
Delhi Pollution: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है, और इसे नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने गुरुवार (18 दिसंबर) से कई कड़े नियम लागू किए हैं। राजधानी में बढ़ते प्रदूषण ने लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा को चुनौती दी है, जिसके चलते सरकार ने वाहनों, दफ्तरों और दैनिक जीवन पर असर डालने वाले निर्णय लिए हैं। अब राजधानी में बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों से ईंधन नहीं मिलेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदूषण फैलाने वाले वाहन शहर में न चलें। इसके अलावा, दिल्ली से बाहर पंजीकृत

Delhi Pollution: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है, और इसे नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने गुरुवार (18 दिसंबर) से कई कड़े नियम लागू किए हैं। राजधानी में बढ़ते प्रदूषण ने लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा को चुनौती दी है, जिसके चलते सरकार ने वाहनों, दफ्तरों और दैनिक जीवन पर असर डालने वाले निर्णय लिए हैं। अब राजधानी में बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों से ईंधन नहीं मिलेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदूषण फैलाने वाले वाहन शहर में न चलें। इसके अलावा, दिल्ली से बाहर पंजीकृत

दिल्ली की हवा फिर जहरीली हो गई है। शुक्रवार शाम तक राष्ट्रीय राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 441 के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया, जिसके बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने आपातकालीन बैठक बुलाकर पूरे दिल्ली-एनसीआर में GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) के चरण-IV को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया। यह फैसला हर साल की तरह फिर से हमें याद दिलाता है कि हम प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में कितने पीछे हैं। जब मैं इस खबर को पढ़ता हूं, तो मन में कई सवाल उठते हैं। क्या हर साल यही दोहराव चलता रहेगा? क्या हम सिर्फ प्रतिक्रिया

दिल्ली की हवा फिर जहरीली हो गई है। शुक्रवार शाम तक राष्ट्रीय राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 441 के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया, जिसके बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने आपातकालीन बैठक बुलाकर पूरे दिल्ली-एनसीआर में GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) के चरण-IV को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया। यह फैसला हर साल की तरह फिर से हमें याद दिलाता है कि हम प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में कितने पीछे हैं। जब मैं इस खबर को पढ़ता हूं, तो मन में कई सवाल उठते हैं। क्या हर साल यही दोहराव चलता रहेगा? क्या हम सिर्फ प्रतिक्रिया

Delhi Pollution: राजधानी दिल्ली की हवा ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि प्रदूषण अब सिर्फ मौसम से जुड़ी समस्या नहीं, बल्कि एक गंभीर सार्वजनिक संकट बन चुका है। शनिवार सुबह 10 बजे जब औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 401 दर्ज किया गया, तो यह महज एक आंकड़ा नहीं था, बल्कि करोड़ों लोगों की सेहत पर मंडराते खतरे का संकेत था। ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच चुकी हवा ने प्रशासन को भी त्वरित और कड़े कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए सेंट्रल एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) की उप-समिति ने आपात बैठक बुलाई और

Delhi Pollution: राजधानी दिल्ली की हवा ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि प्रदूषण अब सिर्फ मौसम से जुड़ी समस्या नहीं, बल्कि एक गंभीर सार्वजनिक संकट बन चुका है। शनिवार सुबह 10 बजे जब औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 401 दर्ज किया गया, तो यह महज एक आंकड़ा नहीं था, बल्कि करोड़ों लोगों की सेहत पर मंडराते खतरे का संकेत था। ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच चुकी हवा ने प्रशासन को भी त्वरित और कड़े कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए सेंट्रल एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) की उप-समिति ने आपात बैठक बुलाई और

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर अब प्रधानमंत्री कार्यालय ने सीधे तौर पर हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर पीएमओ ने दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए काम कर रही 19 विभिन्न एजेंसियों से एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। इस कदम से साफ संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार दिल्ली की गंभीर समस्याओं को लेकर अब पहले से ज्यादा गंभीर है। दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग ने 25 नवंबर को सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को पत्र भेजकर उनसे प्रदूषण रोकने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी मांगी है।

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर अब प्रधानमंत्री कार्यालय ने सीधे तौर पर हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर पीएमओ ने दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए काम कर रही 19 विभिन्न एजेंसियों से एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। इस कदम से साफ संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार दिल्ली की गंभीर समस्याओं को लेकर अब पहले से ज्यादा गंभीर है। दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग ने 25 नवंबर को सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को पत्र भेजकर उनसे प्रदूषण रोकने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी मांगी है।

राजधानी में प्रदूषण का बढ़ता संकट राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर इस समय गंभीर स्थिति में पहुँच चुका है। हर साल की तरह इस वर्ष भी सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण में वृद्धि होने लगी है। विशेषज्ञों के अनुसार, धूल, वाहन धुआँ, निर्माण कार्यों और जलने वाले कचरे के कारण हवा में हानिकारक तत्व बढ़ रहे हैं। दिल्ली सरकार का निर्णय दिल्ली सरकार ने इस गंभीर समस्या को देखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने सभी सरकारी कार्यालयों और प्राइवेट दफ्तरों को निर्देश दिया है कि केवल 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ कार्यालय संचालन करें। बाकी

राजधानी में प्रदूषण का बढ़ता संकट राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर इस समय गंभीर स्थिति में पहुँच चुका है। हर साल की तरह इस वर्ष भी सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण में वृद्धि होने लगी है। विशेषज्ञों के अनुसार, धूल, वाहन धुआँ, निर्माण कार्यों और जलने वाले कचरे के कारण हवा में हानिकारक तत्व बढ़ रहे हैं। दिल्ली सरकार का निर्णय दिल्ली सरकार ने इस गंभीर समस्या को देखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने सभी सरकारी कार्यालयों और प्राइवेट दफ्तरों को निर्देश दिया है कि केवल 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ कार्यालय संचालन करें। बाकी

दिल्ली एक बार फिर दमघोंटू हवा के साए में है। राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण बढ़ता जा रहा है और उसका असर केवल सड़कों या घरों तक ही सीमित नहीं रह गया, बल्कि अब स्कूलों तक पहुंच चुका है। बढ़ते प्रदूषण स्तर और बेहद खराब एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) के कारण दिल्ली सरकार ने स्कूलों में खेलकूद और आउटडोर स्पोर्ट्स गतिविधियों पर तत्काल रोक लगा दी है। यह निर्णय ऐसे समय पर लिया गया है जब एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने आयोग (CAQM) को इस संबंध में दिशानिर्देश जारी करने पर विचार करने को कहा था। हवा की खराब

दिल्ली एक बार फिर दमघोंटू हवा के साए में है। राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण बढ़ता जा रहा है और उसका असर केवल सड़कों या घरों तक ही सीमित नहीं रह गया, बल्कि अब स्कूलों तक पहुंच चुका है। बढ़ते प्रदूषण स्तर और बेहद खराब एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) के कारण दिल्ली सरकार ने स्कूलों में खेलकूद और आउटडोर स्पोर्ट्स गतिविधियों पर तत्काल रोक लगा दी है। यह निर्णय ऐसे समय पर लिया गया है जब एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने आयोग (CAQM) को इस संबंध में दिशानिर्देश जारी करने पर विचार करने को कहा था। हवा की खराब

दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर संकट का रूप ले चुका है। राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के क्षेत्रों पर जहरीली धुंध की परत गहराती जा रही है। वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI कई स्थानों पर 400 से ऊपर पहुंच गया है, जो साफ तौर पर गंभीर श्रेणी में आता है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है और प्रशासन को कड़े कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ठंडी हवाओं के अभाव और वातावरण में अटके धुएं ने दिल्ली को गैस चैंबर जैसी स्थिति में पहुंचा दिया है। दिल्ली में प्रदूषण का

दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर संकट का रूप ले चुका है। राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के क्षेत्रों पर जहरीली धुंध की परत गहराती जा रही है। वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI कई स्थानों पर 400 से ऊपर पहुंच गया है, जो साफ तौर पर गंभीर श्रेणी में आता है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है और प्रशासन को कड़े कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ठंडी हवाओं के अभाव और वातावरण में अटके धुएं ने दिल्ली को गैस चैंबर जैसी स्थिति में पहुंचा दिया है। दिल्ली में प्रदूषण का

राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण संकट के बीच सर्वोच्च न्यायालय की कठोर टिप्पणियाँ स्कूलों में खेल गतिविधियाँ स्थगित करने की सलाह दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता लगातार ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच रही है। वातावरण में धुएँ, धूलकणों और ठहरी हुई हवा के कारण पूरे क्षेत्र में सांस लेना दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है। इस खतरनाक हालात के बीच सर्वोच्च न्यायालय ने बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोपरि मानते हुए एक महत्त्वपूर्ण सुझाव दिया। अदालत ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) से कहा कि स्कूलों में नवंबर-दिसंबर के दौरान होने वाले खेल और बाहरी गतिविधियों को स्थगित किया जाए और इन्हें उस समय

राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण संकट के बीच सर्वोच्च न्यायालय की कठोर टिप्पणियाँ स्कूलों में खेल गतिविधियाँ स्थगित करने की सलाह दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता लगातार ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच रही है। वातावरण में धुएँ, धूलकणों और ठहरी हुई हवा के कारण पूरे क्षेत्र में सांस लेना दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है। इस खतरनाक हालात के बीच सर्वोच्च न्यायालय ने बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोपरि मानते हुए एक महत्त्वपूर्ण सुझाव दिया। अदालत ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) से कहा कि स्कूलों में नवंबर-दिसंबर के दौरान होने वाले खेल और बाहरी गतिविधियों को स्थगित किया जाए और इन्हें उस समय

राजधानी में वायु प्रदूषण पर गहराता संकट नई दिल्ली। देश की राजधानी इन दिनों वायु प्रदूषण के ऐसे भयावह दौर से गुजर रही है, जिसे विशेषज्ञ अब केवल पर्यावरणीय समस्या नहीं, बल्कि एक गंभीर “स्वास्थ्य आपातकाल” के रूप में देख रहे हैं। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के प्रमुख विशेषज्ञों ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि दिल्ली की हवा अब जनता के स्वास्थ्य पर सीधा प्रहार कर रही है और यदि तत्काल प्रभाव से निर्णायक कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में हालात और भी विकराल हो सकते हैं। ‘भविष्य की पीढ़ियों पर पड़ेगा दुष्प्रभाव’ एम्स

राजधानी में वायु प्रदूषण पर गहराता संकट नई दिल्ली। देश की राजधानी इन दिनों वायु प्रदूषण के ऐसे भयावह दौर से गुजर रही है, जिसे विशेषज्ञ अब केवल पर्यावरणीय समस्या नहीं, बल्कि एक गंभीर “स्वास्थ्य आपातकाल” के रूप में देख रहे हैं। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के प्रमुख विशेषज्ञों ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि दिल्ली की हवा अब जनता के स्वास्थ्य पर सीधा प्रहार कर रही है और यदि तत्काल प्रभाव से निर्णायक कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में हालात और भी विकराल हो सकते हैं। ‘भविष्य की पीढ़ियों पर पड़ेगा दुष्प्रभाव’ एम्स

Delhi-NCR में विषैली वायु से कोई राहत नहीं, ग्रेटर नोएडा और गाज़ियाबाद में AQI 400 के पार वर्तमान मौसम और वायु स्थितियों की गंभीरता दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर लगातार विकराल होता जा रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और मौसम विभाग के ताज़ा आँकड़े दर्शाते हैं कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अधिकांश शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ने 400 का स्तर पार कर लिया है। यह स्थिति प्रदूषण के उस गंभीर दायरे में आती है जो न केवल अस्थमा, हृदय रोग और फेफड़ों की बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों के लिए घातक है, बल्कि स्वस्थ लोगों के लिए भी

Delhi-NCR में विषैली वायु से कोई राहत नहीं, ग्रेटर नोएडा और गाज़ियाबाद में AQI 400 के पार वर्तमान मौसम और वायु स्थितियों की गंभीरता दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर लगातार विकराल होता जा रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और मौसम विभाग के ताज़ा आँकड़े दर्शाते हैं कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अधिकांश शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ने 400 का स्तर पार कर लिया है। यह स्थिति प्रदूषण के उस गंभीर दायरे में आती है जो न केवल अस्थमा, हृदय रोग और फेफड़ों की बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों के लिए घातक है, बल्कि स्वस्थ लोगों के लिए भी

राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के एनसीआर क्षेत्र में एक बार फिर प्रदूषण ने अपना भयावह रूप दिखाना शुरू कर दिया है। हवा इतनी जहरीली हो चुकी है कि सांस लेना दूभर हो गया है। कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 500 के पार पहुंच गया है, जो अत्यंत गंभीर श्रेणी में आता है। ग्रैप-3 की सख्त पाबंदियां लागू होने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है। वजीरपुर, सोनिया विहार, बुराड़ी जैसे इलाकों में हवा की गुणवत्ता इतनी खराब हो गई है कि लोगों को सांस लेने में भारी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा

राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के एनसीआर क्षेत्र में एक बार फिर प्रदूषण ने अपना भयावह रूप दिखाना शुरू कर दिया है। हवा इतनी जहरीली हो चुकी है कि सांस लेना दूभर हो गया है। कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 500 के पार पहुंच गया है, जो अत्यंत गंभीर श्रेणी में आता है। ग्रैप-3 की सख्त पाबंदियां लागू होने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है। वजीरपुर, सोनिया विहार, बुराड़ी जैसे इलाकों में हवा की गुणवत्ता इतनी खराब हो गई है कि लोगों को सांस लेने में भारी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा

दिल्ली में प्रदूषण संकट पर सुप्रीम कोर्ट की गंभीर टिप्पणी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर जहरीली हवा की गिरफ्त में है। लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण ने लोगों का सांस लेना मुश्किल कर दिया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि “स्थिति बहुत गंभीर है।” कोर्ट ने सभी अधिवक्ताओं से आग्रह किया कि वे शारीरिक रूप से अदालत में उपस्थित होने के बजाय वर्चुअल सुनवाई की सुविधा का उपयोग करें। अदालत में कपिल सिब्बल और जस्टिस नरसिम्हा के बीच संवाद सुनवाई के दौरान जब वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल अदालत

दिल्ली में प्रदूषण संकट पर सुप्रीम कोर्ट की गंभीर टिप्पणी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर जहरीली हवा की गिरफ्त में है। लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण ने लोगों का सांस लेना मुश्किल कर दिया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि “स्थिति बहुत गंभीर है।” कोर्ट ने सभी अधिवक्ताओं से आग्रह किया कि वे शारीरिक रूप से अदालत में उपस्थित होने के बजाय वर्चुअल सुनवाई की सुविधा का उपयोग करें। अदालत में कपिल सिब्बल और जस्टिस नरसिम्हा के बीच संवाद सुनवाई के दौरान जब वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल अदालत

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ता प्रदूषण बना बच्चों के लिए खतरा Delhi AQI Severe: दिल्ली-एनसीआर की हवा एक बार फिर ज़हरीली हो गई है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) सोमवार सुबह 425 के पार पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। इसके चलते वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू कर दिया है। पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं हाइब्रिड मोड में Delhi AQI Severe: सरकार ने निर्देश जारी करते हुए पहली से पांचवीं तक की सभी कक्षाओं को हाइब्रिड मोड में संचालित करने को कहा है। अब स्कूलों को यह विकल्प दिया गया

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ता प्रदूषण बना बच्चों के लिए खतरा Delhi AQI Severe: दिल्ली-एनसीआर की हवा एक बार फिर ज़हरीली हो गई है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) सोमवार सुबह 425 के पार पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। इसके चलते वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू कर दिया है। पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं हाइब्रिड मोड में Delhi AQI Severe: सरकार ने निर्देश जारी करते हुए पहली से पांचवीं तक की सभी कक्षाओं को हाइब्रिड मोड में संचालित करने को कहा है। अब स्कूलों को यह विकल्प दिया गया

दिल्ली-एनसीआर में हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में, लागू हुआ ग्रेप-3 GRAP-3 Restrictions: राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में सांस लेना और कठिन हो गया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार पहुंचते ही वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण को लागू करने की घोषणा की है। अब दिल्ली-एनसीआर में कई गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है ताकि प्रदूषण के बढ़ते स्तर को नियंत्रित किया जा सके। वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर, दिल्ली का AQI 425 पार सोमवार को दिल्ली का औसत AQI 362 दर्ज किया गया था जो “बहुत खराब”

दिल्ली-एनसीआर में हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में, लागू हुआ ग्रेप-3 GRAP-3 Restrictions: राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में सांस लेना और कठिन हो गया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार पहुंचते ही वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण को लागू करने की घोषणा की है। अब दिल्ली-एनसीआर में कई गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है ताकि प्रदूषण के बढ़ते स्तर को नियंत्रित किया जा सके। वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर, दिल्ली का AQI 425 पार सोमवार को दिल्ली का औसत AQI 362 दर्ज किया गया था जो “बहुत खराब”

Delhi Air Pollution: दिल्ली में अक्टूबर माह में सांस लेना हुआ कठिन नई दिल्ली। राजधानी की हवा एक बार फिर जहरीली हो चली है। रेस्पायरर लिविंग साइंसेज़ द्वारा जारी हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिल्ली ने अक्टूबर 2025 में 23 दिन वायु गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन किया, जिसमें शहर के कई हिस्सों में प्रदूषण का स्तर ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहा। रिपोर्ट में बताया गया है कि जहांगीरपुरी, रोहिणी और शाहदरा दिल्ली के सबसे अधिक प्रदूषित क्षेत्र रहे। हाइपरलोकल विश्लेषण में प्रदूषण के नए पैटर्न का खुलासा यह अध्ययन एटलस एक्यू प्लेटफॉर्म के जरिये केंद्रीय प्रदूषण

Delhi Air Pollution: दिल्ली में अक्टूबर माह में सांस लेना हुआ कठिन नई दिल्ली। राजधानी की हवा एक बार फिर जहरीली हो चली है। रेस्पायरर लिविंग साइंसेज़ द्वारा जारी हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिल्ली ने अक्टूबर 2025 में 23 दिन वायु गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन किया, जिसमें शहर के कई हिस्सों में प्रदूषण का स्तर ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहा। रिपोर्ट में बताया गया है कि जहांगीरपुरी, रोहिणी और शाहदरा दिल्ली के सबसे अधिक प्रदूषित क्षेत्र रहे। हाइपरलोकल विश्लेषण में प्रदूषण के नए पैटर्न का खुलासा यह अध्ययन एटलस एक्यू प्लेटफॉर्म के जरिये केंद्रीय प्रदूषण

दिल्ली की हवा फिर जहरीली, AQI 346 पार Delhi AQI: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर खतरनाक सीमा पार कर गया है। 10 नवंबर को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 346 तक पहुंच गया, जबकि कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर यह 400 से अधिक दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में पराली जलाने के बढ़ते मामलों के कारण दिल्ली-एनसीआर की हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है। इंडिया गेट पर ‘स्वच्छ हवा’ की मांग, सैकड़ों लोग सड़कों पर 9 नवंबर को सैकड़ों लोग #SwachhHawaAbhiyan के तहत इंडिया गेट पर एकत्र हुए

दिल्ली की हवा फिर जहरीली, AQI 346 पार Delhi AQI: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर खतरनाक सीमा पार कर गया है। 10 नवंबर को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 346 तक पहुंच गया, जबकि कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर यह 400 से अधिक दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में पराली जलाने के बढ़ते मामलों के कारण दिल्ली-एनसीआर की हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है। इंडिया गेट पर ‘स्वच्छ हवा’ की मांग, सैकड़ों लोग सड़कों पर 9 नवंबर को सैकड़ों लोग #SwachhHawaAbhiyan के तहत इंडिया गेट पर एकत्र हुए

दिल्ली में वायु प्रदूषण पर बढ़ा जनाक्रोश Delhi Air Pollution Protest: राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार गंभीर होता जा रहा है। 9 नवंबर 2025 को जब एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 391 के खतरनाक स्तर पर पहुंचा, तो सैकड़ों लोग — जिनमें माता-पिता, बच्चे और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे — इंडिया गेट पर एकत्र हुए और “साफ हवा का अधिकार” मांगते हुए प्रदर्शन किया। पुलिस ने बिना अनुमति के प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने दर्जनों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना था कि यह धरना बिना अनुमति आयोजित किया

दिल्ली में वायु प्रदूषण पर बढ़ा जनाक्रोश Delhi Air Pollution Protest: राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार गंभीर होता जा रहा है। 9 नवंबर 2025 को जब एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 391 के खतरनाक स्तर पर पहुंचा, तो सैकड़ों लोग — जिनमें माता-पिता, बच्चे और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे — इंडिया गेट पर एकत्र हुए और “साफ हवा का अधिकार” मांगते हुए प्रदर्शन किया। पुलिस ने बिना अनुमति के प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने दर्जनों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना था कि यह धरना बिना अनुमति आयोजित किया

Delhi Air Pollution: दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण की नई पहल, सर्दियों से पहले सख्त कदम नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर सर्दियों में प्रदूषण की चपेट में आ गई है। हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है और लोग सांस लेने में परेशानी महसूस कर रहे हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को रोकने के लिए कई नीतिगत फैसले लिए हैं, जिनमें सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव, पार्किंग शुल्क में वृद्धि और बीएस-III वाहनों पर रोक जैसे कदम शामिल हैं। कार्यालय समय में बदलाव से ट्रैफिक और धुआं घटाने की कोशिश मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया

Delhi Air Pollution: दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण की नई पहल, सर्दियों से पहले सख्त कदम नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर सर्दियों में प्रदूषण की चपेट में आ गई है। हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है और लोग सांस लेने में परेशानी महसूस कर रहे हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को रोकने के लिए कई नीतिगत फैसले लिए हैं, जिनमें सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव, पार्किंग शुल्क में वृद्धि और बीएस-III वाहनों पर रोक जैसे कदम शामिल हैं। कार्यालय समय में बदलाव से ट्रैफिक और धुआं घटाने की कोशिश मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया

प्रदूषण से जंग में दिल्ली की हार की कहानी Delhi Air Pollution: दिल्ली, जो देश की राजधानी है, आज प्रदूषण के नासूर से कराह रही है। बीते दो दशकों में कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन हवा में ज़हर और घनी धुंध में कोई फर्क नहीं आया। सुप्रीम कोर्ट की बार-बार की चेतावनियों के बावजूद दिल्ली की सरकारें आज तक इस समस्या की जड़ तक नहीं पहुंच पाईं। वाहन और जाम बने सबसे बड़ी वजह दिल्ली में प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण वाहनों से निकलने वाला धुआं और लगातार बढ़ते जाम हैं। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अब भी कमजोर है। कभी

प्रदूषण से जंग में दिल्ली की हार की कहानी Delhi Air Pollution: दिल्ली, जो देश की राजधानी है, आज प्रदूषण के नासूर से कराह रही है। बीते दो दशकों में कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन हवा में ज़हर और घनी धुंध में कोई फर्क नहीं आया। सुप्रीम कोर्ट की बार-बार की चेतावनियों के बावजूद दिल्ली की सरकारें आज तक इस समस्या की जड़ तक नहीं पहुंच पाईं। वाहन और जाम बने सबसे बड़ी वजह दिल्ली में प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण वाहनों से निकलने वाला धुआं और लगातार बढ़ते जाम हैं। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अब भी कमजोर है। कभी

Delhi Air Pollution 2025: दिल्ली की वायु गुणवत्ता फिर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में नई दिल्ली, 6 नवम्बर — राजधानी दिल्ली की वायु एक बार फिर विषाक्त हो गई है। दो दिनों के हल्के सुधार के बाद गुरुवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 311 तक पहुँच गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, यह स्थिति जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। पराली जलाने से प्रदूषण में तीव्र वृद्धि दिल्ली की वायु में फिर से पराली जलाने का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा गया है। निर्णय समर्थन प्रणाली (DSS) के

Delhi Air Pollution 2025: दिल्ली की वायु गुणवत्ता फिर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में नई दिल्ली, 6 नवम्बर — राजधानी दिल्ली की वायु एक बार फिर विषाक्त हो गई है। दो दिनों के हल्के सुधार के बाद गुरुवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 311 तक पहुँच गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, यह स्थिति जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। पराली जलाने से प्रदूषण में तीव्र वृद्धि दिल्ली की वायु में फिर से पराली जलाने का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा गया है। निर्णय समर्थन प्रणाली (DSS) के

दिल्ली-एनसीआर की हवा में मामूली सुधार, लेकिन सांस लेने में मुश्किलें बरकरार दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर सर्दियों की शुरुआत के साथ फिर बढ़ने लगा है। मंगलवार को हालांकि हवा में हल्का सुधार दर्ज किया गया, लेकिन वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अब भी ‘बहुत खराब’ श्रेणी के करीब बना हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का औसत AQI 172 दर्ज किया गया जो ‘अनहेल्दी फॉर सेंसिटिव ग्रुप्स’ यानी संवेदनशील लोगों के लिए हानिकारक स्तर को दर्शाता है। किन इलाकों में हवा सबसे ज्यादा खराब दिल्ली-एनसीआर के कई क्षेत्रों में प्रदूषण का

दिल्ली-एनसीआर की हवा में मामूली सुधार, लेकिन सांस लेने में मुश्किलें बरकरार दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर सर्दियों की शुरुआत के साथ फिर बढ़ने लगा है। मंगलवार को हालांकि हवा में हल्का सुधार दर्ज किया गया, लेकिन वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अब भी ‘बहुत खराब’ श्रेणी के करीब बना हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का औसत AQI 172 दर्ज किया गया जो ‘अनहेल्दी फॉर सेंसिटिव ग्रुप्स’ यानी संवेदनशील लोगों के लिए हानिकारक स्तर को दर्शाता है। किन इलाकों में हवा सबसे ज्यादा खराब दिल्ली-एनसीआर के कई क्षेत्रों में प्रदूषण का

दिल्ली की हवा फिर “बेहद खराब” श्रेणी में, जनता परेशान दिल्ली में वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ती जा रही है। कई इलाकों में AQI 400 के करीब पहुंच गया है। राहुल गांधी ने प्रदूषण पर चिंता जताते हुए कहा कि उन्हें सांस लेने में कठिनाई और आंखों में जलन हो रही है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने वायु निगरानी स्टेशनों की लापरवाही पर अधिकारियों को फटकार लगाई। दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक ने तोड़ी सीमा नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) रविवार को कई इलाकों में “बेहद खराब” श्रेणी में दर्ज किया गया।पर्यावरण विभाग की रिपोर्ट के अनुसार —

दिल्ली की हवा फिर “बेहद खराब” श्रेणी में, जनता परेशान दिल्ली में वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ती जा रही है। कई इलाकों में AQI 400 के करीब पहुंच गया है। राहुल गांधी ने प्रदूषण पर चिंता जताते हुए कहा कि उन्हें सांस लेने में कठिनाई और आंखों में जलन हो रही है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने वायु निगरानी स्टेशनों की लापरवाही पर अधिकारियों को फटकार लगाई। दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक ने तोड़ी सीमा नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) रविवार को कई इलाकों में “बेहद खराब” श्रेणी में दर्ज किया गया।पर्यावरण विभाग की रिपोर्ट के अनुसार —

दिल्ली की हवा में जहर, प्रियंका गांधी ने की सभी राजनीतिक दलों से अपील — “राजनीति छोड़कर आएं साथ” नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की बिगड़ती वायु गुणवत्ता पर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने चिंता जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से तत्काल कार्रवाई की अपील की है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि राजनीतिक मतभेद भुलाकर सब मिलकर दिल्ली को इस ‘जहरीली हवा’ से बचाने के लिए काम करें। “दिल्ली की हवा में लौटना चौंकाने वाला अनुभव” प्रियंका गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में

दिल्ली की हवा में जहर, प्रियंका गांधी ने की सभी राजनीतिक दलों से अपील — “राजनीति छोड़कर आएं साथ” नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की बिगड़ती वायु गुणवत्ता पर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने चिंता जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से तत्काल कार्रवाई की अपील की है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि राजनीतिक मतभेद भुलाकर सब मिलकर दिल्ली को इस ‘जहरीली हवा’ से बचाने के लिए काम करें। “दिल्ली की हवा में लौटना चौंकाने वाला अनुभव” प्रियंका गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में

दिल्ली-एनसीआर में सांसों पर संकट: आनंद विहार से फरीदाबाद तक हवा ज़हरीली, AQI 400 के पार सर्दी की दस्तक के साथ ही दिल्ली-एनसीआर की हवा एक बार फिर ज़हर घोलने लगी है। नवंबर की शुरुआत होते ही राजधानी और इसके आसपास के शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, शनिवार की शाम दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 से ऊपर दर्ज किया गया, जो “बहुत खराब” श्रेणी में आता है। सुबह की धुंध से शाम तक दमघोंटू हवा दिन की शुरुआत हल्के कोहरे

दिल्ली-एनसीआर में सांसों पर संकट: आनंद विहार से फरीदाबाद तक हवा ज़हरीली, AQI 400 के पार सर्दी की दस्तक के साथ ही दिल्ली-एनसीआर की हवा एक बार फिर ज़हर घोलने लगी है। नवंबर की शुरुआत होते ही राजधानी और इसके आसपास के शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, शनिवार की शाम दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 से ऊपर दर्ज किया गया, जो “बहुत खराब” श्रेणी में आता है। सुबह की धुंध से शाम तक दमघोंटू हवा दिन की शुरुआत हल्के कोहरे

दिल्ली की हवा बनी जानलेवा: एक वैश्विक रिपोर्ट का खुलासा नई दिल्ली, 31 अक्तूबर 2025 (भाषा)।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा अब सिर्फ सांस लेने में कठिनाई नहीं पैदा कर रही, बल्कि लोगों की जान भी ले रही है। हाल ही में जारी ग्लोबल बर्डन ऑफ डिज़ीज़ (GBD) 2023 के आँकड़ों के अनुसार, दिल्ली में वर्ष 2023 में हुई कुल मौतों में लगभग 15 प्रतिशत मौतें वायु प्रदूषण से जुड़ी थीं। यह विश्लेषण इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन (IHME) द्वारा किया गया है, जिसमें बताया गया कि दिल्ली में वर्ष 2023 में प्रदूषित हवा के कारण लगभग 17,188 लोगों की

दिल्ली की हवा बनी जानलेवा: एक वैश्विक रिपोर्ट का खुलासा नई दिल्ली, 31 अक्तूबर 2025 (भाषा)।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा अब सिर्फ सांस लेने में कठिनाई नहीं पैदा कर रही, बल्कि लोगों की जान भी ले रही है। हाल ही में जारी ग्लोबल बर्डन ऑफ डिज़ीज़ (GBD) 2023 के आँकड़ों के अनुसार, दिल्ली में वर्ष 2023 में हुई कुल मौतों में लगभग 15 प्रतिशत मौतें वायु प्रदूषण से जुड़ी थीं। यह विश्लेषण इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन (IHME) द्वारा किया गया है, जिसमें बताया गया कि दिल्ली में वर्ष 2023 में प्रदूषित हवा के कारण लगभग 17,188 लोगों की

दिल्ली में प्रदूषण से राहत नहीं, वायु गुणवत्ता अब भी ‘खराब’ श्रेणी में नई दिल्ली, 29 अक्तूबर (वार्ता):राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार को प्रदूषण स्तर में हल्की गिरावट दर्ज की गई, किंतु वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अब भी ‘खराब’ श्रेणी में बना हुआ है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, बुधवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 279 दर्ज किया गया, जो मंगलवार के 294 के आंकड़े से कुछ कम है। मामूली सुधार, पर राहत नहीं पिछले तीन दिनों में वायु गुणवत्ता में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। सोमवार को यह स्तर 301 था, जो ‘बहुत खराब’

दिल्ली में प्रदूषण से राहत नहीं, वायु गुणवत्ता अब भी ‘खराब’ श्रेणी में नई दिल्ली, 29 अक्तूबर (वार्ता):राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार को प्रदूषण स्तर में हल्की गिरावट दर्ज की गई, किंतु वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अब भी ‘खराब’ श्रेणी में बना हुआ है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, बुधवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 279 दर्ज किया गया, जो मंगलवार के 294 के आंकड़े से कुछ कम है। मामूली सुधार, पर राहत नहीं पिछले तीन दिनों में वायु गुणवत्ता में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। सोमवार को यह स्तर 301 था, जो ‘बहुत खराब’

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का विकराल संकट, हर साल बिगड़ रही है हवा की गुणवत्ता सर्दियों के आते ही दिल्ली और एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में वायु प्रदूषण की समस्या एक बार फिर चरम पर पहुंचने लगती है। पिछले कई वर्षों से यह समस्या केवल मौसमी चिंता नहीं रही, बल्कि अब यह एक स्थायी पर्यावरणीय संकट बन चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समस्या से निपटने के लिए केवल अल्पकालिक उपाय नहीं, बल्कि दीर्घकालिक रणनीति की आवश्यकता है। सर्दियों के साथ लौटती ‘ज़हरीली हवा’ नोएडा में आयोजित एक पर्यावरणीय विमर्श में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के पूर्व

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का विकराल संकट, हर साल बिगड़ रही है हवा की गुणवत्ता सर्दियों के आते ही दिल्ली और एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में वायु प्रदूषण की समस्या एक बार फिर चरम पर पहुंचने लगती है। पिछले कई वर्षों से यह समस्या केवल मौसमी चिंता नहीं रही, बल्कि अब यह एक स्थायी पर्यावरणीय संकट बन चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समस्या से निपटने के लिए केवल अल्पकालिक उपाय नहीं, बल्कि दीर्घकालिक रणनीति की आवश्यकता है। सर्दियों के साथ लौटती ‘ज़हरीली हवा’ नोएडा में आयोजित एक पर्यावरणीय विमर्श में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के पूर्व

दिल्ली में वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर नई दिल्ली। दिवाली उत्सव के बाद दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 346 तक पहुँच गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। यह जानकारी सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) ने दी।हालांकि इस वर्ष ग्रीन पटाखों का उपयोग किया गया, फिर भी वायु में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। मुख्यमंत्री सचिवालय के लिए एयर प्यूरीफायर बीजेपी नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सचिवालय के लिए 15 स्मार्ट एयर प्यूरीफायर खरीदे, जिनकी कीमत 5.45 लाख रुपये बताई गई है। यह कदम राजधानी में बढ़ते स्मॉग संकट के बीच उठाया

दिल्ली में वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर नई दिल्ली। दिवाली उत्सव के बाद दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 346 तक पहुँच गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। यह जानकारी सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) ने दी।हालांकि इस वर्ष ग्रीन पटाखों का उपयोग किया गया, फिर भी वायु में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। मुख्यमंत्री सचिवालय के लिए एयर प्यूरीफायर बीजेपी नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सचिवालय के लिए 15 स्मार्ट एयर प्यूरीफायर खरीदे, जिनकी कीमत 5.45 लाख रुपये बताई गई है। यह कदम राजधानी में बढ़ते स्मॉग संकट के बीच उठाया

दीवाली के बाद दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक दीवाली के त्यौहार के बाद दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। राजधानी और आसपास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता इतनी खराब है कि सांस लेने में लोगों को दिक्कत हो रही है। मौसम विज्ञान विभाग और aqi.in के अनुसार, दिल्ली में सुबह सात बजे एक्यूआई 232 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण की स्थिति नई दिल्ली: AQI 232 – खराब पूसा, दिल्ली: AQI 239 – खराब आईटीआई शारदा: AQI 253 – खराब इंदिरापुरम, गाजियाबाद: AQI 189

दीवाली के बाद दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक दीवाली के त्यौहार के बाद दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। राजधानी और आसपास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता इतनी खराब है कि सांस लेने में लोगों को दिक्कत हो रही है। मौसम विज्ञान विभाग और aqi.in के अनुसार, दिल्ली में सुबह सात बजे एक्यूआई 232 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण की स्थिति नई दिल्ली: AQI 232 – खराब पूसा, दिल्ली: AQI 239 – खराब आईटीआई शारदा: AQI 253 – खराब इंदिरापुरम, गाजियाबाद: AQI 189

दिवाली के बाद दिल्ली में वायु गुणवत्ता में गंभीर गिरावट दिल्ली की हवा दिवाली के उत्सव के बाद बेहद प्रदूषित हो गई है। 22 अक्टूबर 2025 को एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 350 पर पहुँच गया, जो पिछले पाँच वर्षों में इस समय के लिए सबसे खराब स्थिति मानी जा रही है। PM2.5 स्तर WHO सीमा से कई गुना अधिक वायु में PM2.5 स्तर औसतन 488 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सुरक्षित सीमा से लगभग 100 गुना अधिक है। यह स्तर स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक माना जाता है और लोगों को घर

दिवाली के बाद दिल्ली में वायु गुणवत्ता में गंभीर गिरावट दिल्ली की हवा दिवाली के उत्सव के बाद बेहद प्रदूषित हो गई है। 22 अक्टूबर 2025 को एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 350 पर पहुँच गया, जो पिछले पाँच वर्षों में इस समय के लिए सबसे खराब स्थिति मानी जा रही है। PM2.5 स्तर WHO सीमा से कई गुना अधिक वायु में PM2.5 स्तर औसतन 488 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सुरक्षित सीमा से लगभग 100 गुना अधिक है। यह स्तर स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक माना जाता है और लोगों को घर

AQI में भारी वृद्धि और शहर पर प्रदूषण की चादर दिवाली की रात दिल्ली में पटाखों के चलते वायु गुणवत्ता में भारी गिरावट दर्ज की गई। सुबह होते ही शहर धुएँ और प्रदूषण की मोटी चादर से घिर गया। सुबह 5:30 बजे AQI 346 पर पहुंच गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। सुप्रीम कोर्ट की ‘ग्रीन पटाखों’ छूट के बावजूद प्रदूषण सुप्रीम कोर्ट ने इस वर्ष ‘ग्रीन’ पटाखों की अनुमति दी थी, लेकिन इसके बावजूद शहर में प्रदूषण स्तर बढ़ गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, 38 में से 34 निगरानी स्टेशनों ने AQI

AQI में भारी वृद्धि और शहर पर प्रदूषण की चादर दिवाली की रात दिल्ली में पटाखों के चलते वायु गुणवत्ता में भारी गिरावट दर्ज की गई। सुबह होते ही शहर धुएँ और प्रदूषण की मोटी चादर से घिर गया। सुबह 5:30 बजे AQI 346 पर पहुंच गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। सुप्रीम कोर्ट की ‘ग्रीन पटाखों’ छूट के बावजूद प्रदूषण सुप्रीम कोर्ट ने इस वर्ष ‘ग्रीन’ पटाखों की अनुमति दी थी, लेकिन इसके बावजूद शहर में प्रदूषण स्तर बढ़ गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, 38 में से 34 निगरानी स्टेशनों ने AQI

दिल्ली की साँसें थमीं: प्रदूषण का स्तर ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ की ओर नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की हवा एक बार फिर लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन चुकी है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के आँकड़ों के अनुसार, लगातार पाँचवें दिन दिल्ली की हवा ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई है। दीवाली से पहले ही नौ मॉनिटरिंग स्टेशन रेड जोन में पहुँच चुके हैं, जिससे हालात चिंताजनक बन गए हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, आगामी तीन दिनों तक प्रदूषण में राहत के कोई आसार नहीं हैं। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 268 दर्ज, स्थिति चिंताजनक सीपीसीबी

दिल्ली की साँसें थमीं: प्रदूषण का स्तर ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ की ओर नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की हवा एक बार फिर लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन चुकी है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के आँकड़ों के अनुसार, लगातार पाँचवें दिन दिल्ली की हवा ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई है। दीवाली से पहले ही नौ मॉनिटरिंग स्टेशन रेड जोन में पहुँच चुके हैं, जिससे हालात चिंताजनक बन गए हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, आगामी तीन दिनों तक प्रदूषण में राहत के कोई आसार नहीं हैं। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 268 दर्ज, स्थिति चिंताजनक सीपीसीबी

दिल्ली के 13 हॉटस्पॉट विंटर एक्शन प्लान से बाहर, प्रदूषण चिंताजनक स्तर पर राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली।दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है, खासकर 13 हॉटस्पॉट में स्थिति गंभीर है। विंटर एक्शन प्लान में इन क्षेत्रों के लिए कोई विशेष योजना नहीं बनाई गई है। आनंद विहार, पंजाबी बाग, वजीरपुर जैसे इलाकों में AQI 300 के पार दर्ज किया गया। प्रदूषण के प्रमुख हॉटस्पॉट और AQI हॉटस्पॉट AQI (शुक्रवार शाम 4 बजे) आनंद विहार 365 वजीरपुर 329 पंजाबी बाग 328 बवाना 306 जहांगीरपुरी 324 विवेक विहार 274 अशोक विहार 261 आरके पुरम 267 मुंडका 283 द्वारका 297 रोहिणी

दिल्ली के 13 हॉटस्पॉट विंटर एक्शन प्लान से बाहर, प्रदूषण चिंताजनक स्तर पर राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली।दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है, खासकर 13 हॉटस्पॉट में स्थिति गंभीर है। विंटर एक्शन प्लान में इन क्षेत्रों के लिए कोई विशेष योजना नहीं बनाई गई है। आनंद विहार, पंजाबी बाग, वजीरपुर जैसे इलाकों में AQI 300 के पार दर्ज किया गया। प्रदूषण के प्रमुख हॉटस्पॉट और AQI हॉटस्पॉट AQI (शुक्रवार शाम 4 बजे) आनंद विहार 365 वजीरपुर 329 पंजाबी बाग 328 बवाना 306 जहांगीरपुरी 324 विवेक विहार 274 अशोक विहार 261 आरके पुरम 267 मुंडका 283 द्वारका 297 रोहिणी

दिल्ली की हवा पर खतरा बढ़ा दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। ठंड की दस्तक के साथ ही प्रदूषण ने भी अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 189 पर पहुँच गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। इसके साथ ही कई इलाकों का एक्यूआई 200 से ऊपर पहुँचकर ‘खराब’ श्रेणी में जा पहुंचा। एनसीआर के विभिन्न शहरों में भी वायु गुणवत्ता खराब से बहुत खराब की ओर अग्रसर है। फरीदाबाद का

दिल्ली की हवा पर खतरा बढ़ा दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। ठंड की दस्तक के साथ ही प्रदूषण ने भी अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 189 पर पहुँच गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। इसके साथ ही कई इलाकों का एक्यूआई 200 से ऊपर पहुँचकर ‘खराब’ श्रेणी में जा पहुंचा। एनसीआर के विभिन्न शहरों में भी वायु गुणवत्ता खराब से बहुत खराब की ओर अग्रसर है। फरीदाबाद का