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित कर सकें। छठ का पावन अर्थ और महत्व छठ पर्व सूर्य देव और छठी मैया की उपासना का प्रतीक है। यह पर्व केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि लोक संस्कृति, अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण का जीवंत उदाहरण है। महिलाएं कठोर

गोपालगंज में मनोज तिवारी का जोरदार रोड शो गोपालगंज में कल रविवार भाजपा सांसद और प्रसिद्ध भोजपुरी अभिनेता मनोज तिवारी ने एनडीए प्रत्याशियों मिथिलेश तिवारी और मंजीत सिंह के समर्थन में रोड शो किया। जैसे-जैसे उनका काफिला शहर की गलियों से गुजरा, हजारों समर्थक “जय भाजपा” और “जय एनडीए” के नारों से गूंज उठे। छठ व्रतियों को दी शुभकामनाएं मनोज तिवारी ने रोड शो के दौरान बिहारवासियों को छठ महापर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व बिहार की आत्मा और संस्कृति का प्रतीक है, जो पूरे समाज को एकजुट करता है। गाया छठ गीत, मांगी एनडीए की जीत

गोपालगंज में मनोज तिवारी का जोरदार रोड शो गोपालगंज में कल रविवार भाजपा सांसद और प्रसिद्ध भोजपुरी अभिनेता मनोज तिवारी ने एनडीए प्रत्याशियों मिथिलेश तिवारी और मंजीत सिंह के समर्थन में रोड शो किया। जैसे-जैसे उनका काफिला शहर की गलियों से गुजरा, हजारों समर्थक “जय भाजपा” और “जय एनडीए” के नारों से गूंज उठे। छठ व्रतियों को दी शुभकामनाएं मनोज तिवारी ने रोड शो के दौरान बिहारवासियों को छठ महापर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व बिहार की आत्मा और संस्कृति का प्रतीक है, जो पूरे समाज को एकजुट करता है। गाया छठ गीत, मांगी एनडीए की जीत

छठ महापर्व की शुरूआत श्रद्धा और उत्साह के साथ बिहार में लोक आस्था का सबसे बड़ा पर्व छठ महापर्व पूरे भक्तिभाव और उल्लास के साथ मनाने की तैयारी जोरों पर है। समस्तीपुर जिले के रोसड़ा प्रखंड अंतर्गत आदर्श ग्राम पंचायत राज मोतीपुर में श्रद्धा, स्वच्छता और सौंदर्य का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। पूरे पंचायत में तालाबों, पोखरों और घाटों को दीपों, रंग-बिरंगी रोशनियों और फूलों से सजाया गया है। मोतीपुर पंचायत जगमगाएगा भक्तिमय रौशनी से मोतीपुर पंचायत इस बार सचमुच एक भक्तिमय प्रकाश पर्व का रूप ले चुका है। पंचायत क्षेत्र के सभी छठ घाटों और तालाबों

छठ महापर्व की शुरूआत श्रद्धा और उत्साह के साथ बिहार में लोक आस्था का सबसे बड़ा पर्व छठ महापर्व पूरे भक्तिभाव और उल्लास के साथ मनाने की तैयारी जोरों पर है। समस्तीपुर जिले के रोसड़ा प्रखंड अंतर्गत आदर्श ग्राम पंचायत राज मोतीपुर में श्रद्धा, स्वच्छता और सौंदर्य का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। पूरे पंचायत में तालाबों, पोखरों और घाटों को दीपों, रंग-बिरंगी रोशनियों और फूलों से सजाया गया है। मोतीपुर पंचायत जगमगाएगा भक्तिमय रौशनी से मोतीपुर पंचायत इस बार सचमुच एक भक्तिमय प्रकाश पर्व का रूप ले चुका है। पंचायत क्षेत्र के सभी छठ घाटों और तालाबों

छठ पर्व के अवसर पर नीतीश-चिराग की मुलाकात बनी सियासी चर्चा का केंद्र आकाश श्रीवास्तव, पटना। बिहार की राजनीति में रविवार का दिन बेहद खास रहा जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान एक ही मंच पर दिखाई दिए।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज चिराग पासवान के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने खरना प्रसाद ग्रहण किया और छठ महापर्व की शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं की यह मुलाकात न केवल सौहार्द का प्रतीक बनी बल्कि चुनावी माहौल के बीच राजनीतिक हलचल भी पैदा कर गई। सादगी और सम्मान का मिला संगम नीतीश कुमार ने

छठ पर्व के अवसर पर नीतीश-चिराग की मुलाकात बनी सियासी चर्चा का केंद्र आकाश श्रीवास्तव, पटना। बिहार की राजनीति में रविवार का दिन बेहद खास रहा जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान एक ही मंच पर दिखाई दिए।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज चिराग पासवान के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने खरना प्रसाद ग्रहण किया और छठ महापर्व की शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं की यह मुलाकात न केवल सौहार्द का प्रतीक बनी बल्कि चुनावी माहौल के बीच राजनीतिक हलचल भी पैदा कर गई। सादगी और सम्मान का मिला संगम नीतीश कुमार ने

छठ पूजा 2025 की तैयारियों में जुटा प्रशासन लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने छठ पर्व 2025 के मद्देनज़र सभी नगरीय निकायों को घाटों की सफाई, रोशनी, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि स्वच्छता, अनुशासन और सामूहिक जिम्मेदारी का भी परिचायक है। वर्चुअल बैठक में दिए गए विशेष निर्देश रविवार को हुई वर्चुअल समीक्षा बैठक में मंत्री ने राज्यभर के नगर आयुक्तों, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा

छठ पूजा 2025 की तैयारियों में जुटा प्रशासन लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने छठ पर्व 2025 के मद्देनज़र सभी नगरीय निकायों को घाटों की सफाई, रोशनी, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि स्वच्छता, अनुशासन और सामूहिक जिम्मेदारी का भी परिचायक है। वर्चुअल बैठक में दिए गए विशेष निर्देश रविवार को हुई वर्चुअल समीक्षा बैठक में मंत्री ने राज्यभर के नगर आयुक्तों, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा

अगले हफ्ते 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक बैंक रहेंगे 5 दिन बंद रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के अवकाश कैलेंडर के अनुसार, अगले हफ्ते देशभर में बैंकों की 5 दिन छुट्टी रहेगी। ये छुट्टियां छठ पूजा, सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती, कन्नड़ राज्योत्सव और इगास बगवाल जैसे त्योहारों और अवसरों के कारण घोषित की गई हैं। हालांकि, ये छुट्टियां राज्य-वार हैं, यानी हर जगह बैंक बंद नहीं रहेंगे। देशभर में रविवार, 2 नवंबर 2025 को बैंक सभी राज्यों में बंद रहेंगे। छठ पूजा पर बैंक बंद रहेंगे छठ पूजा का त्योहार सूर्य देव को समर्पित चार दिवसीय पर्व है, जो

अगले हफ्ते 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक बैंक रहेंगे 5 दिन बंद रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के अवकाश कैलेंडर के अनुसार, अगले हफ्ते देशभर में बैंकों की 5 दिन छुट्टी रहेगी। ये छुट्टियां छठ पूजा, सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती, कन्नड़ राज्योत्सव और इगास बगवाल जैसे त्योहारों और अवसरों के कारण घोषित की गई हैं। हालांकि, ये छुट्टियां राज्य-वार हैं, यानी हर जगह बैंक बंद नहीं रहेंगे। देशभर में रविवार, 2 नवंबर 2025 को बैंक सभी राज्यों में बंद रहेंगे। छठ पूजा पर बैंक बंद रहेंगे छठ पूजा का त्योहार सूर्य देव को समर्पित चार दिवसीय पर्व है, जो

छठ खरना 2025: महाप्रसाद और विधि खरना पूजा छठ महापर्व का दूसरा दिन है। इस दिन व्रती सूर्यास्त के बाद निर्जला व्रत से पूर्व महाप्रसाद तैयार करते हैं। खरना का प्रसाद व्रती के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसमें अशुद्ध या तामसिक तत्व का प्रयोग नहीं किया जाता। खरना में क्या बनता है? गुड़ की खीर (रसियाव): यह मुख्य प्रसाद है, जो चावल, दूध और गुड़ से बनाई जाती है। रोटी: गेहूं के आटे की रोटी, जिसमें देसी घी लगाया जाता है। अन्य प्रसाद सामग्री: केला और शुद्ध जल। खरना का यह प्रसाद सूर्य देव और छठी मैया को

छठ खरना 2025: महाप्रसाद और विधि खरना पूजा छठ महापर्व का दूसरा दिन है। इस दिन व्रती सूर्यास्त के बाद निर्जला व्रत से पूर्व महाप्रसाद तैयार करते हैं। खरना का प्रसाद व्रती के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसमें अशुद्ध या तामसिक तत्व का प्रयोग नहीं किया जाता। खरना में क्या बनता है? गुड़ की खीर (रसियाव): यह मुख्य प्रसाद है, जो चावल, दूध और गुड़ से बनाई जाती है। रोटी: गेहूं के आटे की रोटी, जिसमें देसी घी लगाया जाता है। अन्य प्रसाद सामग्री: केला और शुद्ध जल। खरना का यह प्रसाद सूर्य देव और छठी मैया को

छठ पूजा 2025: चार दिन और पूजा का महत्व छठ महापर्व कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से सप्तमी तक मनाया जाता है। यह पर्व सूर्य देव (भगवान भास्कर) और उनकी बहन छठी मैया (ऊषा देवी) की उपासना के लिए होता है। पर्व का उद्देश्य शरीर, मन और आत्मा की शुद्धि है। चार दिन की विधि पहला दिन – नहाय खाय: शरीर और मन की शुद्धि के लिए व्रती स्नान कर सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। दूसरा दिन – खरना: निर्जला व्रत से पूर्व गुड़ की खीर और गेहूं की रोटी का प्रसाद तैयार किया जाता है। तीसरा दिन – संध्या

छठ पूजा 2025: चार दिन और पूजा का महत्व छठ महापर्व कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से सप्तमी तक मनाया जाता है। यह पर्व सूर्य देव (भगवान भास्कर) और उनकी बहन छठी मैया (ऊषा देवी) की उपासना के लिए होता है। पर्व का उद्देश्य शरीर, मन और आत्मा की शुद्धि है। चार दिन की विधि पहला दिन – नहाय खाय: शरीर और मन की शुद्धि के लिए व्रती स्नान कर सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। दूसरा दिन – खरना: निर्जला व्रत से पूर्व गुड़ की खीर और गेहूं की रोटी का प्रसाद तैयार किया जाता है। तीसरा दिन – संध्या

हाजीपुर रेलवे स्टेशन पर छठ 2025 की तैयारियाँ तेज हाजीपुर। छठ 2025 के अवसर पर हाजीपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने विशेष तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जिला पुलिस (जीआरपी) की टीमें 24 घंटे तैनात हैं। यात्रियों के बैठने और पेयजल की व्यवस्था के साथ-साथ स्टेशन परिसर में पंडाल लगाकर लोगों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। रेलवे प्रशासन की चौकसी और सुरक्षा व्यवस्था छठ के अवसर पर रेलवे प्रशासन ने स्टेशन के सभी प्लेटफार्म, सर्कुलेटिंग एरिया और परिसर में लगातार निगरानी रखी है।

हाजीपुर रेलवे स्टेशन पर छठ 2025 की तैयारियाँ तेज हाजीपुर। छठ 2025 के अवसर पर हाजीपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने विशेष तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जिला पुलिस (जीआरपी) की टीमें 24 घंटे तैनात हैं। यात्रियों के बैठने और पेयजल की व्यवस्था के साथ-साथ स्टेशन परिसर में पंडाल लगाकर लोगों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। रेलवे प्रशासन की चौकसी और सुरक्षा व्यवस्था छठ के अवसर पर रेलवे प्रशासन ने स्टेशन के सभी प्लेटफार्म, सर्कुलेटिंग एरिया और परिसर में लगातार निगरानी रखी है।

छठ पूजा पर रेलवे की सौगात: हावड़ा-गोरखपुर के बीच स्पेशल ट्रेन जमुई। छठ पूजा के अवसर पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने एक अहम कदम उठाया है। पूर्व रेलवे ने हावड़ा और गोरखपुर के बीच एक और अनारक्षित स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है, जिससे यात्रियों को अपने घरों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। यह निर्णय छठ महापर्व के दौरान यात्रियों की आवाजाही को सहज बनाने के लिए लिया गया है। रेलवे की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, यह ट्रेन छठ पर्व की तिथियों 26 और 27 अक्टूबर को दोनों दिशाओं में संचालित होगी।

छठ पूजा पर रेलवे की सौगात: हावड़ा-गोरखपुर के बीच स्पेशल ट्रेन जमुई। छठ पूजा के अवसर पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने एक अहम कदम उठाया है। पूर्व रेलवे ने हावड़ा और गोरखपुर के बीच एक और अनारक्षित स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है, जिससे यात्रियों को अपने घरों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। यह निर्णय छठ महापर्व के दौरान यात्रियों की आवाजाही को सहज बनाने के लिए लिया गया है। रेलवे की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, यह ट्रेन छठ पर्व की तिथियों 26 और 27 अक्टूबर को दोनों दिशाओं में संचालित होगी।

योगी आदित्यनाथ ने छठ पूजा पर दी शुभकामनाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छठ पूजा के अवसर पर जनता को बधाई देते हुए ट्वीट किया। उन्होंने कहा: योगी आदित्यनाथ ने इस संदेश के माध्यम से सभी श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं और माताओं को छठ व्रत में लगने वाले कठिन परिश्रम और भक्ति के लिए सम्मानित किया। रउवा सब पर छठी मइया के कृपा बनल रहे, परिवार खातिर कठिन व्रत रखे वाली माता आ बहिन लोगन के हमरे तरफ से विशेष मंगलकामना… जय छठी मइया! pic.twitter.com/gxinOal80z — Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 25, 2025 छठ पूजा की विशेषता छठ पूजा बिहार, उत्तर प्रदेश और

योगी आदित्यनाथ ने छठ पूजा पर दी शुभकामनाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छठ पूजा के अवसर पर जनता को बधाई देते हुए ट्वीट किया। उन्होंने कहा: योगी आदित्यनाथ ने इस संदेश के माध्यम से सभी श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं और माताओं को छठ व्रत में लगने वाले कठिन परिश्रम और भक्ति के लिए सम्मानित किया। रउवा सब पर छठी मइया के कृपा बनल रहे, परिवार खातिर कठिन व्रत रखे वाली माता आ बहिन लोगन के हमरे तरफ से विशेष मंगलकामना… जय छठी मइया! pic.twitter.com/gxinOal80z — Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 25, 2025 छठ पूजा की विशेषता छठ पूजा बिहार, उत्तर प्रदेश और

छठ गीत: महापर्व की आत्मा छठ पूजा केवल एक व्रत नहीं है, बल्कि यह संस्कृति, परंपरा और संगीत का अद्भुत संगम है। चार दिनों तक चलने वाला यह महाव्रत छठ गीतों के बिना अधूरा प्रतीत होता है। बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के हर घर और घाट पर इन गीतों की गूंज इस महापर्व की रौनक को और बढ़ा देती है। 25 अक्टूबर 2025 से नहाय-खाय के साथ छठ पूजा शुरू हो चुकी है। इस अवसर पर छठ गीतों की विशेष धुनों से वातावरण भक्ति और श्रद्धा से सराबोर हो जाता है। हो दीनानाथ शारदा सिन्हा, जिन्हें बिहार की कोकिला

छठ गीत: महापर्व की आत्मा छठ पूजा केवल एक व्रत नहीं है, बल्कि यह संस्कृति, परंपरा और संगीत का अद्भुत संगम है। चार दिनों तक चलने वाला यह महाव्रत छठ गीतों के बिना अधूरा प्रतीत होता है। बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के हर घर और घाट पर इन गीतों की गूंज इस महापर्व की रौनक को और बढ़ा देती है। 25 अक्टूबर 2025 से नहाय-खाय के साथ छठ पूजा शुरू हो चुकी है। इस अवसर पर छठ गीतों की विशेष धुनों से वातावरण भक्ति और श्रद्धा से सराबोर हो जाता है। हो दीनानाथ शारदा सिन्हा, जिन्हें बिहार की कोकिला

छठ पूजा 2025: गोरखपुर के घाटों पर रील्स और सोशल मीडिया की धूम छठ पूजा 2025 का महापर्व इंटरनेट मीडिया पर जमकर छाया हुआ है। गोरखपुर के घाटों पर युवा और कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में छठ पूजा के गीतों पर रील्स बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। इस दौरान घाटों पर विशेष रौनक देखने को मिल रही है, जिससे लोगों में उत्साह और आस्था दोनों ही बढ़ रहे हैं। घाटों पर छठ पूजा की तैयारी गोरखपुर के रामगढ़ताल, राप्ती नदी के गुरु गोरक्षनाथ घाट और श्रीराम घाट पर छठ पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं। युवतियां पारंपरिक वेशभूषा

छठ पूजा 2025: गोरखपुर के घाटों पर रील्स और सोशल मीडिया की धूम छठ पूजा 2025 का महापर्व इंटरनेट मीडिया पर जमकर छाया हुआ है। गोरखपुर के घाटों पर युवा और कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में छठ पूजा के गीतों पर रील्स बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। इस दौरान घाटों पर विशेष रौनक देखने को मिल रही है, जिससे लोगों में उत्साह और आस्था दोनों ही बढ़ रहे हैं। घाटों पर छठ पूजा की तैयारी गोरखपुर के रामगढ़ताल, राप्ती नदी के गुरु गोरक्षनाथ घाट और श्रीराम घाट पर छठ पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं। युवतियां पारंपरिक वेशभूषा

छठ पूजा 2025: छठी मैया कौन हैं और पूजा का महत्व छठ पूजा बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में लोक आस्था का महापर्व माना जाता है। इस दौरान भगवान सूर्य और छठी मैया की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से संतान को दीर्घायु, परिवार में सुख-शांति और आध्यात्मिक शक्ति की प्राप्ति होती है। छठी मैया की उत्पत्ति पौराणिक कथा के अनुसार, एक राजा प्रियंवद और उनकी पत्नी मालिनी संतानहीन थे। संतान प्राप्ति के लिए उन्होंने ऋषि कश्यप के पास जाकर यज्ञ किया। यज्ञ से उन्हें पुत्र प्राप्त हुआ, लेकिन

छठ पूजा 2025: छठी मैया कौन हैं और पूजा का महत्व छठ पूजा बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में लोक आस्था का महापर्व माना जाता है। इस दौरान भगवान सूर्य और छठी मैया की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से संतान को दीर्घायु, परिवार में सुख-शांति और आध्यात्मिक शक्ति की प्राप्ति होती है। छठी मैया की उत्पत्ति पौराणिक कथा के अनुसार, एक राजा प्रियंवद और उनकी पत्नी मालिनी संतानहीन थे। संतान प्राप्ति के लिए उन्होंने ऋषि कश्यप के पास जाकर यज्ञ किया। यज्ञ से उन्हें पुत्र प्राप्त हुआ, लेकिन

छठ पूजा पर खस्ता ठेकुआ बनाने की आसान विधि छठ पूजा बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में लोक आस्था का महापर्व माना जाता है। यह महापर्व इस साल 25 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। नहाय-खाय से शुरू होकर खरना, संध्या अर्घ्य और सुबह सूरज देवता को अर्घ्य देने तक इसका क्रम चलता है। छठ पूजा के दौरान कई प्रसाद बनते हैं, लेकिन इनमें ठेकुआ का विशेष महत्व है। इसे पूजा में बड़े श्रद्धा और पवित्रता के साथ तैयार किया जाता है। ठेकुआ का स्वाद, खस्तापन और मिठास इसे महापर्व के लिए खास बनाते हैं। ठेकुआ

छठ पूजा पर खस्ता ठेकुआ बनाने की आसान विधि छठ पूजा बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में लोक आस्था का महापर्व माना जाता है। यह महापर्व इस साल 25 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। नहाय-खाय से शुरू होकर खरना, संध्या अर्घ्य और सुबह सूरज देवता को अर्घ्य देने तक इसका क्रम चलता है। छठ पूजा के दौरान कई प्रसाद बनते हैं, लेकिन इनमें ठेकुआ का विशेष महत्व है। इसे पूजा में बड़े श्रद्धा और पवित्रता के साथ तैयार किया जाता है। ठेकुआ का स्वाद, खस्तापन और मिठास इसे महापर्व के लिए खास बनाते हैं। ठेकुआ

Chhath Puja 2025 Wishes: लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ पूजा, जिसे लोक आस्था का महापर्व कहा जाता है, इस वर्ष 25 अक्टूबर 2025 से “नहाय खाय” के साथ शुरू हो रही है। यह चार दिनों तक चलने वाला पर्व है जिसमें भगवान सूर्य और छठी मैया की उपासना की जाती है। मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में मनाया जाने वाला यह पर्व संतान की दीर्घायु और परिवार के सुख-समृद्धि के लिए समर्पित है। इस मौके पर नहाय-खाय, खरना, डूबते सूर्य को अर्घ्य और उगते सूर्य को अर्घ्य देने जैसे अनुष्ठान

Chhath Puja 2025 Wishes: लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ पूजा, जिसे लोक आस्था का महापर्व कहा जाता है, इस वर्ष 25 अक्टूबर 2025 से “नहाय खाय” के साथ शुरू हो रही है। यह चार दिनों तक चलने वाला पर्व है जिसमें भगवान सूर्य और छठी मैया की उपासना की जाती है। मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में मनाया जाने वाला यह पर्व संतान की दीर्घायु और परिवार के सुख-समृद्धि के लिए समर्पित है। इस मौके पर नहाय-खाय, खरना, डूबते सूर्य को अर्घ्य और उगते सूर्य को अर्घ्य देने जैसे अनुष्ठान

कानपुर में छठ महापर्व: श्रद्धा और आस्था का अद्भुत नजारा कानपुर में छठ महापर्व को लेकर श्रद्धा और आस्था का दृश्य देखते ही बन रहा है। शहर के गंगा घाटों पर साढ़े छह लाख से अधिक श्रद्धालु सूर्य उपासना में शामिल होंगे। प्रशासन ने घाटों पर सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात की विशेष व्यवस्था की है। चार दिनों का व्रत और पूजा विधि छठ पूजा का पर्व 25 अक्टूबर शनिवार को नहाय-खाय से शुरू होकर 28 अक्टूबर मंगलवार को सुबह के सूर्य अर्घ्य और व्रत परायण के साथ संपन्न होगा। 25 अक्टूबर (नहाय-खाय): श्रद्धालु नदी या तालाब में स्नान करेंगे और

कानपुर में छठ महापर्व: श्रद्धा और आस्था का अद्भुत नजारा कानपुर में छठ महापर्व को लेकर श्रद्धा और आस्था का दृश्य देखते ही बन रहा है। शहर के गंगा घाटों पर साढ़े छह लाख से अधिक श्रद्धालु सूर्य उपासना में शामिल होंगे। प्रशासन ने घाटों पर सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात की विशेष व्यवस्था की है। चार दिनों का व्रत और पूजा विधि छठ पूजा का पर्व 25 अक्टूबर शनिवार को नहाय-खाय से शुरू होकर 28 अक्टूबर मंगलवार को सुबह के सूर्य अर्घ्य और व्रत परायण के साथ संपन्न होगा। 25 अक्टूबर (नहाय-खाय): श्रद्धालु नदी या तालाब में स्नान करेंगे और

छठ पर्व निकट आते ही यात्रियों की बढ़ी बेचैनी दीपावली की रौनक थमते ही अब छठ पर्व की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं। पर्व के अवसर पर घर लौटने की चाह में उत्तराखंड से बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जाने वाले यात्रियों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। हल्द्वानी, काठगोदाम, रुद्रपुर और आसपास के रेलवे स्टेशनों पर टिकट खिड़कियों और ऑनलाइन पोर्टलों पर यात्रियों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं। रानीखेत एक्सप्रेस और बाघ एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों में स्लीपर वर्ग से लेकर एसी कोच तक में सीटें पूरी तरह से भर चुकी हैं। अधिकांश ट्रेनों में वेटिंग

छठ पर्व निकट आते ही यात्रियों की बढ़ी बेचैनी दीपावली की रौनक थमते ही अब छठ पर्व की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं। पर्व के अवसर पर घर लौटने की चाह में उत्तराखंड से बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जाने वाले यात्रियों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। हल्द्वानी, काठगोदाम, रुद्रपुर और आसपास के रेलवे स्टेशनों पर टिकट खिड़कियों और ऑनलाइन पोर्टलों पर यात्रियों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं। रानीखेत एक्सप्रेस और बाघ एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों में स्लीपर वर्ग से लेकर एसी कोच तक में सीटें पूरी तरह से भर चुकी हैं। अधिकांश ट्रेनों में वेटिंग

अंबाझरी छठ घाट का भूमिपूजन एवं निरीक्षण संपन्न नागपुर में बिहार एवं उत्तर भारत का महापर्व छठ पूजा हर वर्ष श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति में मनाया जाता है। अंबाझरी तालाब पर यह पर्व विशेष रूप से भव्य आयोजन के साथ मनाया जाता है, और वर्ष 2012 से इसकी संपूर्ण व्यवस्था नागपुर महानगर पालिका द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। पूर्व महापौर के नेतृत्व में घाट का निरीक्षण इस वर्ष पूर्व महापौर दयाशंकर तिवारी के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय छठ पूजा आयोजन समिति के सदस्यों ने अंबाझरी छठ घाट का निरीक्षण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम संपन्न किया। इस अवसर पर घाट परिसर में

अंबाझरी छठ घाट का भूमिपूजन एवं निरीक्षण संपन्न नागपुर में बिहार एवं उत्तर भारत का महापर्व छठ पूजा हर वर्ष श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति में मनाया जाता है। अंबाझरी तालाब पर यह पर्व विशेष रूप से भव्य आयोजन के साथ मनाया जाता है, और वर्ष 2012 से इसकी संपूर्ण व्यवस्था नागपुर महानगर पालिका द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। पूर्व महापौर के नेतृत्व में घाट का निरीक्षण इस वर्ष पूर्व महापौर दयाशंकर तिवारी के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय छठ पूजा आयोजन समिति के सदस्यों ने अंबाझरी छठ घाट का निरीक्षण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम संपन्न किया। इस अवसर पर घाट परिसर में

दिवाली-छठ पर रेल यात्रियों को बड़ी सौगात, मोदी कैबिनेट ने 12000 ट्रेनों के संचालन को दी मंजूरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें सबसे बड़ा फैसला रेल यात्रियों के लिए दिवाली और छठ जैसे त्योहारी सीजन में सुविधा बढ़ाने का रहा। रेल मंत्रालय ने इस अवसर पर 12 हजार ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है, जिसमें 1200 स्पेशल ट्रेनें दिवाली और छठ पर्व पर चलेंगी। यह निर्णय विशेष रूप से यात्रियों की सुविधा और यात्रा को सहज बनाने के लिए लिया गया है। चार नई रेलवे परियोजनाओं को

दिवाली-छठ पर रेल यात्रियों को बड़ी सौगात, मोदी कैबिनेट ने 12000 ट्रेनों के संचालन को दी मंजूरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें सबसे बड़ा फैसला रेल यात्रियों के लिए दिवाली और छठ जैसे त्योहारी सीजन में सुविधा बढ़ाने का रहा। रेल मंत्रालय ने इस अवसर पर 12 हजार ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है, जिसमें 1200 स्पेशल ट्रेनें दिवाली और छठ पर्व पर चलेंगी। यह निर्णय विशेष रूप से यात्रियों की सुविधा और यात्रा को सहज बनाने के लिए लिया गया है। चार नई रेलवे परियोजनाओं को