
हिंदू समाज का अस्तित्व दुनिया की सुरक्षा: मोहन भागवत का मणिपुर में विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मणिपुर में आयोजित जनजातीय नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान हिंदू समाज के वैश्विक महत्व पर गहरी टिप्पणी की। उनका यह वक्तव्य केवल धार्मिक भावनाओं का प्रतिनिधित्व नहीं करता, बल्कि भारतीय सभ्यता और उसके निरंतर अस्तित्व पर विचार प्रस्तुत करता है। भागवत का कहना था कि यदि हिंदू समाज नहीं रहेगा, तो दुनिया भी समाप्त हो जाएगी। यह कथन एक चेतावनी की तरह सामने आता है, जो इस समाज की भूमिका, जिम्मेदारी और वैश्विक महत्व पर प्रकाश

हिंदू समाज का अस्तित्व दुनिया की सुरक्षा: मोहन भागवत का मणिपुर में विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मणिपुर में आयोजित जनजातीय नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान हिंदू समाज के वैश्विक महत्व पर गहरी टिप्पणी की। उनका यह वक्तव्य केवल धार्मिक भावनाओं का प्रतिनिधित्व नहीं करता, बल्कि भारतीय सभ्यता और उसके निरंतर अस्तित्व पर विचार प्रस्तुत करता है। भागवत का कहना था कि यदि हिंदू समाज नहीं रहेगा, तो दुनिया भी समाप्त हो जाएगी। यह कथन एक चेतावनी की तरह सामने आता है, जो इस समाज की भूमिका, जिम्मेदारी और वैश्विक महत्व पर प्रकाश

प्रमुख मुद्दे का अवलोकन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि संगठन ने संयुक्त राज्य अमेरिका या किसी भी अन्य देश में कोई लॉबिंग फर्म या जनसंपर्क संस्था नियुक्त नहीं की है। हाल ही में विभिन्न माध्यमों में प्रसारित दावों और चर्चाओं के बाद संघ की ओर से यह आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें यह कहा गया है कि आरएसएस अपने विचारों, उद्देश्यों और कार्यप्रणाली के प्रचार-प्रसार में किसी बाहरी या अंतरराष्ट्रीय सहायता पर निर्भर नहीं रहता। आरएसएस की कार्यप्रणाली और मूल ध्येय आरएसएस देश में कार्यरत एक स्वैच्छिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन है, जिसका मूल

प्रमुख मुद्दे का अवलोकन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि संगठन ने संयुक्त राज्य अमेरिका या किसी भी अन्य देश में कोई लॉबिंग फर्म या जनसंपर्क संस्था नियुक्त नहीं की है। हाल ही में विभिन्न माध्यमों में प्रसारित दावों और चर्चाओं के बाद संघ की ओर से यह आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें यह कहा गया है कि आरएसएस अपने विचारों, उद्देश्यों और कार्यप्रणाली के प्रचार-प्रसार में किसी बाहरी या अंतरराष्ट्रीय सहायता पर निर्भर नहीं रहता। आरएसएस की कार्यप्रणाली और मूल ध्येय आरएसएस देश में कार्यरत एक स्वैच्छिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन है, जिसका मूल

RSS रूट मार्च में सरकारी अधिकारी की भागीदारी कर्नाटक के रायचूर जिले में 12 अक्टूबर 2025 को आयोजित RSS रूट मार्च में भाग लेने के कारण कांग्रेस सरकार के नेतृत्व वाले राज्य ने पंचायती विकास अधिकारी प्रवीण कुमार के.पी. को 17 अक्टूबर को निलंबित कर दिया। सरकारी नियमों के अनुसार, सिविल सर्विस अधिकारियों का किसी राजनीतिक या सामाजिक संगठन के गतिविधियों में भाग लेना वर्जित है। राज्य सरकार ने इस कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट किया कि सरकारी अधिकारी सर्वपक्षीय और निष्पक्ष रहना अनिवार्य है और किसी राजनीतिक या सांस्कृतिक संगठन के प्रति पक्षपात नहीं दिखा सकते। मुख्यमंत्री और मंत्री

RSS रूट मार्च में सरकारी अधिकारी की भागीदारी कर्नाटक के रायचूर जिले में 12 अक्टूबर 2025 को आयोजित RSS रूट मार्च में भाग लेने के कारण कांग्रेस सरकार के नेतृत्व वाले राज्य ने पंचायती विकास अधिकारी प्रवीण कुमार के.पी. को 17 अक्टूबर को निलंबित कर दिया। सरकारी नियमों के अनुसार, सिविल सर्विस अधिकारियों का किसी राजनीतिक या सामाजिक संगठन के गतिविधियों में भाग लेना वर्जित है। राज्य सरकार ने इस कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट किया कि सरकारी अधिकारी सर्वपक्षीय और निष्पक्ष रहना अनिवार्य है और किसी राजनीतिक या सांस्कृतिक संगठन के प्रति पक्षपात नहीं दिखा सकते। मुख्यमंत्री और मंत्री

अमरावती में विजयादशमी उत्सव पर संघ की विचारधारा अमरावती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य एवं प्रज्ञा प्रवाह के संयोजक जे. नंदकुमार ने अमरावती में आयोजित विजयादशमी उत्सव में कहा कि “भारत हिंदू राष्ट्र था, है और रहेगा। यह हमारा दृढ़ विश्वास है।” उन्होंने बताया कि 1925 में संघ की स्थापना बिना किसी कार्यालय या नेता के हुई थी, लेकिन विचारों की निष्ठा और अनुशासन से संघ ने वटवृक्ष के समान विकास किया। संघ की असली शक्ति शाखाओं में निहित है। स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रनिर्माण में संघ का योगदान नंदकुमार जी ने कहा कि डॉ. केशव बळीराम हेडगेवार

अमरावती में विजयादशमी उत्सव पर संघ की विचारधारा अमरावती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य एवं प्रज्ञा प्रवाह के संयोजक जे. नंदकुमार ने अमरावती में आयोजित विजयादशमी उत्सव में कहा कि “भारत हिंदू राष्ट्र था, है और रहेगा। यह हमारा दृढ़ विश्वास है।” उन्होंने बताया कि 1925 में संघ की स्थापना बिना किसी कार्यालय या नेता के हुई थी, लेकिन विचारों की निष्ठा और अनुशासन से संघ ने वटवृक्ष के समान विकास किया। संघ की असली शक्ति शाखाओं में निहित है। स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रनिर्माण में संघ का योगदान नंदकुमार जी ने कहा कि डॉ. केशव बळीराम हेडगेवार

नई दिल्ली: विजयदशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संघ की ऐतिहासिक यात्रा, उसके योगदान और राष्ट्रनिर्माण में निभाई गई भूमिका पर अपने विचार साझा किए। पीएम मोदी ने कहा कि संघ केवल एक संगठन नहीं, बल्कि अनुशासन, सेवा और राष्ट्र भावना की जीवन्त धारा है, जिसने बीते एक सदी में भारत समाज और संस्कृति को नई दिशा दी है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ और अपने ब्लॉग के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित करते हुए लिखा कि 1925 में विजयदशमी के दिन डॉ. हेडगेवार ने जिस उद्देश्य से

नई दिल्ली: विजयदशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संघ की ऐतिहासिक यात्रा, उसके योगदान और राष्ट्रनिर्माण में निभाई गई भूमिका पर अपने विचार साझा किए। पीएम मोदी ने कहा कि संघ केवल एक संगठन नहीं, बल्कि अनुशासन, सेवा और राष्ट्र भावना की जीवन्त धारा है, जिसने बीते एक सदी में भारत समाज और संस्कृति को नई दिशा दी है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ और अपने ब्लॉग के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित करते हुए लिखा कि 1925 में विजयदशमी के दिन डॉ. हेडगेवार ने जिस उद्देश्य से

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को देश की एकता और विविधता पर खतरे की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि “घुसपैठिए” भारत में जनसांख्यिकीय बदलाव कर रहे हैं, जिससे सामाजिक सामंजस्य और आंतरिक सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने कहा, “अगर इस ताकत को तोड़ा गया, तो भारत कमजोर होगा।” प्रधानमंत्री मोदी यह टिप्पणी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी समारोह के दौरान दे रहे थे। RSS भारतीय जनता पार्टी का वैचारिक मार्गदर्शक संगठन है। इस भाषण में प्रधानमंत्री ने अपने 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस के भाषण का भी स्मरण कराया, जिसमें उन्होंने ‘जनसांख्यिकीय मिशन’ की

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को देश की एकता और विविधता पर खतरे की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि “घुसपैठिए” भारत में जनसांख्यिकीय बदलाव कर रहे हैं, जिससे सामाजिक सामंजस्य और आंतरिक सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने कहा, “अगर इस ताकत को तोड़ा गया, तो भारत कमजोर होगा।” प्रधानमंत्री मोदी यह टिप्पणी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी समारोह के दौरान दे रहे थे। RSS भारतीय जनता पार्टी का वैचारिक मार्गदर्शक संगठन है। इस भाषण में प्रधानमंत्री ने अपने 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस के भाषण का भी स्मरण कराया, जिसमें उन्होंने ‘जनसांख्यिकीय मिशन’ की

Mohan Bhagwat on US Tariff: नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ को लेकर अपना पक्ष रखा।उन्होंने कहा कि दुनिया में कई देशों को यह डर सताता है – “अगर कोई बड़ा होगा तो मेरा क्या होगा”। इसी मानसिकता के चलते बड़े राष्ट्र अक्सर टैरिफ जैसे आर्थिक अवरोध खड़े करते हैं। भागवत का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भारत-अमेरिका व्यापार संबंध वैश्विक सुर्खियों में हैं। अमेरिका ने हाल के वर्षों में भारत के कई उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाया है। वहीं भारत

Mohan Bhagwat on US Tariff: नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ को लेकर अपना पक्ष रखा।उन्होंने कहा कि दुनिया में कई देशों को यह डर सताता है – “अगर कोई बड़ा होगा तो मेरा क्या होगा”। इसी मानसिकता के चलते बड़े राष्ट्र अक्सर टैरिफ जैसे आर्थिक अवरोध खड़े करते हैं। भागवत का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भारत-अमेरिका व्यापार संबंध वैश्विक सुर्खियों में हैं। अमेरिका ने हाल के वर्षों में भारत के कई उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाया है। वहीं भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) के सरसंघचालक Mohan Bhagwat को उनके 75वें जन्मदिवस पर शुभकामनाएं देते हुए उन्हें राष्ट्र और समाज के लिए एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व बताया। PM Modi ने एक विस्तृत ब्लॉग पोस्ट लिखकर Mohan Bhagwat के RSS सफर, उनके नेतृत्व और उनके विचारों पर प्रकाश डाला और कहा कि Bhagwat Ji ने संगठन को उसके “Most Transformative Phase in 100 Years” तक पहुँचाया है। Explore Web Stories: Vasudhaiva Kutumbakam की भावना और राष्ट्र सेवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X (पूर्व में Twitter) पर लिखा कि “Vasudhaiva Kutumbakam” के सिद्धांत से प्रेरित होकर Mohan

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) के सरसंघचालक Mohan Bhagwat को उनके 75वें जन्मदिवस पर शुभकामनाएं देते हुए उन्हें राष्ट्र और समाज के लिए एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व बताया। PM Modi ने एक विस्तृत ब्लॉग पोस्ट लिखकर Mohan Bhagwat के RSS सफर, उनके नेतृत्व और उनके विचारों पर प्रकाश डाला और कहा कि Bhagwat Ji ने संगठन को उसके “Most Transformative Phase in 100 Years” तक पहुँचाया है। Explore Web Stories: Vasudhaiva Kutumbakam की भावना और राष्ट्र सेवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X (पूर्व में Twitter) पर लिखा कि “Vasudhaiva Kutumbakam” के सिद्धांत से प्रेरित होकर Mohan

नागपुर, 10 सितम्बर –Somnath Jyotirling Maharudra Puja का भव्य आयोजन नागपुर के मानकापुर क्रीड़ा संकुल में हुआ। यह आयोजन Art of Living द्वारा संपन्न किया गया, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक Dr. Mohan Bhagwat मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु और साधक शामिल हुए। देशभक्ति और देवभक्ति का अद्वितीय संदेश अपने संबोधन में डॉ. भागवत ने कहा कि Deshbhakti aur Devbhakti हमारे देश में अलग नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया – “जो वास्तविक देवभक्ति करेगा, वह देश की भी सच्ची भक्ति करेगा। और जो प्रामाणिकता से देशभक्ति करेगा, उससे भगवान देवभक्ति भी करवा

नागपुर, 10 सितम्बर –Somnath Jyotirling Maharudra Puja का भव्य आयोजन नागपुर के मानकापुर क्रीड़ा संकुल में हुआ। यह आयोजन Art of Living द्वारा संपन्न किया गया, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक Dr. Mohan Bhagwat मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु और साधक शामिल हुए। देशभक्ति और देवभक्ति का अद्वितीय संदेश अपने संबोधन में डॉ. भागवत ने कहा कि Deshbhakti aur Devbhakti हमारे देश में अलग नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया – “जो वास्तविक देवभक्ति करेगा, वह देश की भी सच्ची भक्ति करेगा। और जो प्रामाणिकता से देशभक्ति करेगा, उससे भगवान देवभक्ति भी करवा

जोधपुर, 5 सितम्बर 2025 —Jodhpur RSS Meeting 2025: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से प्रेरित विभिन्न संगठनों की अखिल भारतीय पदाधिकारी बैठक का जोधपुर में शुभारंभ हुआ। बैठक की शुरुआत परम पूज्य सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भारत माता के चित्र के समक्ष पुष्पार्पण कर की। तीन दिन तक चलने वाली इस बैठक का आरंभ संगठन मंत्र के सामूहिक वाचन से हुआ। Jodhpur RSS Meeting 2025: बैठक में संगठनों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए नए प्रयोगों और अनुभवों का विवरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार, संगठन मंत्री मिलिंद परांडे,

जोधपुर, 5 सितम्बर 2025 —Jodhpur RSS Meeting 2025: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से प्रेरित विभिन्न संगठनों की अखिल भारतीय पदाधिकारी बैठक का जोधपुर में शुभारंभ हुआ। बैठक की शुरुआत परम पूज्य सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भारत माता के चित्र के समक्ष पुष्पार्पण कर की। तीन दिन तक चलने वाली इस बैठक का आरंभ संगठन मंत्र के सामूहिक वाचन से हुआ। Jodhpur RSS Meeting 2025: बैठक में संगठनों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए नए प्रयोगों और अनुभवों का विवरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार, संगठन मंत्री मिलिंद परांडे,

Mohan Bhagwat News: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सौम्य और आधुनिक छवि पेश करते हुए इसके प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat RSS Chief) ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत में इस्लाम के लिए हमेशा जगह रहेगी। उन्होंने भाजपा के साथ मतभेद की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि अखंड भारत एक अपरिवर्तनीय वास्तविकता है। ढाई घंटे के प्रश्नोत्तर सत्र में भागवत ने मनुस्मृति से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), अमेरिकी टैरिफ से लेकर जाति, शिक्षा, देशभक्ति, राष्ट्रभाषा, विभाजन, अवैध आव्रजन, मुसलमानों पर हमले और सबसे महत्वपूर्ण, नेताओं की सेवानिवृत्ति की आयु तक के सवालों के जवाब दिए। मैंने कभी नहीं

Mohan Bhagwat News: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सौम्य और आधुनिक छवि पेश करते हुए इसके प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat RSS Chief) ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत में इस्लाम के लिए हमेशा जगह रहेगी। उन्होंने भाजपा के साथ मतभेद की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि अखंड भारत एक अपरिवर्तनीय वास्तविकता है। ढाई घंटे के प्रश्नोत्तर सत्र में भागवत ने मनुस्मृति से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), अमेरिकी टैरिफ से लेकर जाति, शिक्षा, देशभक्ति, राष्ट्रभाषा, विभाजन, अवैध आव्रजन, मुसलमानों पर हमले और सबसे महत्वपूर्ण, नेताओं की सेवानिवृत्ति की आयु तक के सवालों के जवाब दिए। मैंने कभी नहीं

संघ स्थापना का उद्देश्य भारत को विश्वगुरु बनाना – डॉ. मोहन भागवत Mohan Bhagwat RSS News: नई दिल्ली।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित तीन दिवसीय व्याख्यानमाला “100 वर्ष की संघयात्रा – नए क्षितिज” का शुभारंभ मंगलवार को हुआ। इस अवसर पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने संघ की स्थापना के उद्देश्य और इसकी कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. भागवत ने अपने उद्घाटन संबोधन में कहा कि संघ की स्थापना भारत को केंद्र में रखकर की गई थी और इसकी सार्थकता तभी है जब भारत विश्वगुरु बने। उन्होंने कहा

संघ स्थापना का उद्देश्य भारत को विश्वगुरु बनाना – डॉ. मोहन भागवत Mohan Bhagwat RSS News: नई दिल्ली।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित तीन दिवसीय व्याख्यानमाला “100 वर्ष की संघयात्रा – नए क्षितिज” का शुभारंभ मंगलवार को हुआ। इस अवसर पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने संघ की स्थापना के उद्देश्य और इसकी कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. भागवत ने अपने उद्घाटन संबोधन में कहा कि संघ की स्थापना भारत को केंद्र में रखकर की गई थी और इसकी सार्थकता तभी है जब भारत विश्वगुरु बने। उन्होंने कहा