
Nishant Kumar: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने आज 3 मई को अपनी पहली राजनीतिक यात्रा ‘सद्भाव यात्रा’ की शुरुआत की। पश्चिम चंपारण के बगहा से शुरू होने वाली इस यात्रा के लिए निशांत पटना से ‘निश्चय रथ’ पर रवाना हुए। यात्रा से पूर्व निशांत ने अपने पिता नीतीश कुमार के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। पटना स्थित जेडीयू कार्यालय के बाहर आज सुबह से ही कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुटी थी। पार्टी समर्थकों के नारों और उत्साह के बीच निशांत कुमार का स्वागत हुआ। फूलों से सजे निश्चय रथ पर सवार होने से पहले उन्होंने

Nishant Kumar: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने आज 3 मई को अपनी पहली राजनीतिक यात्रा ‘सद्भाव यात्रा’ की शुरुआत की। पश्चिम चंपारण के बगहा से शुरू होने वाली इस यात्रा के लिए निशांत पटना से ‘निश्चय रथ’ पर रवाना हुए। यात्रा से पूर्व निशांत ने अपने पिता नीतीश कुमार के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। पटना स्थित जेडीयू कार्यालय के बाहर आज सुबह से ही कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुटी थी। पार्टी समर्थकों के नारों और उत्साह के बीच निशांत कुमार का स्वागत हुआ। फूलों से सजे निश्चय रथ पर सवार होने से पहले उन्होंने

Bihar Cabinet: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। हर किसी के मन में एक ही सवाल है क्या बिहार में जल्द कैबिनेट विस्तार होने वाला है? मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दिल्ली दौरे की खबर ने इस सियासी चर्चा को और हवा दे दी है। बताया जा रहा है कि सम्राट चौधरी आज शाम दिल्ली रवाना हो सकते हैं, जहां उनकी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बैठक होने की संभावना है। ऐसे में बिहार की नई सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं। नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे

Bihar Cabinet: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। हर किसी के मन में एक ही सवाल है क्या बिहार में जल्द कैबिनेट विस्तार होने वाला है? मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दिल्ली दौरे की खबर ने इस सियासी चर्चा को और हवा दे दी है। बताया जा रहा है कि सम्राट चौधरी आज शाम दिल्ली रवाना हो सकते हैं, जहां उनकी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बैठक होने की संभावना है। ऐसे में बिहार की नई सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं। नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे

Nitish Kumar: बुद्ध पूर्णिमा के शुभ अवसर पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास 1 अणे मार्ग खाली कर दिया और अपने पसंदीदा 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास में शिफ्ट हो गए। आज सुबह से ही शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। ट्रैक्टर और अन्य वाहनों के जरिए प्लास्टिक कुर्सियां, किताबें, बुक शेल्फ, अलमारी, फाइलें और गमले जैसे जरूरी सामान नए आवास तक पहुंचाए गए। दोपहर में नीतीश कुमार स्वयं भी नए घर पहुंचे। नए आवास को खास तौर पर फूलों से सजाया गया था और वहां बौद्ध भिक्षुओं द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की

Nitish Kumar: बुद्ध पूर्णिमा के शुभ अवसर पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास 1 अणे मार्ग खाली कर दिया और अपने पसंदीदा 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास में शिफ्ट हो गए। आज सुबह से ही शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। ट्रैक्टर और अन्य वाहनों के जरिए प्लास्टिक कुर्सियां, किताबें, बुक शेल्फ, अलमारी, फाइलें और गमले जैसे जरूरी सामान नए आवास तक पहुंचाए गए। दोपहर में नीतीश कुमार स्वयं भी नए घर पहुंचे। नए आवास को खास तौर पर फूलों से सजाया गया था और वहां बौद्ध भिक्षुओं द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की

Nitish Kumar: बिहार की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक मोड़ लेने जा रहा है। करीब दो दशक तक सत्ता की कमान संभालने वाले नीतीश कुमार आज मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं। सुबह 11 बजे उन्होंने अपनी सरकार की आखिरी कैबिनेट बैठक ली, जिसमें मंत्रियों और विधायकों को संबोधित करते हुए अपने फैसले की जानकारी दी। इसके साथ ही मौजूदा सरकार का अंत लगभग तय हो गया है। कुछ ही देर में इस्तीफा देने राजभवन पहुंचेंगे नीतीश कुमार पटना में सियासी हलचल चरम पर है। राजभवन में राज्यपाल सैयद अता हसनैन पहुंच चुके हैं और अब नीतीश

Nitish Kumar: बिहार की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक मोड़ लेने जा रहा है। करीब दो दशक तक सत्ता की कमान संभालने वाले नीतीश कुमार आज मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं। सुबह 11 बजे उन्होंने अपनी सरकार की आखिरी कैबिनेट बैठक ली, जिसमें मंत्रियों और विधायकों को संबोधित करते हुए अपने फैसले की जानकारी दी। इसके साथ ही मौजूदा सरकार का अंत लगभग तय हो गया है। कुछ ही देर में इस्तीफा देने राजभवन पहुंचेंगे नीतीश कुमार पटना में सियासी हलचल चरम पर है। राजभवन में राज्यपाल सैयद अता हसनैन पहुंच चुके हैं और अब नीतीश

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में आज मंगलवार का दिन बेहद अहम साबित होने जा रहा है। लंबे समय से सत्ता की कमान संभाल रहे नीतीश कुमार आज मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं। इस खबर ने न सिर्फ राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है, बल्कि आम लोगों के बीच भी उत्सुकता और चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। और हर किसी के मन में अब यही सवाल है कि आखिर बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा. एक ही गाड़ी में नजर आये नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी आज सुबह से ही पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में आज मंगलवार का दिन बेहद अहम साबित होने जा रहा है। लंबे समय से सत्ता की कमान संभाल रहे नीतीश कुमार आज मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं। इस खबर ने न सिर्फ राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है, बल्कि आम लोगों के बीच भी उत्सुकता और चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। और हर किसी के मन में अब यही सवाल है कि आखिर बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा. एक ही गाड़ी में नजर आये नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी आज सुबह से ही पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास

Nitish Kumar: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। चर्चाएं हैं कि खरमास के बाद राज्य में नई सरकार का गठन हो सकता है और इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे की अटकलों ने माहौल को औ र गरमा दिया है। इन अटकलों के बीच पटना से एक बड़ी खबर सामने आई है कि सीएम आवास खाली किया जा रहा है और उनका सामान 1 अणे मार्ग से 7 सर्कुलर रोड शिफ्ट किया जा रहा है। 1 अणे मार्ग बिहार की सत्ता का केंद्र मालूम हो 1 अणे मार्ग लंबे समय से बिहार

Nitish Kumar: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। चर्चाएं हैं कि खरमास के बाद राज्य में नई सरकार का गठन हो सकता है और इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे की अटकलों ने माहौल को औ र गरमा दिया है। इन अटकलों के बीच पटना से एक बड़ी खबर सामने आई है कि सीएम आवास खाली किया जा रहा है और उनका सामान 1 अणे मार्ग से 7 सर्कुलर रोड शिफ्ट किया जा रहा है। 1 अणे मार्ग बिहार की सत्ता का केंद्र मालूम हो 1 अणे मार्ग लंबे समय से बिहार

Nitish Kumar: बिहार की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक है। नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले ली है, जिसके साथ ही अब उनका मुख्यमंत्री पद छोड़ना तय माना जा रहा है। इस कदम के बाद बिहार में नई सरकार के गठन और नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सियासी हलचल भी तेज हो गई है। राज्यसभा में नीतीश कुमार को सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद आज ही उनके वापस पटना लौटने की संभावना है, जहां आगे की रणनीति पर तेजी से काम होगा। #Live:- राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण कर

Nitish Kumar: बिहार की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक है। नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले ली है, जिसके साथ ही अब उनका मुख्यमंत्री पद छोड़ना तय माना जा रहा है। इस कदम के बाद बिहार में नई सरकार के गठन और नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सियासी हलचल भी तेज हो गई है। राज्यसभा में नीतीश कुमार को सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद आज ही उनके वापस पटना लौटने की संभावना है, जहां आगे की रणनीति पर तेजी से काम होगा। #Live:- राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण कर

Bihar Politics: बिहार की राजनीति एक बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ी है। लंबे समय से सियासत के केंद्र में रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब एक नए सफर की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, उनके मुख्यमंत्री पद छोड़ने की तारीख लगभग तय हो चुकी है और आने वाले कुछ दिन राज्य की राजनीति की दिशा बदल सकते हैं। आज दिल्ली रवाना होंगे नीतीश कुमार बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार आज गुरुवार को पटना से दिल्ली के लिए रवाना होंगे, जहां वे 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। दिल्ली से लौटने के

Bihar Politics: बिहार की राजनीति एक बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ी है। लंबे समय से सियासत के केंद्र में रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब एक नए सफर की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, उनके मुख्यमंत्री पद छोड़ने की तारीख लगभग तय हो चुकी है और आने वाले कुछ दिन राज्य की राजनीति की दिशा बदल सकते हैं। आज दिल्ली रवाना होंगे नीतीश कुमार बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार आज गुरुवार को पटना से दिल्ली के लिए रवाना होंगे, जहां वे 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। दिल्ली से लौटने के

Bihar Politics: बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है। सियासी गलियारों में हलचल तेज है और चर्चाएं इस बात को लेकर हैं कि आने वाले कुछ दिन राज्य के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं। अगले 48 घंटे में बिहार की राजनीति की दिशा और दशा दोनों बदल सकती है। साथ ही इस सवाल का भी जवाब मिल जायेगा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। आज दिल्ली रवाना होंगे नीतीश कुमार सूत्रों की मानें तो नीतीश कुमार आज गुरुवार को दिल्ली के लिए रवाना होंगे और कल 10 अप्रैल को राज्यसभा

Bihar Politics: बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है। सियासी गलियारों में हलचल तेज है और चर्चाएं इस बात को लेकर हैं कि आने वाले कुछ दिन राज्य के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं। अगले 48 घंटे में बिहार की राजनीति की दिशा और दशा दोनों बदल सकती है। साथ ही इस सवाल का भी जवाब मिल जायेगा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। आज दिल्ली रवाना होंगे नीतीश कुमार सूत्रों की मानें तो नीतीश कुमार आज गुरुवार को दिल्ली के लिए रवाना होंगे और कल 10 अप्रैल को राज्यसभा

Bihar Politics: बिहार की राजनीति इन दिनों बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है। राज्य में हर तरफ एक ही सवाल गूंज रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद अब सत्ता की कमान किसके हाथों में जाएगी? यानि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? हालांकि इस सवाल का साफ जवाब अभी किसी के पास नहीं है, लेकिन आने वाले कुछ दिन इस रहस्य से पर्दा उठा सकते हैं। 10 अप्रैल को BJP की बड़ी बैठक! जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने वाले हैं। इसी दिन दिल्ली में भारतीय जनता

Bihar Politics: बिहार की राजनीति इन दिनों बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है। राज्य में हर तरफ एक ही सवाल गूंज रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद अब सत्ता की कमान किसके हाथों में जाएगी? यानि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? हालांकि इस सवाल का साफ जवाब अभी किसी के पास नहीं है, लेकिन आने वाले कुछ दिन इस रहस्य से पर्दा उठा सकते हैं। 10 अप्रैल को BJP की बड़ी बैठक! जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने वाले हैं। इसी दिन दिल्ली में भारतीय जनता

Bihar Next CM: बिहार की राजनीति एक बार फिर नए मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और जल्द ही सीएम पद छोड़ने की खबरों के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उनके बेटे निशांत कुमार बिहार के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे? पटना की सड़कों से लेकर सियासी गलियारों तक इसी चर्चा की गूंज है। जेडीयू की ओर से लगाए गए नए पोस्टरों ने इस बहस को और तेज कर दिया है। इन पोस्टरों में साफ तौर पर निशांत कुमार को “फ्यूचर सीएम” बताया गया है। साथ ही लिखा गया है “नीतीश

Bihar Next CM: बिहार की राजनीति एक बार फिर नए मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और जल्द ही सीएम पद छोड़ने की खबरों के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उनके बेटे निशांत कुमार बिहार के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे? पटना की सड़कों से लेकर सियासी गलियारों तक इसी चर्चा की गूंज है। जेडीयू की ओर से लगाए गए नए पोस्टरों ने इस बहस को और तेज कर दिया है। इन पोस्टरों में साफ तौर पर निशांत कुमार को “फ्यूचर सीएम” बताया गया है। साथ ही लिखा गया है “नीतीश

Nitish Kumar: बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ी नजर आ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना अब लगभग तय हो चुका है, और इसके साथ ही राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इधर राज्यसभा सदस्य बनने से पहले ही नीतीश कुमार को जेड प्लस सुरक्षा दी गई है। गृह विभाग ने उनकी सुरक्षा की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। इसके लिए वे 9 अप्रैल को दिल्ली रवाना होंगे। शपथ ग्रहण के बाद

Nitish Kumar: बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ी नजर आ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना अब लगभग तय हो चुका है, और इसके साथ ही राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इधर राज्यसभा सदस्य बनने से पहले ही नीतीश कुमार को जेड प्लस सुरक्षा दी गई है। गृह विभाग ने उनकी सुरक्षा की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। इसके लिए वे 9 अप्रैल को दिल्ली रवाना होंगे। शपथ ग्रहण के बाद

Nitish Kumar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। गृह विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी करते हुए पुलिस महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। यह सुरक्षा व्यवस्था उन्हें तब तक मिलती रहेगी, जब तक वे मुख्यमंत्री पद पर बने रहते हैं। नीतीश कुमार को क्यों मिली Z+ सुरक्षा गृह विभाग द्वारा जारी पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि नीतीश कुमार हाल ही में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं और जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर उच्च सदन की सदस्यता ग्रहण

Nitish Kumar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। गृह विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी करते हुए पुलिस महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। यह सुरक्षा व्यवस्था उन्हें तब तक मिलती रहेगी, जब तक वे मुख्यमंत्री पद पर बने रहते हैं। नीतीश कुमार को क्यों मिली Z+ सुरक्षा गृह विभाग द्वारा जारी पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि नीतीश कुमार हाल ही में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं और जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर उच्च सदन की सदस्यता ग्रहण

Nitish Kumar: बिहार की राजनीति में नितीश कुमार का नाम अक्सर सुर्ख़ियों में रहता है. इसी बीच आज नितीश कुमार को जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) का राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध चुन लिया गया है। दरअसल, पार्टी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन की आखिरी समयसीमा मंगलवार सुबह 11 बजे तक तय की गई थी। इस दौरान नितीश कुमार के अलावा किसी अन्य नेता ने नामांकन दाखिल नहीं किया। ऐसे में उन्हें सर्वसम्मति से पार्टी की कमान सौंप दी गई। जेडीयू की ओर से जारी प्रेस रिलीज में यह जानकारी दी गई कि नामांकन वापसी की समयसीमा खत्म होने के बाद निर्वाचन अधिकारी के

Nitish Kumar: बिहार की राजनीति में नितीश कुमार का नाम अक्सर सुर्ख़ियों में रहता है. इसी बीच आज नितीश कुमार को जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) का राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध चुन लिया गया है। दरअसल, पार्टी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन की आखिरी समयसीमा मंगलवार सुबह 11 बजे तक तय की गई थी। इस दौरान नितीश कुमार के अलावा किसी अन्य नेता ने नामांकन दाखिल नहीं किया। ऐसे में उन्हें सर्वसम्मति से पार्टी की कमान सौंप दी गई। जेडीयू की ओर से जारी प्रेस रिलीज में यह जानकारी दी गई कि नामांकन वापसी की समयसीमा खत्म होने के बाद निर्वाचन अधिकारी के

Nishant Kumar: बिहार की राजनीति में आज रविवार का दिन काफी महत्वपूर्ण रहा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने औपचारिक रूप से जनता दल (यूनाइटेड) की सदस्यता ग्रहण कर ली। पटना स्थित जेडीयू कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पार्टी जॉइन की। इस मौके पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में जेडीयू के दिग्गज नेता श्रवण कुमार, संजय झा, बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी समेत कई नेता शामिल हुए। निशांत कुमार के पार्टी में शामिल होने के बाद बिहार की राजनीति में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निशांत कुमार को

Nishant Kumar: बिहार की राजनीति में आज रविवार का दिन काफी महत्वपूर्ण रहा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने औपचारिक रूप से जनता दल (यूनाइटेड) की सदस्यता ग्रहण कर ली। पटना स्थित जेडीयू कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पार्टी जॉइन की। इस मौके पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में जेडीयू के दिग्गज नेता श्रवण कुमार, संजय झा, बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी समेत कई नेता शामिल हुए। निशांत कुमार के पार्टी में शामिल होने के बाद बिहार की राजनीति में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निशांत कुमार को

Nishant Kumar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार आज रविवार को औपचारिक रूप से राजनीति में उतरने जा रहे हैं. पटना स्थित प्रदेश जेडीयू कार्यालय में दोपहर 1 बजे निशांत कुमार औपचारिक तौर पर जेडीयू की सदस्यता ग्रहण करेंगे. इस खास मौके पर जेडीयू के कई बड़े नेता मौजूद रहेंगे. निशांत कुमार के पार्टी में स्वागत के लिए पार्टी कार्यालय के आसपास बड़े-बड़े पोस्टर भी लगाए गए हैं. मालूम हो निशांत कुमार को लेकर बिहार की राजनीति में कई तरह की संभावनाएं जताई जा रही है. इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले जेडीयू

Nishant Kumar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार आज रविवार को औपचारिक रूप से राजनीति में उतरने जा रहे हैं. पटना स्थित प्रदेश जेडीयू कार्यालय में दोपहर 1 बजे निशांत कुमार औपचारिक तौर पर जेडीयू की सदस्यता ग्रहण करेंगे. इस खास मौके पर जेडीयू के कई बड़े नेता मौजूद रहेंगे. निशांत कुमार के पार्टी में स्वागत के लिए पार्टी कार्यालय के आसपास बड़े-बड़े पोस्टर भी लगाए गए हैं. मालूम हो निशांत कुमार को लेकर बिहार की राजनीति में कई तरह की संभावनाएं जताई जा रही है. इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले जेडीयू

Nishant Kumar: बिहार की राजनीति इस वक्त सुर्खियों में बनी हुई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अब बिहार की सियासत में सक्रिय हो गए हैं.जेडीयू प्रदेश कार्यालय के बाहर निशांत कुमार के बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए हैं. इन पोस्टर में निशांत कुमार को बिहार की राजनीति में आने के लिए बधाई दी गयी है. पोस्टर में लिखा गया है “विकसित बिहार के नए अध्याय की शुरुआत निशांत कुमार”. कल जेडीयू की सदस्यता लेंगे निशांत कुमार निशांत कुमार कल 8 मार्च को जेडीयू की सदस्यता ग्रहण करेंगे. पार्टी की सदस्यता लेने से पहले ही निशांत पूरी तरह सक्रिय

Nishant Kumar: बिहार की राजनीति इस वक्त सुर्खियों में बनी हुई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अब बिहार की सियासत में सक्रिय हो गए हैं.जेडीयू प्रदेश कार्यालय के बाहर निशांत कुमार के बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए हैं. इन पोस्टर में निशांत कुमार को बिहार की राजनीति में आने के लिए बधाई दी गयी है. पोस्टर में लिखा गया है “विकसित बिहार के नए अध्याय की शुरुआत निशांत कुमार”. कल जेडीयू की सदस्यता लेंगे निशांत कुमार निशांत कुमार कल 8 मार्च को जेडीयू की सदस्यता ग्रहण करेंगे. पार्टी की सदस्यता लेने से पहले ही निशांत पूरी तरह सक्रिय

Nitish Kumar vs Tejashwi Yadav: बिहार की राजनीति में एक बार फिर से गरमाहट देखने को मिली है। गुरुवार को बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच जमकर तीखी नोकझोंक हुई। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश करते समय सीएम नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव पर कई गंभीर आरोप लगाए। सदन में कई बार दोनों नेताओं के बीच तनातनी की स्थिति बनी और सियासी बयानबाजी का दौर चला। विधानसभा में हुई तीखी नोकझोंक बिहार विधानसभा का माहौल गुरुवार को काफी गरमाया रहा। जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव

Nitish Kumar vs Tejashwi Yadav: बिहार की राजनीति में एक बार फिर से गरमाहट देखने को मिली है। गुरुवार को बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच जमकर तीखी नोकझोंक हुई। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश करते समय सीएम नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव पर कई गंभीर आरोप लगाए। सदन में कई बार दोनों नेताओं के बीच तनातनी की स्थिति बनी और सियासी बयानबाजी का दौर चला। विधानसभा में हुई तीखी नोकझोंक बिहार विधानसभा का माहौल गुरुवार को काफी गरमाया रहा। जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव

निशांत कुमार: सादगी की मिसाल या राजनीतिक रणनीति बिहार की राजनीति में इन दिनों एक नया नाम तेजी से चर्चा में आ रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम राजनीतिक गलियारों में जिस तरह से लिया जा रहा है, वह किसी भी राजनीतिक विश्लेषक के लिए ध्यान देने योग्य है। हाल ही में निशांत कुमार वृंदावन की गलियों में अपने परिवार के साथ 10 रुपये की ई-रिक्शा में घूमते नजर आए। यह दृश्य आम आदमी जैसा था, जहां कोई सुरक्षा घेरा नहीं था, न ही किसी तरह का वीआईपी प्रोटोकॉल। यह सादगी कई सवाल खड़े करती

निशांत कुमार: सादगी की मिसाल या राजनीतिक रणनीति बिहार की राजनीति में इन दिनों एक नया नाम तेजी से चर्चा में आ रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम राजनीतिक गलियारों में जिस तरह से लिया जा रहा है, वह किसी भी राजनीतिक विश्लेषक के लिए ध्यान देने योग्य है। हाल ही में निशांत कुमार वृंदावन की गलियों में अपने परिवार के साथ 10 रुपये की ई-रिक्शा में घूमते नजर आए। यह दृश्य आम आदमी जैसा था, जहां कोई सुरक्षा घेरा नहीं था, न ही किसी तरह का वीआईपी प्रोटोकॉल। यह सादगी कई सवाल खड़े करती

Bihar Budget 2026: बिहार विधानसभा में आज बजट पेश होने वाला है. बजट केवल आंकड़ों और घोषणाओं का दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि यह बताएगा कि सरकार आम लोगों की जरूरतों और सपनों को कितनी गंभीरता से समझती है। वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला बिहार बजट 2026 ऐसे समय आ रहा है, जब राज्य के युवा नौकरी की आस में हैं, किसान अपनी आमदनी को लेकर चिंतित हैं और महिलाएं आत्मनिर्भर बनने की राह देख रही हैं। बिहार की जनता के लिए बजट हमेशा उम्मीद और आशंका के बीच का विषय रहा है। इस बार भी नजरें इस

Bihar Budget 2026: बिहार विधानसभा में आज बजट पेश होने वाला है. बजट केवल आंकड़ों और घोषणाओं का दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि यह बताएगा कि सरकार आम लोगों की जरूरतों और सपनों को कितनी गंभीरता से समझती है। वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला बिहार बजट 2026 ऐसे समय आ रहा है, जब राज्य के युवा नौकरी की आस में हैं, किसान अपनी आमदनी को लेकर चिंतित हैं और महिलाएं आत्मनिर्भर बनने की राह देख रही हैं। बिहार की जनता के लिए बजट हमेशा उम्मीद और आशंका के बीच का विषय रहा है। इस बार भी नजरें इस

नीतीश मंत्रिमंडल में नए मंत्रियों का दायित्व ग्रहण नई सरकार की कार्यशैली का आरंभ बिहार की नवनिर्मित सरकार ने अपने कार्यकाल की शुरुआती घड़ी में ही यह संकेत स्पष्ट कर दिया है कि विकास, प्रशासनिक गतिशीलता और जनता से जुड़े मुद्दे मंत्रियों की प्राथमिकताओं में प्रमुख रहेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में गठित इस नई सरकार के मंत्रियों ने सोमवार को अपने-अपने विभागों का कार्यभार ग्रहण करना शुरू कर दिया। पदभार ग्रहण करने वाले मंत्रियों में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन, श्रम संसाधन मंत्री संजय सिंह टाइगर, ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र यादव, पशुपालन मंत्री सुरेंद्र

नीतीश मंत्रिमंडल में नए मंत्रियों का दायित्व ग्रहण नई सरकार की कार्यशैली का आरंभ बिहार की नवनिर्मित सरकार ने अपने कार्यकाल की शुरुआती घड़ी में ही यह संकेत स्पष्ट कर दिया है कि विकास, प्रशासनिक गतिशीलता और जनता से जुड़े मुद्दे मंत्रियों की प्राथमिकताओं में प्रमुख रहेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में गठित इस नई सरकार के मंत्रियों ने सोमवार को अपने-अपने विभागों का कार्यभार ग्रहण करना शुरू कर दिया। पदभार ग्रहण करने वाले मंत्रियों में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन, श्रम संसाधन मंत्री संजय सिंह टाइगर, ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र यादव, पशुपालन मंत्री सुरेंद्र

बिहार मंत्रिमंडल में व्यापक फेरबदल बिहार सरकार ने मंत्रालयों के बड़े बंटवारे की घोषणा कर दी है। इस पुनर्वितरण में राजनीतिक संतुलन, प्रशासनिक दक्षता और आने वाले चुनावी परिदृश्य की झलक साफ दिखाई देती है। इस बार का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि राज्य के इतिहास में पहली बार गृह विभाग भाजपा को मिला है, जिसे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी संभालेंगे। अब तक यह विभाग स्वयं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास रहता था, ऐसे में यह निर्णय राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्राट चौधरी के हाथ में गृह विभाग उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को गृह मंत्रालय सौंपे

बिहार मंत्रिमंडल में व्यापक फेरबदल बिहार सरकार ने मंत्रालयों के बड़े बंटवारे की घोषणा कर दी है। इस पुनर्वितरण में राजनीतिक संतुलन, प्रशासनिक दक्षता और आने वाले चुनावी परिदृश्य की झलक साफ दिखाई देती है। इस बार का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि राज्य के इतिहास में पहली बार गृह विभाग भाजपा को मिला है, जिसे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी संभालेंगे। अब तक यह विभाग स्वयं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास रहता था, ऐसे में यह निर्णय राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्राट चौधरी के हाथ में गृह विभाग उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को गृह मंत्रालय सौंपे

बिहार में नीतीश कुमार के दसवीं बार मुख्यमंत्री बनने के 24 घंटे बाद भी मंत्रिमंडल के 26 मंत्रियों के बीच विभागों और मंत्रालयों के बंटवारे का इंतजार जारी है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के बाद पटना लौट आए हैं। अब मुख्यमंत्री निवास और राजभवन के बीच औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मंत्रियों के विभागों की घोषणा कभी भी हो सकती है। आज शाम तक हो सकती है घोषणा राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, आज शाम तक मंत्रियों के मंत्रालय आवंटन की घोषणा हो सकती है। राज्यपाल के पटना लौटने के बाद

बिहार में नीतीश कुमार के दसवीं बार मुख्यमंत्री बनने के 24 घंटे बाद भी मंत्रिमंडल के 26 मंत्रियों के बीच विभागों और मंत्रालयों के बंटवारे का इंतजार जारी है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के बाद पटना लौट आए हैं। अब मुख्यमंत्री निवास और राजभवन के बीच औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मंत्रियों के विभागों की घोषणा कभी भी हो सकती है। आज शाम तक हो सकती है घोषणा राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, आज शाम तक मंत्रियों के मंत्रालय आवंटन की घोषणा हो सकती है। राज्यपाल के पटना लौटने के बाद

बिहार की नई सरकार ने ली शपथ, नीतीश कुमार दसवीं बार बने मुख्यमंत्री पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में बिहार की नई सरकार ने शपथ ली। राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। यह इस बात का ऐतिहासिक क्षण था कि नीतीश कुमार दसवीं बार मुख्यमंत्री बने और इस समारोह में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मौजूद रहे। समारोह के दौरान राज्यभर से राजनीतिक कार्यकर्ता, समर्थक और प्रमुख हस्तियां एकत्रित हुईं और बिहार की नई राजनीतिक दिशा का स्वागत किया। समारोह में शामिल बड़ी संख्या में पहुंचे दर्शकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस

बिहार की नई सरकार ने ली शपथ, नीतीश कुमार दसवीं बार बने मुख्यमंत्री पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में बिहार की नई सरकार ने शपथ ली। राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। यह इस बात का ऐतिहासिक क्षण था कि नीतीश कुमार दसवीं बार मुख्यमंत्री बने और इस समारोह में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मौजूद रहे। समारोह के दौरान राज्यभर से राजनीतिक कार्यकर्ता, समर्थक और प्रमुख हस्तियां एकत्रित हुईं और बिहार की नई राजनीतिक दिशा का स्वागत किया। समारोह में शामिल बड़ी संख्या में पहुंचे दर्शकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस

राष्ट्रीय स्तर पर दिखा बिहार का राजनीतिक दबदबा बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन इतिहास रचने वाला साबित हुआ, जब जनता दल यूनाइटेड के नेता और एनडीए के वरिष्ठ चेहरा नीतीश कुमार ने गांधी मैदान में दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह शपथग्रहण न केवल बिहार की राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने वाला साबित हुआ, बल्कि पूरे देश के एनडीए शासित राज्यों की एकजुटता और नेतृत्व को भी नए सिरे से परिभाषित करता दिखाई दिया। इस समारोह में देशभर के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री विशेष रूप से शामिल हुए, जिससे स्पष्ट होता है कि बिहार आने वाले राजनीतिक

राष्ट्रीय स्तर पर दिखा बिहार का राजनीतिक दबदबा बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन इतिहास रचने वाला साबित हुआ, जब जनता दल यूनाइटेड के नेता और एनडीए के वरिष्ठ चेहरा नीतीश कुमार ने गांधी मैदान में दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह शपथग्रहण न केवल बिहार की राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने वाला साबित हुआ, बल्कि पूरे देश के एनडीए शासित राज्यों की एकजुटता और नेतृत्व को भी नए सिरे से परिभाषित करता दिखाई दिया। इस समारोह में देशभर के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री विशेष रूप से शामिल हुए, जिससे स्पष्ट होता है कि बिहार आने वाले राजनीतिक

बिहार में सत्ता की नई पटकथा: नीतीश कुमार की वापसी पर जनादेश से आगे राजनीति की गणित पटना के गांधी मैदान ने एक बार फिर इतिहास को दर्ज किया, जब बिहार की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेता नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह उनका दसवां कार्यकाल है, जो उन्हें न केवल राज्य के सबसे बड़े राजनीतिक व्यक्तित्व के रूप में स्थापित करता है, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी उनके प्रभाव और बदलते समीकरणों को उजागर करता है। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति ने इस पूरे घटनाक्रम को एक विशेष राजनीतिक महत्व प्रदान किया,

बिहार में सत्ता की नई पटकथा: नीतीश कुमार की वापसी पर जनादेश से आगे राजनीति की गणित पटना के गांधी मैदान ने एक बार फिर इतिहास को दर्ज किया, जब बिहार की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेता नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह उनका दसवां कार्यकाल है, जो उन्हें न केवल राज्य के सबसे बड़े राजनीतिक व्यक्तित्व के रूप में स्थापित करता है, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी उनके प्रभाव और बदलते समीकरणों को उजागर करता है। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति ने इस पूरे घटनाक्रम को एक विशेष राजनीतिक महत्व प्रदान किया,

बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। यह दसवीं बार है जब नीतीश कुमार राज्य के सर्वोच्च पद पर आसीन हुए हैं। इस अवसर पर हजारों की संख्या में लोग गांधी मैदान पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा जदयू सुप्रीमो नीतीश कुमार की तस्वीरों वाले स्कार्फ और तख्तियां लहराते हुए अपनी खुशी जाहिर की। पीएम मोदी और एनडीए नेताओं की मौजूदगी इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शिरकत की। एनडीए शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी इस

बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। यह दसवीं बार है जब नीतीश कुमार राज्य के सर्वोच्च पद पर आसीन हुए हैं। इस अवसर पर हजारों की संख्या में लोग गांधी मैदान पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा जदयू सुप्रीमो नीतीश कुमार की तस्वीरों वाले स्कार्फ और तख्तियां लहराते हुए अपनी खुशी जाहिर की। पीएम मोदी और एनडीए नेताओं की मौजूदगी इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शिरकत की। एनडीए शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी इस

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को अपना इस्तीफा सौंप दिया और राज्य में अगली एनडीए सरकार बनाने का दावा पेश किया। वह केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और अन्य वरिष्ठ एनडीए नेताओं के साथ राजभवन पहुंचे। कुमार ने अगली सरकार बनाने का दावा करने के लिए आरिफ मोहम्मद खान को 202 नवनिर्वाचित विधायकों की सूची सौंपी। बिहार के राज्यपाल ने उन्हें अगली सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है। विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से चुने गए नीतीश इससे पहले दिन में, बिहार विधानसभा के केंद्रीय कक्ष में

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को अपना इस्तीफा सौंप दिया और राज्य में अगली एनडीए सरकार बनाने का दावा पेश किया। वह केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और अन्य वरिष्ठ एनडीए नेताओं के साथ राजभवन पहुंचे। कुमार ने अगली सरकार बनाने का दावा करने के लिए आरिफ मोहम्मद खान को 202 नवनिर्वाचित विधायकों की सूची सौंपी। बिहार के राज्यपाल ने उन्हें अगली सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है। विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से चुने गए नीतीश इससे पहले दिन में, बिहार विधानसभा के केंद्रीय कक्ष में

नितीश कुमार का दसवां कार्यकाल: बिहार राजनीति में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर पटना – बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय लिखने के लिए तैयार है। 19 नवंबर को पटना में जनता दल (यूनाइटेड) की विधायक दल की बैठक में नितीश कुमार को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया है। यह निर्णय इस बात को पुष्ट करता है कि नितीश कुमार कल यानी 20 नवंबर को ऐतिहासिक गांधी मैदान में मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। यह समय बिहार के राजनीतिक इतिहास में विशेष महत्व रखता है। नितीश कुमार का यह दसवां कार्यकाल एक असाधारण उपलब्धि

नितीश कुमार का दसवां कार्यकाल: बिहार राजनीति में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर पटना – बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय लिखने के लिए तैयार है। 19 नवंबर को पटना में जनता दल (यूनाइटेड) की विधायक दल की बैठक में नितीश कुमार को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया है। यह निर्णय इस बात को पुष्ट करता है कि नितीश कुमार कल यानी 20 नवंबर को ऐतिहासिक गांधी मैदान में मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। यह समय बिहार के राजनीतिक इतिहास में विशेष महत्व रखता है। नितीश कुमार का यह दसवां कार्यकाल एक असाधारण उपलब्धि

एनडीए की ऐतिहासिक विजय और परिवार के भावुक पल का मिलन Nitish Kumar’s Son: बिहार विधानसभा चुनावों में एनडीए की शानदार जीत के बाद एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने राजनीति के खुरदुरेपन को पल भर के लिए पिघला दिया। पिता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बेटे निशांत कुमार के बीच के इस भावुक क्षण की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। यह तस्वीर केवल एक चुनावी जीत का प्रतीक नहीं है, बल्कि इसमें एक परिवार के सपनों, संघर्षों और जीवन के उतार-चढ़ाव की पूरी कहानी बयां है। राजनीति अक्सर कड़वे शब्दों, आरोपों और सत्ता के लिए की

एनडीए की ऐतिहासिक विजय और परिवार के भावुक पल का मिलन Nitish Kumar’s Son: बिहार विधानसभा चुनावों में एनडीए की शानदार जीत के बाद एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने राजनीति के खुरदुरेपन को पल भर के लिए पिघला दिया। पिता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बेटे निशांत कुमार के बीच के इस भावुक क्षण की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। यह तस्वीर केवल एक चुनावी जीत का प्रतीक नहीं है, बल्कि इसमें एक परिवार के सपनों, संघर्षों और जीवन के उतार-चढ़ाव की पूरी कहानी बयां है। राजनीति अक्सर कड़वे शब्दों, आरोपों और सत्ता के लिए की

बिहार की राजनीति में पिछले दो दशकों से नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी की जोड़ी ने जो राजनीतिक समीकरण बनाया था, वह केवल सत्ता-साझेदारी तक सीमित नहीं था। यह एक ऐसा राजनीतिक तालमेल था जिसने प्रशासनिक स्थिरता, विकास की धारणा और गठबंधन धर्म को एक नई परिभाषा दी। लेकिन 13 मई 2024 को सुशील कुमार मोदी के निधन के साथ बिहार की राजनीति में एक बड़ा रिक्त स्थान बन गया। यह केवल एक वरिष्ठ नेता का जाना नहीं था, बल्कि भाजपा और जनता दल यूनाइटेड के बीच एक अनुभवी सेतु की अनुपस्थिति थी, जिसका असर 2025 के विधानसभा चुनावों

बिहार की राजनीति में पिछले दो दशकों से नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी की जोड़ी ने जो राजनीतिक समीकरण बनाया था, वह केवल सत्ता-साझेदारी तक सीमित नहीं था। यह एक ऐसा राजनीतिक तालमेल था जिसने प्रशासनिक स्थिरता, विकास की धारणा और गठबंधन धर्म को एक नई परिभाषा दी। लेकिन 13 मई 2024 को सुशील कुमार मोदी के निधन के साथ बिहार की राजनीति में एक बड़ा रिक्त स्थान बन गया। यह केवल एक वरिष्ठ नेता का जाना नहीं था, बल्कि भाजपा और जनता दल यूनाइटेड के बीच एक अनुभवी सेतु की अनुपस्थिति थी, जिसका असर 2025 के विधानसभा चुनावों

बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम 14 नवंबर को आने वाले हैं और अधिकांश एग्जिट पोल राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की जीत का संकेत दे रहे हैं। लेकिन इन सकारात्मक अनुमानों के बीच एक आंकड़ा एनडीए शिविर में बेचैनी का कारण बन गया है। यह आंकड़ा है बिहार में हुआ रिकॉर्ड तोड़ मतदान। इस बार राज्य में 66.91 प्रतिशत मतदान हुआ है जो 1952 के बाद से अब तक का सबसे अधिक है। बिहार के चुनावी इतिहास में ऐसे कई उदाहरण हैं जब बढ़े हुए मतदान ने सत्ता परिवर्तन का संकेत दिया है। आइए समझते हैं कि एनडीए को इस बढ़े हुए

बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम 14 नवंबर को आने वाले हैं और अधिकांश एग्जिट पोल राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की जीत का संकेत दे रहे हैं। लेकिन इन सकारात्मक अनुमानों के बीच एक आंकड़ा एनडीए शिविर में बेचैनी का कारण बन गया है। यह आंकड़ा है बिहार में हुआ रिकॉर्ड तोड़ मतदान। इस बार राज्य में 66.91 प्रतिशत मतदान हुआ है जो 1952 के बाद से अब तक का सबसे अधिक है। बिहार के चुनावी इतिहास में ऐसे कई उदाहरण हैं जब बढ़े हुए मतदान ने सत्ता परिवर्तन का संकेत दिया है। आइए समझते हैं कि एनडीए को इस बढ़े हुए

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: पहले चरण के मतदान में नेताओं की अपील, मतदाताओं में उत्साह Bihar Elections 2025: पटना,बिहार में लोकतंत्र के पर्व का पहला चरण आज उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। 121 विधानसभा सीटों पर हो रहे मतदान में लगभग 3.75 करोड़ मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं और 1,314 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला आज ईवीएम में बंद हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले चरण के मतदान के अवसर पर राज्यवासियों से अपील की कि वे पूरे उत्साह के साथ मतदान करें।उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: पहले चरण के मतदान में नेताओं की अपील, मतदाताओं में उत्साह Bihar Elections 2025: पटना,बिहार में लोकतंत्र के पर्व का पहला चरण आज उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। 121 विधानसभा सीटों पर हो रहे मतदान में लगभग 3.75 करोड़ मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं और 1,314 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला आज ईवीएम में बंद हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले चरण के मतदान के अवसर पर राज्यवासियों से अपील की कि वे पूरे उत्साह के साथ मतदान करें।उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा

मुख्य खबर: बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनडीए प्रत्याशी और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समर्थन में मुंगेर जिले के तारापुर विधानसभा क्षेत्र में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। जनसभा में मुख्यमंत्री ने जनता से भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की अपील की और एनडीए सरकार की विकास योजनाओं को गिनाया। राजद शासन पर सीएम का हमला नीतीश कुमार ने अपने भाषण में राजद शासनकाल पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि “2007 से हमारी सरकार ने राज्य के मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया है। मंदिरों की घेराबंदी करवाई गई। राजद

मुख्य खबर: बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनडीए प्रत्याशी और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समर्थन में मुंगेर जिले के तारापुर विधानसभा क्षेत्र में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। जनसभा में मुख्यमंत्री ने जनता से भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की अपील की और एनडीए सरकार की विकास योजनाओं को गिनाया। राजद शासन पर सीएम का हमला नीतीश कुमार ने अपने भाषण में राजद शासनकाल पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि “2007 से हमारी सरकार ने राज्य के मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया है। मंदिरों की घेराबंदी करवाई गई। राजद

Bihar Assembly Elections: नीतीश कुमार का जनता के नाम भावनात्मक संदेश बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज राज्य की जनता को संबोधित करते हुए एक भावनात्मक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “अब बिहारी कहलाना अपमान नहीं, बल्कि सम्मान की बात है।” नीतीश कुमार ने अपने भाषण में बताया कि बिहार ने पिछले वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है और यह परिवर्तन जनता के सहयोग से संभव हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले “बिहारी” शब्द को लेकर समाज में उपहास का माहौल था, लेकिन आज बिहार के लोग हर क्षेत्र में अग्रणी हैं — चाहे शिक्षा हो, प्रशासन, या

Bihar Assembly Elections: नीतीश कुमार का जनता के नाम भावनात्मक संदेश बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज राज्य की जनता को संबोधित करते हुए एक भावनात्मक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “अब बिहारी कहलाना अपमान नहीं, बल्कि सम्मान की बात है।” नीतीश कुमार ने अपने भाषण में बताया कि बिहार ने पिछले वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है और यह परिवर्तन जनता के सहयोग से संभव हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले “बिहारी” शब्द को लेकर समाज में उपहास का माहौल था, लेकिन आज बिहार के लोग हर क्षेत्र में अग्रणी हैं — चाहे शिक्षा हो, प्रशासन, या

नीतीश कुमार का जीवन परिचय नीतीश कुमार भारतीय राजनीति के उन नेताओं में से हैं जिन्होंने अपने कार्यकाल और नीतियों के माध्यम से एक राज्य की दशा और दिशा बदल दी। वे न केवल बिहार के लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे हैं, बल्कि अपने प्रशासनिक कौशल, विकास की दृष्टि और सुशासन की नीति के कारण उन्हें “सुशासन बाबू” के नाम से भी जाना जाता है। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा नीतीश कुमार का जन्म 1 मार्च 1951 को बिहार के बख्तियारपुर (पटना) में हुआ था। उनके पिता कविराज रामलखन सिंह एक आयुर्वेदिक चिकित्सक थे और माता पार्वती देवी गृहिणी थीं।नीतीश कुमार

नीतीश कुमार का जीवन परिचय नीतीश कुमार भारतीय राजनीति के उन नेताओं में से हैं जिन्होंने अपने कार्यकाल और नीतियों के माध्यम से एक राज्य की दशा और दिशा बदल दी। वे न केवल बिहार के लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे हैं, बल्कि अपने प्रशासनिक कौशल, विकास की दृष्टि और सुशासन की नीति के कारण उन्हें “सुशासन बाबू” के नाम से भी जाना जाता है। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा नीतीश कुमार का जन्म 1 मार्च 1951 को बिहार के बख्तियारपुर (पटना) में हुआ था। उनके पिता कविराज रामलखन सिंह एक आयुर्वेदिक चिकित्सक थे और माता पार्वती देवी गृहिणी थीं।नीतीश कुमार

पहले चरण के चुनाव से पहले सियासत गरमाई बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान से पहले राज्य की सियासत मुस्लिम वोटों को लेकर तीखी हो गई है। राजद और जदयू दोनों दल सीमांचल के उन जिलों पर फोकस कर रहे हैं, जहां मुस्लिम वोटरों की संख्या निर्णायक है।तेजस्वी यादव ने वक्फ कानून संशोधन को मुद्दा बनाकर मुस्लिम समुदाय का समर्थन पाने की कोशिश तेज कर दी है। उन्होंने कहा है कि अगर उनकी सरकार बनती है तो वह इस कानून में किए गए संशोधन को रद्द करेंगे। जदयू का पलटवार, कानून को ‘डस्टबिन’ में फेंकने पर आपत्ति

पहले चरण के चुनाव से पहले सियासत गरमाई बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान से पहले राज्य की सियासत मुस्लिम वोटों को लेकर तीखी हो गई है। राजद और जदयू दोनों दल सीमांचल के उन जिलों पर फोकस कर रहे हैं, जहां मुस्लिम वोटरों की संख्या निर्णायक है।तेजस्वी यादव ने वक्फ कानून संशोधन को मुद्दा बनाकर मुस्लिम समुदाय का समर्थन पाने की कोशिश तेज कर दी है। उन्होंने कहा है कि अगर उनकी सरकार बनती है तो वह इस कानून में किए गए संशोधन को रद्द करेंगे। जदयू का पलटवार, कानून को ‘डस्टबिन’ में फेंकने पर आपत्ति

बिहार के युवाओं की आवाज़: राहुल गांधी का सरकार पर तीखा प्रहार कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को केंद्र की मोदी सरकार और बिहार की नीतीश कुमार सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इन दोनों की “डबल इंजन सरकार” ने बिहार के युवाओं की आकांक्षाओं का गला घोंट दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 20 वर्षों में बिहार को हर विकास सूचकांक पर नीचे धकेल दिया गया है और युवाओं को बेरोज़गारी और निराशा के सिवा कुछ नहीं मिला। राहुल गांधी ने यह बयान अपने ‘एक्स (X)’ पोस्ट के माध्यम से दिया, जिसमें उन्होंने बिहार के

बिहार के युवाओं की आवाज़: राहुल गांधी का सरकार पर तीखा प्रहार कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को केंद्र की मोदी सरकार और बिहार की नीतीश कुमार सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इन दोनों की “डबल इंजन सरकार” ने बिहार के युवाओं की आकांक्षाओं का गला घोंट दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 20 वर्षों में बिहार को हर विकास सूचकांक पर नीचे धकेल दिया गया है और युवाओं को बेरोज़गारी और निराशा के सिवा कुछ नहीं मिला। राहुल गांधी ने यह बयान अपने ‘एक्स (X)’ पोस्ट के माध्यम से दिया, जिसमें उन्होंने बिहार के

नीतीश कुमार ने दिखाई सख्ती, जदयू ने जारी की 110 सदस्यों की नई चुनावी टीम बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए जनता दल (यूनाइटेड) ने रविवार को अपनी दूसरी अभियान समिति सूची जारी की, जिसमें 110 नए नाम शामिल किए गए हैं। यह कदम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में पार्टी की चुनावी रणनीति को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के निर्देश पर जारी इस सूची में पार्टी के विभिन्न पदाधिकारियों और सभी विधानसभा क्षेत्रों के सक्रिय कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है। इससे पहले जदयू ने 90 सदस्यों

नीतीश कुमार ने दिखाई सख्ती, जदयू ने जारी की 110 सदस्यों की नई चुनावी टीम बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए जनता दल (यूनाइटेड) ने रविवार को अपनी दूसरी अभियान समिति सूची जारी की, जिसमें 110 नए नाम शामिल किए गए हैं। यह कदम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में पार्टी की चुनावी रणनीति को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के निर्देश पर जारी इस सूची में पार्टी के विभिन्न पदाधिकारियों और सभी विधानसभा क्षेत्रों के सक्रिय कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है। इससे पहले जदयू ने 90 सदस्यों

छठ पर्व के अवसर पर नीतीश-चिराग की मुलाकात बनी सियासी चर्चा का केंद्र आकाश श्रीवास्तव, पटना। बिहार की राजनीति में रविवार का दिन बेहद खास रहा जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान एक ही मंच पर दिखाई दिए।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज चिराग पासवान के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने खरना प्रसाद ग्रहण किया और छठ महापर्व की शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं की यह मुलाकात न केवल सौहार्द का प्रतीक बनी बल्कि चुनावी माहौल के बीच राजनीतिक हलचल भी पैदा कर गई। सादगी और सम्मान का मिला संगम नीतीश कुमार ने

छठ पर्व के अवसर पर नीतीश-चिराग की मुलाकात बनी सियासी चर्चा का केंद्र आकाश श्रीवास्तव, पटना। बिहार की राजनीति में रविवार का दिन बेहद खास रहा जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान एक ही मंच पर दिखाई दिए।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज चिराग पासवान के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने खरना प्रसाद ग्रहण किया और छठ महापर्व की शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं की यह मुलाकात न केवल सौहार्द का प्रतीक बनी बल्कि चुनावी माहौल के बीच राजनीतिक हलचल भी पैदा कर गई। सादगी और सम्मान का मिला संगम नीतीश कुमार ने

बिहार चुनाव 2025: एआई वीडियो विवाद से बढ़ा चुनावी तापमान पटना। बिहार में विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण के करीब आते ही चुनावी राजनीति और गरमाई हुई है। शनिवार को भाजपा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया कि राजद नेता तेजस्वी यादव ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज से एआई जनरेटेड वीडियो प्रसारित किया है। इस वीडियो में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को कथित तौर पर अमर्यादित रूप में दिखाया गया, जिससे मतदाताओं को गुमराह करने और चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की गई। फेसबुक पोस्ट और डीपफेक वीडियो का आरोप भाजपा

बिहार चुनाव 2025: एआई वीडियो विवाद से बढ़ा चुनावी तापमान पटना। बिहार में विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण के करीब आते ही चुनावी राजनीति और गरमाई हुई है। शनिवार को भाजपा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया कि राजद नेता तेजस्वी यादव ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज से एआई जनरेटेड वीडियो प्रसारित किया है। इस वीडियो में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को कथित तौर पर अमर्यादित रूप में दिखाया गया, जिससे मतदाताओं को गुमराह करने और चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की गई। फेसबुक पोस्ट और डीपफेक वीडियो का आरोप भाजपा

तेजस्वी यादव का तीखा आरोप दरभंगा से प्रकाशित इस समाचार में नेता प्रतिपक्ष और राजद अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी अधिकांश योजनाएं केवल घोषणाओं की फोटोकॉपी हैं। तेजस्वी यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नीतीश सरकार जनता को गुमराह कर रही है और उनके शासन में भ्रष्टाचार और अपराध चरम पर हैं। दवाई, कमाई और पढ़ाई चौपट केवटी (दरभंगा) में विधानसभा नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार में दवाई, कमाई और पढ़ाई पूरी तरह चौपट हो गई है। उन्होंने कहा कि आज

तेजस्वी यादव का तीखा आरोप दरभंगा से प्रकाशित इस समाचार में नेता प्रतिपक्ष और राजद अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी अधिकांश योजनाएं केवल घोषणाओं की फोटोकॉपी हैं। तेजस्वी यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नीतीश सरकार जनता को गुमराह कर रही है और उनके शासन में भ्रष्टाचार और अपराध चरम पर हैं। दवाई, कमाई और पढ़ाई चौपट केवटी (दरभंगा) में विधानसभा नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार में दवाई, कमाई और पढ़ाई पूरी तरह चौपट हो गई है। उन्होंने कहा कि आज

समस्तीपुर की धरती से पीएम मोदी का संदेश — “नीतीश बाबू के नेतृत्व में एनडीए समृद्धि देगा” समस्तीपुर के ऐतिहासिक मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार की वर्तमान राजनीतिक तस्वीर पर मजबूत दलीलें रखीं और जनता को आश्वस्त किया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में सुशासन ने राज्य को विकास की दिशा में अग्रसर किया है। जननायक कर्पूरी ठाकुर की धरती का स्मरण कराते हुए उन्होंने कहा कि यही भूमि सामाजिक न्याय और जनसेवा का प्रतीक रही है और आज भी लोगों का उत्साह बताता है कि एनडीए के साथ बिहार तेज़ी से आगे बढ़ेगा। समस्तीपुर/मुजफ्फरपुर के डिजिटल डेस्क

समस्तीपुर की धरती से पीएम मोदी का संदेश — “नीतीश बाबू के नेतृत्व में एनडीए समृद्धि देगा” समस्तीपुर के ऐतिहासिक मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार की वर्तमान राजनीतिक तस्वीर पर मजबूत दलीलें रखीं और जनता को आश्वस्त किया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में सुशासन ने राज्य को विकास की दिशा में अग्रसर किया है। जननायक कर्पूरी ठाकुर की धरती का स्मरण कराते हुए उन्होंने कहा कि यही भूमि सामाजिक न्याय और जनसेवा का प्रतीक रही है और आज भी लोगों का उत्साह बताता है कि एनडीए के साथ बिहार तेज़ी से आगे बढ़ेगा। समस्तीपुर/मुजफ्फरपुर के डिजिटल डेस्क

एनडीए ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपनी रणनीति का फोकस उन 45 सीटों पर रखा है, जहां 2020 के चुनाव में जीत और हार का अंतर बेहद कम रहा था। इन सीटों में से कई पर अंतर 1000 वोटों से भी कम था, जबकि कुछ सीटों पर यह अंतर केवल कुछ दर्जन मतों का था। हज़ार से कम वोटों से जीतने और हारने वाले प्रत्याशी साल 2020 में एनडीए के कई प्रत्याशी बहुत मामूली अंतर से चुनाव जीते या हारे। उदाहरण के लिए, नालंदा जिले के हिलसा विधानसभा क्षेत्र में जदयू प्रत्याशी कृष्ण मुरारी शरण मात्र 12 वोटों

एनडीए ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपनी रणनीति का फोकस उन 45 सीटों पर रखा है, जहां 2020 के चुनाव में जीत और हार का अंतर बेहद कम रहा था। इन सीटों में से कई पर अंतर 1000 वोटों से भी कम था, जबकि कुछ सीटों पर यह अंतर केवल कुछ दर्जन मतों का था। हज़ार से कम वोटों से जीतने और हारने वाले प्रत्याशी साल 2020 में एनडीए के कई प्रत्याशी बहुत मामूली अंतर से चुनाव जीते या हारे। उदाहरण के लिए, नालंदा जिले के हिलसा विधानसभा क्षेत्र में जदयू प्रत्याशी कृष्ण मुरारी शरण मात्र 12 वोटों

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लालू परिवार पर साधा निशाना मुजफ्फरपुर। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में कांटी हाई स्कूल में एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित एक चुनावी सभा में लालू परिवार की राजनीति पर करारा हमला किया। उन्होंने कहा कि लालू परिवार सत्ता में रहते हुए केवल अपने परिवार का विकास करता रहा, जबकि समाज और जनता की भलाई की ओर उनका ध्यान कभी नहीं गया। मुख्यमंत्री ने सभा में उपस्थित जनता को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि उनकी सरकार ने राज्य में शांति, विकास और रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार किए हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लालू परिवार पर साधा निशाना मुजफ्फरपुर। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में कांटी हाई स्कूल में एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित एक चुनावी सभा में लालू परिवार की राजनीति पर करारा हमला किया। उन्होंने कहा कि लालू परिवार सत्ता में रहते हुए केवल अपने परिवार का विकास करता रहा, जबकि समाज और जनता की भलाई की ओर उनका ध्यान कभी नहीं गया। मुख्यमंत्री ने सभा में उपस्थित जनता को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि उनकी सरकार ने राज्य में शांति, विकास और रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार किए हैं।

अमौर विधानसभा का टिकट ड्रामा पूर्णिया जिले के अमौर विधानसभा क्षेत्र में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के टिकट को लेकर इस बार हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। पहले एनडीए ने पूर्व विधायक सबा जफर को प्रत्याशी घोषित किया। इसके बाद पार्टी ने पूर्व राज्यसभा सदस्य साबिर अली को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। शनिवार को तेज हुई इस घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। रविवार को बिहार सरकार की मंत्री लेशी सिंह की पहल और प्रदेश महासचिव चंदन सिंह की उपस्थिति में पार्टी ने स्थिति को स्पष्ट किया। अंततः सबा जफर को ही अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया गया,

अमौर विधानसभा का टिकट ड्रामा पूर्णिया जिले के अमौर विधानसभा क्षेत्र में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के टिकट को लेकर इस बार हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। पहले एनडीए ने पूर्व विधायक सबा जफर को प्रत्याशी घोषित किया। इसके बाद पार्टी ने पूर्व राज्यसभा सदस्य साबिर अली को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। शनिवार को तेज हुई इस घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। रविवार को बिहार सरकार की मंत्री लेशी सिंह की पहल और प्रदेश महासचिव चंदन सिंह की उपस्थिति में पार्टी ने स्थिति को स्पष्ट किया। अंततः सबा जफर को ही अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया गया,

मुख्य समाचार जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपनी स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ-साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और युवा कार्यकर्ता शामिल हैं। पार्टी ने इस बार रणनीतिक दृष्टि से विभिन्न क्षेत्रों से नेताओं और कार्यकर्ताओं को स्टार प्रचारक बनाया है ताकि चुनाव प्रचार में गति और प्रभाव बढ़ाया जा सके। जदयू के स्टार प्रचारकों की प्रमुख सूची जदयू ने कुल 40 नेताओं को स्टार प्रचारक बनाया है। इनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री राजीव

मुख्य समाचार जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपनी स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ-साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और युवा कार्यकर्ता शामिल हैं। पार्टी ने इस बार रणनीतिक दृष्टि से विभिन्न क्षेत्रों से नेताओं और कार्यकर्ताओं को स्टार प्रचारक बनाया है ताकि चुनाव प्रचार में गति और प्रभाव बढ़ाया जा सके। जदयू के स्टार प्रचारकों की प्रमुख सूची जदयू ने कुल 40 नेताओं को स्टार प्रचारक बनाया है। इनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री राजीव

बिहार चुनाव 2025: एनडीए में एकजुटता, महागठबंधन में असमंजस डिजिटल डेस्क, पटना।बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के नामांकन का आज आखिरी दिन है। इस बीच एनडीए ने अपने प्रचार अभियान को और तेज कर दिया है, जबकि महागठबंधन में अब भी सीट बंटवारे पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। “नीतीश कुमार ही होंगे मुख्यमंत्री” — केशव प्रसाद मौर्य उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को कहा कि “बिहार में 2006 दोहराने की ओर हम बढ़ गए हैं। NDA नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव जीतने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही होंगे।”उन्होंने कहा कि बिहार

बिहार चुनाव 2025: एनडीए में एकजुटता, महागठबंधन में असमंजस डिजिटल डेस्क, पटना।बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के नामांकन का आज आखिरी दिन है। इस बीच एनडीए ने अपने प्रचार अभियान को और तेज कर दिया है, जबकि महागठबंधन में अब भी सीट बंटवारे पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। “नीतीश कुमार ही होंगे मुख्यमंत्री” — केशव प्रसाद मौर्य उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को कहा कि “बिहार में 2006 दोहराने की ओर हम बढ़ गए हैं। NDA नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव जीतने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही होंगे।”उन्होंने कहा कि बिहार

जदयू ने 101 सीटों पर उतारे प्रत्याशी, सामाजिक संतुलन पर बड़ा दांव पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र जनता दल (यूनाइटेड) ने अपने कोटे की सभी 101 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में तैयार की गई यह सूची पूरी तरह से सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति पर आधारित है।जदयू ने इस बार विशेष रूप से पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए टिकट वितरण किया है, साथ ही सवर्ण समाज की हिस्सेदारी को भी संतुलित रखा गया है। सबसे ज्यादा टिकट पिछड़ा वर्ग को, कुल 37

जदयू ने 101 सीटों पर उतारे प्रत्याशी, सामाजिक संतुलन पर बड़ा दांव पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र जनता दल (यूनाइटेड) ने अपने कोटे की सभी 101 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में तैयार की गई यह सूची पूरी तरह से सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति पर आधारित है।जदयू ने इस बार विशेष रूप से पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए टिकट वितरण किया है, साथ ही सवर्ण समाज की हिस्सेदारी को भी संतुलित रखा गया है। सबसे ज्यादा टिकट पिछड़ा वर्ग को, कुल 37

पूर्व मंत्री खुर्शीद आलम का इस्तीफा: राजनीतिक परिदृश्य में नया मोड़ बिहार की राजनीति में बुधवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया जब पूर्व मंत्री खुर्शीद आलम उर्फ़ फिरोज़ अहमद ने जनता दल (यू) की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की। पुष्करपुर स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने यह ऐतिहासिक निर्णय सार्वजनिक किया। खुर्शीद आलम ने अपने इस्तीफे के पत्र में स्पष्ट किया कि उन्होंने पार्टी में रहते हुए कई वर्षों तक मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम किया और गहरे संबंध बनाए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि

पूर्व मंत्री खुर्शीद आलम का इस्तीफा: राजनीतिक परिदृश्य में नया मोड़ बिहार की राजनीति में बुधवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया जब पूर्व मंत्री खुर्शीद आलम उर्फ़ फिरोज़ अहमद ने जनता दल (यू) की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की। पुष्करपुर स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने यह ऐतिहासिक निर्णय सार्वजनिक किया। खुर्शीद आलम ने अपने इस्तीफे के पत्र में स्पष्ट किया कि उन्होंने पार्टी में रहते हुए कई वर्षों तक मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम किया और गहरे संबंध बनाए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि